उत्तर प्रदेश के बांदा में एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई. मृतक की पहचान थाना फतेहगंज के करमाडाडी के रहने वाला आशीष पुत्र रमेश के रूप में हुई है. मौत से पहले युवक का एक वीडियो सामने आया है, जबकि उसके पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. इनमें उसने कथित तौर पर दुष्कर्म के मामले में जबरन फंसाने और ब्लैकमेल किए जाने के आरोप लगाए हैं. वहीं, उसकी बहन ने आरोप लगाया कि उससे 4.5 लाख रुपये मांगे जा रहे थे और पैसे नहीं देने पर एससी-एसटी एक्ट में जेल भिजवाने की धमकी दी गई थी.
पुलिस के मुताबिक, बांदा-प्रयागराज रेल मार्ग पर एक व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव पड़े होने की सूचना मिली थी. रेलवे स्टेशन बदौसा से सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पहचान होने पर परिजनों को घटना की जानकारी दी गई. मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट और वीडियो को भी जांच के लिए संज्ञान में लिया गया है.
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जानकारी के मुताबिक, गांव की एक युवती ने आशीष के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की थी. इसके बाद पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया था. बताया जा रहा है कि आशीष ने अगले दिन आने की बात कही थी, लेकिन उससे पहले ही उसने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी. घटना के बाद परिजनों ने युवती, उसके माता-पिता और गांव की पंचायत मित्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस ने शिकायत के आधार पर चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
सुसाइड नोट में लिखा- मेरी मौत के जिम्मेदार होंगे ये लोग
मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में कथित तौर पर लिखा है कि उसे दुष्कर्म के मामले में जबरन फंसाया जा रहा है. उसने दावा किया कि जिस दिन की घटना बताई जा रही है, उस दिन वह वहां मौजूद नहीं था, बल्कि अपने मामा के घर गया हुआ था. नोट में उसने अपने मोबाइल नंबर की लोकेशन की जांच कराने की मांग की है, ताकि उसकी मौजूदगी का पता चल सके.
सुसाइड नोट में युवक ने कथित ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए अपनी मौत के लिए युवती और उसके परिवार को जिम्मेदार ठहराया. उसने यह भी लिखा कि उसकी मौत के बाद मामले की सही तरीके से जांच की जाए और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो. हालांकि, सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस इन दावों की जांच कर रही है.
मौत से पहले बनाए गए वीडियो में भी आशीष ने खुद को निर्दोष बताते हुए जबरन फंसाए जाने की बात कही. उसने गांव के कुछ लोगों से अपने पिता की मदद करने की अपील की. वीडियो में उसने अपनी दो बहनों का जिक्र करते हुए कहा कि उसके जाने के बाद पिता परेशान होंगे, इसलिए परिवार का साथ दिया जाए. वीडियो और सुसाइड नोट को पुलिस ने जांच के महत्वपूर्ण पहलुओं के तौर पर लिया है.
बहन का आरोप- 4.5 लाख रुपये मांगे, जेल भेजने की धमकी दी
आशीष की बहन ने आरोप लगाया कि युवती और गांव की पंचायत मित्र लगातार उसके भाई को फोन कर रही थीं. बहन के मुताबिक, उससे 4.5 लाख रुपये देने की मांग की जा रही थी और ऐसा नहीं करने पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने की धमकी दी जाती थी. उसने दावा किया कि इन कथित धमकियों के कारण उसका भाई मानसिक तनाव में था.
बहन ने यह भी कहा कि जिस दिन की दुष्कर्म की घटना बताई जा रही है, उस दिन उसका भाई वहां मौजूद नहीं था. उसके मुताबिक, पुलिस ने आशीष को पूछताछ के लिए बुलाया था और उसने अगले दिन थाने आने की बात कही थी. परिवार का आरोप है कि लगातार फोन और जेल भेजने की धमकियों से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया. परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
हालांकि, मामले का एक दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि आशीष एक हत्या के मुकदमे में आरोपी था और कुछ महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था. पुलिस अब दुष्कर्म की शिकायत, कथित रुपये की मांग, सुसाइड नोट, वायरल वीडियो और मृतक की पृष्ठभूमि समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
लड़की समेत चार लोगों पर FIR, पांच टीमें कर रहीं जांच
बांदा के एसपी पलाश बंसल के मुताबिक, परिजनों की तहरीर के आधार पर युवती, उसके माता-पिता और गांव की पंचायत मित्र समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, रुपये मांगने समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है. पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है.
डिप्टी एसपी अमरनाथ गुप्ता ने बताया कि रेलवे स्टेशन बदौसा से ट्रेन से कटकर एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली थी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मृतक की पहचान आशीष के रूप में की. उनके अनुसार, मृतक के पास से एक सुसाइड नोट और वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने एक व्यक्ति पर आरोप लगाए हैं. मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
इस मामले में दो थानों की पुलिस समेत पांच टीमें जांच में जुटी हैं. पुलिस वायरल वीडियो, सुसाइड नोट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है. अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत से पहले क्या परिस्थितियां थीं और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है.
सिद्धार्थ गुप्ता