उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब पर्यटकों की संख्या के साथ इससे होने वाले कारोबार और रोजगार पर भी ध्यान दे रही है. इसी कड़ी में अयोध्या के दीपोत्सव 2026 को खास बनाने की तैयारी की जा रही है. इसके तहत नए आकर्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और तैयार होटलों को शुरू करने पर जोर दिया गया है, ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और स्थानीय कारोबार को भी फायदा हो.
मंगलवार को लखनऊ स्थित पर्यटन भवन में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई. इसमें मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी और अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में डेलॉयट जैसी प्रतिष्ठित कंसल्टेंसी फर्म की ओर से पेश रिपोर्ट के आधार पर पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों पर चर्चा की गई.
जनवरी से जून 2026 के आंकड़ों में विदेशी पर्यटकों के लिहाज से आगरा और लखनऊ प्रमुख गंतव्यों के रूप में सामने आए. उन्होंने सभी जिलों में सड़क और हाईवे कनेक्टिविटी में हुए सुधार को भी दर्ज करने और यह देखने पर जोर दिया कि बेहतर संपर्क व्यवस्था पर्यटन को किस तरह प्रभावित कर रही है.
बाबा नीब करौरी सर्किट और कालिंजर किले को पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने पर भी चर्चा हुई.
अब तक कितने निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं?
बैठक में बताया गया कि साल 2025-26 के दौरान रेस्टोरेंट और कैफे पर्यटन से जुड़े प्रमुख कारोबार क्षेत्रों में शामिल रहे. वहीं, प्रदेश में होटल निर्माण की गतिविधियां भी बढ़ी हैं. होटल बिल्डिंग प्लान की मंजूरी 2023-24 में 205 थी, जो 2025-26 में बढ़कर 421 हो गई. इसके अलावा, साल 2023 से 7 सितंबर 2026 तक होटल, रिसॉर्ट और अन्य पर्यटन कारोबारों से जुड़े करीब 44,240 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं.
पिछले चार वर्षों में पर्यटकों की आवाजाही में कितने प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई?
अयोध्या में पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रही. अधिकारियों के अनुसार, मार्च से जून 2026 के दौरान पिछले चार वर्षों की समान अवधि के मुकाबले पर्यटकों की आवाजाही में करीब 535 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इसे देखते हुए दीपोत्सव के दौरान नए कार्यक्रमों और आकर्षणों को शामिल करने की योजना है.
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'लाइव एक्रोबैटिक प्रस्तुतियां' यानी कला, शारीरिक संतुलन, और साहस का एक अद्भुत संगम होती हैं. इस समय भारत और दुनिया भर में कई विश्व-स्तरीय शो और सर्कस लाइव प्रस्तुतियां दे रहे हैं, जिन्हें आप लाइव देख सकते हैं और 'भजन संध्या स्थल' यानी वह निश्चित स्थान होता है जहाँ भगवान की आराधना, भजन, कीर्तन और धार्मिक स्तुतियों के सामूहिक आयोजन के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है, पर रामलीला आयोजित करने के सुझाव भी दिए गए हैं.
बैठक में दीपोत्सव के दौरान तैयार नए होटलों को शुरू करने पर भी जोर दिया गया, ताकि पर्यटकों के लिए ठहरने की सुविधाएं बढ़ सकें.
समर्थ श्रीवास्तव