गृहमंत्री अमित शाह ने वाराणसी में की बाबा कालभैरव की पूजा, पुजारियों ने उतारी नजर, बांधा कलावा

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार शाम वाराणसी में अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे. अमित शाह को वाराणसी में 24 जून को होटल ताज गंगेज में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद के बैठक की अध्यक्षता करनी है.

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गृहमंत्री अमित शाह ने वाराणसी में की बाबा कालभैरव की पूजा गृहमंत्री अमित शाह ने वाराणसी में की बाबा कालभैरव की पूजा

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 23 जून 2025,
  • अपडेटेड 8:16 PM IST

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार शाम वाराणसी में अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे. अमित शाह को वाराणसी में 24 जून को होटल ताज गंगेज में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद के बैठक की अध्यक्षता करनी है. जिसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सचिव और लगभग 100 विशिष्ट जन शामिल होंगे. यह बैठक पहली बार वाराणसी में आयोजित होने जा रही है. 

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एयरपोर्ट से बाबा कालभैरव के दर्शन के लिए बढ़ा काफिला
आज जैसे ही अमित शाह एयरपोर्ट पहुंचे तो उनका स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ देकर किया. इसके बाद गृह मंत्री का काफिला सीधे बाबा कालभैरव के दर्शन के लिए आगे बढ़ गया. बाबा काल भैरव के दरबार पहुंचते ही अमित शाह ने उनका विधिवत पूजन अर्चन और आरती की और लगभग 15 मिनट मंदिर में बिताया.

अमित शाह ने विशेष पूजन-आरती की
काल भैरव मंदिर के पुजारी नवीन गिरी ने बताया कि अमित शाह ने बाबा काल भैरव की विशेष पूजन और आरती की. उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार के विपत्ति, बाधा या आपदा हो इससे बचाव के लिए गृह मंत्री अमित शाह जी का तेल से नजर उतारकर उनके हाथ से ज्योत जलवाया गया, जिससे उनके गृह मंत्री होने के नाते देश को भी लाभ होगा. 

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पुजारी ने बताया कि अमित शाह के आते ही सबसे पहले उनका मंगला अर्चना कराया गया. उसके बाद फूल की डाली और माला अमित शाह के हाथ से स्पर्श कर कर बाबा को चढ़ाया गया. फिर तेल उतारा गया और अमित शाह के हाथ से ही मिट्टी के पात्र में रख दिया गया. फिर उनके हाथ से ज्योत जलाया गया. देश की समृद्धि के लिए गृह मंत्री के हाथों कपूर आरती भी कराई गई. अंत में अमित शाह को एक अंग वस्त्रम बाबा काल भैरव का एक मोमेंटो और रुद्राक्ष की माला प्रसाद के साथ भेंट की गई. उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें बाबा काल भैरव के दंड से झाड़ा भी गया और उनके हाथों में काले रंग का कलावा भी बांधा गया.

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