बरेली: खुद को IAS बताती थीं दो बहनें, कभी SDM तो कभी ADM बनकर बेरोजगारों को ठगा, 'लेडी नटवरलाल' गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने खुद को फर्जी प्रशासनिक अधिकारी बताने वाली दो बहनों को गिरफ्तार किया है. ये महिलाएं कभी आईएएस तो कभी एडीएम एफआर बनकर युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देती थीं. सचिवालय में सेटिंग बताकर इन्होंने लाखों रुपये की ठगी की है.

Advertisement
सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो

कृष्ण गोपाल राज

  • बरेली ,
  • 28 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:02 PM IST

Uttar Pradesh News: बरेली के थाना बारादरी पुलिस ने फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वाली दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया है. इनमें से मुख्य आरोपी विप्रा मिश्रा खुद को गजरौला में तैनात एडीएम एफआर (ADM FR) बताती थी, जबकि उसकी बहन शिखा भी इस खेल में शामिल थी. 

इन दोनों ने मिलकर बरेली और आसपास के इलाकों में कई युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये का चूना लगाया. पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों को पकड़ा. बारादरी थाना अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने फोन पर बताया कि महिलाओं के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

Advertisement

सचिवालय में रसूख और फर्जी पद का रौब

ग्रीन पार्क निवासी विप्रा मिश्रा बड़ी ही चालाकी से लोगों को अपने जाल में फंसाती थी. वह पहले खुद को सचिवालय से जुड़ा बताती और फिर गजरौला में एडीएम एफआर पद पर अपनी तैनाती का दावा कर लोगों पर धौंस जमाती थी. 

वह युवाओं से दोस्ती कर उन्हें यह भरोसा दिलाती थी कि उसकी पहुंच बहुत ऊपर तक है और वह किसी को भी सरकारी विभाग में फिट करवा सकती है. उसकी बातों में आकर बेरोजगार युवक अपनी मेहनत की कमाई उसे सौंप देते थे.

कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के नाम पर 5 लाख की ठगी

ठगी का शिकार हुए किला थाना क्षेत्र के मलूकपुर निवासी मुसाहिद ने बताया कि विप्रा ने उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर की सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था. इसके बदले उसने मुसाहिद से अलग-अलग किस्तों में कुल 5 लाख 21 हजार रुपये ऐंठ लिए. जब महीनों बीत जाने के बाद भी मुसाहिद को नियुक्ति पत्र नहीं मिला और विप्रा बहाने बनाने लगी, तब उसे शक हुआ. जांच करने पर पता चला कि विप्रा कोई अधिकारी नहीं बल्कि एक जालसाज है.

Advertisement

दोनों बहनें मिलकर चलाती थीं ठगी का नेक्सस

पुलिस जांच में सामने आया है कि विप्रा की बहन शिखा भी इस गिरोह का हिस्सा थी. दोनों बहनें मिलकर पीड़ितों को अपनी फर्जी पहचान के जरिए डराती-धमकाती भी थीं. उन्होंने खुद को कभी आईएएस तो कभी एसडीएम बताकर कई लोगों को निशाना बनाया है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन दोनों ने अब तक कुल कितने लोगों से कितनी रकम ठगी है. फिलहाल दोनों आरोपी बहनें पुलिस की गिरफ्त में हैं और आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement