उत्तर प्रदेश के बस्ती में खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां विवेचना के नाम पर रिश्वत मांगने और 50 हजार रुपये लेने के आरोपों से घिरे एक दारोगा का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने आरोपी विवेचक सुरेंद्र यादव को सस्पेंड कर दिया है.
मामला जमीन विवाद से जुड़े एक मुकदमे की विवेचना का बताया जा रहा है. पीड़ित अब्दुल मन्नान ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर दारोगा सुरेंद्र यादव पर रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं. मन्नान के मुताबिक, उन्होंने मुकदमे से जुड़े साक्ष्य और जरूरी तथ्य विवेचक को उपलब्ध करा दिए थे, इसके बावजूद उनसे पैसों की मांग की जा रही थी.
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पीड़ित का आरोप है कि दरोगा पिछले करीब पांच महीनों से उन्हें लगातार पैसों के लिए परेशान कर रहे थे. जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया तो विवेचना रोकने और जेल भेजने की धमकी दी गई. कथित दबाव के चलते वह मानसिक रूप से परेशान हो गए. इसके बाद उन्होंने एसपी से शिकायत कर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई.
रिश्वत लेते वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
इस मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब दारोगा का कथित तौर पर 50 हजार रुपये लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई. वहीं, यह मामला आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया.
देखें वीडियो...
वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों पर दारोगा सुरेंद्र यादव का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क किया गया. उनसे सवाल पूछे जाने पर वह कथित तौर पर नाराज हो गए और फोन काट दिया. इसके बाद उनका पक्ष सामने नहीं आ सका.
एसपी ने किया निलंबित, निष्पक्ष जांच का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी बस्ती ओमवीर सिंह ने आरोपी दारोगा सुरेंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. एसपी ने बताया कि दो पक्षों के बीच विवाद से जुड़े मामले में दरोगा एक पक्ष से रिश्वत ले रहा था. इसी वजह से उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है.
एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की गई है. हालांकि, पूरे प्रकरण में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. वीडियो सामने आने के बाद अब पीड़ित अब्दुल मन्नान की शिकायत की भी निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी.
फिलहाल, बस्ती में यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा में है. पीड़ित को अब मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने का इंतजार है.
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