यूपी के मुरादाबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रदेश के मुसलमानों से अपनी राजनीतिक लीडरशिप तैयार करने और आने वाले विधानसभा चुनावों में हिस्सेदारी तय करने का आह्वान किया. ओवैसी ने कहा कि अब मुसलमान केवल वोट बैंक बनकर दरी नहीं बिछाएंगे, बल्कि बराबरी का हक मांगेंगे. उन्होंने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर वह कुर्सी पर बैठेंगे तो ओवैसी भी सामने कुर्सी पर पैर से पैर मिलाकर बैठकर हक और इंसाफ की बात करेगा. जनसभा में उन्होंने भाजपा को हराने के लिए चुनाव से पहले गठबंधन करने की भी पेशकश की.
जौहर यूनिवर्सिटी और 36 धार्मिक स्थलों का मुद्दा उठाया
ओवैसी ने जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव पर सवाल खड़े किए. उन्होंने पूछा कि अगर सपा के पास यूनिवर्सिटी नियमित करने का कानूनी रास्ता था, तो सरकार में रहते ऐसा क्यों नहीं किया.इसके अलावा, उन्होंने ठाकुरद्वारा क्षेत्र में राजस्व विभाग द्वारा 36 मस्जिदों, मदरसों, मजारों और कब्रिस्तानों पर कार्रवाई की सूची तैयार करने पर सरकार से सवाल किए.
स्वास्थ्य सुविधाओं और विकास कार्यों पर उठाए सवाल
ओवैसी ने भाजपा सरकार पर मुस्लिम समाज को शिक्षा और विकास से दूर रखने तथा गरीबों के रोजगार को प्रभावित करने का आरोप लगाया. उन्होंने मुरादाबाद में सरकारी मेडिकल कॉलेज, एमआरआई जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और स्मार्ट सिटी परियोजना के विकास कार्यों में बरती जा रही कमियों पर सवाल उठाए.
भाजपा को हराने के लिए गठबंधन की पेशकश
अपने संबोधन के अंत में ओवैसी ने विपक्ष को खुला संदेश दिया. उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा की दोबारा सरकार नहीं चाहती. उन्होंने विपक्षी दलों को चेताते हुए कहा कि चुनाव के बाद रोने से बेहतर है कि अभी बात कर ली जाए, वह हाथ मिलाने और अलायंस करने को पूरी तरह तैयार हैं.
जगत गौतम