उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल 'बटेश्वर कॉरिडोर' के निर्माण कार्य को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और शिकायतकर्ताओं को धमकाने के आरोप लगाए हैं, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए विपक्ष से सबूत पेश करने की चुनौती दी है.
समाजवादी पार्टी ने बटेश्वर कॉरिडोर के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए एक वीडियो जारी किया है. पार्टी का दावा है कि बिना उचित बेस तैयार किए मिट्टी पर पीसीसी डाली जा रही है और घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है. सपा ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि शिकायत करने वालों को कार्रवाई के बजाय धमकाया जा रहा है.
कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा है. कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि सरकार में पहले भ्रष्टाचार होता है और फिर शिकायत करने वालों पर दबाव बनाया जाता है. उन्होंने बटेश्वर कॉरिडोर, राम मंदिर, कथित चंदा हेराफेरी और अन्य परियोजनाओं का जिक्र करते हुए पारदर्शी जांच की मांग की.
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भाजपा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. भाजपा नेता आलोक अवस्थी ने कहा कि हर बड़ी विकास परियोजना पर समाजवादी पार्टी बिना जांच के भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है. उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास ठोस सबूत हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों के सामने पेश करना चाहिए. भाजपा ने विपक्ष पर राजनीतिक आरोपों के जरिए विकास कार्यों को बदनाम करने का आरोप लगाया.
क्या है बटेश्वर कॉरिडोर?
बटेश्वर कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में स्थित बटेश्वर धाम के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी परियोजना है. बटेश्वर यमुना नदी के किनारे स्थित प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल है, जहां भगवान शिव को समर्पित 101 मंदिरों की श्रृंखला है. यहां हर साल प्रसिद्ध बटेश्वर पशु मेला भी आयोजित होता है. कॉरिडोर और इससे जुड़े विकास कार्यों का उद्देश्य धाम का सौंदर्यीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है.
आशीष श्रीवास्तव