'बालिग को हमसफर चुनने का पूरा हक'... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोनिका चौहान को दी पति अकबर खान के साथ रहने की आजादी

गाजियाबाद के इंदिरापुरम के चर्चित सोनिका चौहान और अकबर खान अंतरधार्मिक विवाह मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने 26 वर्षीय सोनिका को अपनी मर्जी से पति के साथ रहने की आजादी देते हुए पुलिस को सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं.

Advertisement
सोनिका और अकबर ने रचाई थी शादी (Photo: ITG) सोनिका और अकबर ने रचाई थी शादी (Photo: ITG)

मयंक गौड़

  • गाजियाबाद ,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम की 26 वर्षीय ग्रेजुएट सोनिका चौहान को अपनी इच्छा से पति अकबर खान के साथ रहने की स्वतंत्रता दे दी है. न्यायमूर्ति संदीप जैन की अदालत ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया. सोनिका के पिता लक्ष्मण सिंह चौहान ने मई 2025 में इंदिरापुरम थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद अकबर की गिरफ्तारी हुई और उनकी दुकान में तोड़फोड़ की घटना हुई थी. कोर्ट ने माना कि बालिग व्यक्ति को अनुच्छेद 21 के तहत अपना जीवनसाथी चुनने का पूर्ण अधिकार है.

Advertisement

विशेष विवाह अधिनियम के तहत हुई थी शादी

सोनिका और अकबर ने अगस्त 2022 में दिल्ली के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह किया था. दोनों इंदिरापुरम के न्यायखंड में रहकर अपना काम करते थे, जहां अकबर जनसुविधा केंद्र चलाते थे और सोनिका सैलून चलाती थीं. विवाद के बाद अकबर को मई 2025 में जेल जाना पड़ा था और वह 8 जून को जमानत पर बाहर आए थे.

कोर्ट में पिता ने लगाए आरोप, सोनिका ने रखी अपनी बात

सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा पेश की गई सोनिका ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है. अकबर ने भी साथ रहने की सहमति जताई. दूसरी ओर, पिता ने बेटी को ब्लैकमेल करने और दबाव में होने का आरोप लगाया. कोर्ट ने बातचीत के आधार पर पाया कि सोनिका बालिग हैं और बिना किसी दबाव या अनुचित प्रभाव के अपना फैसला ले रही हैं.

Advertisement

संविधान के अनुच्छेद 21 का दिया हवाला

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर वयस्क नागरिक को अपनी पसंद से जीवन जीने और जीवनसाथी चुनने का अधिकार है. कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों को दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित आवागमन के लिए सहायता देने का निर्देश दिया. परिजनों को उनके शांतिपूर्ण जीवन में हस्तक्षेप न करने को कहा गया है.

मानसिक परेशानी और आर्थिक नुकसान का दर्द

हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद सोनिका ने राहत जताते हुए कहा कि अदालत ने उनकी बात को समझा. उन्होंने बताया कि इस पूरे विवाद के दौरान उन्हें भारी मानसिक परेशानी और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा. सोनिका ने सुरक्षा को लेकर अभी भी डर जताया है और नुकसान की भरपाई के लिए कानूनी मदद लेने की बात कही है.

अकबर खान ने जताया फैसले पर संतोष

पति अकबर खान ने भी कोर्ट के फैसले पर संतोष व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रही परेशानियों के बाद उन्हें आखिरकार न्याय मिला है. उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामलों और घटनाक्रम को लेकर कुछ लोगों द्वारा विवाद बढ़ाने के आरोप लगाए. फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद दोनों दोबारा एक साथ रहने लगे हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »