उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में सड़क पर बाइक और कार की टक्कर के बाद बड़ा विवाद हो गया. आरोप है कि बाइक सवार ने खुद को सीमा सुरक्षा बल (BSF) का जवान बताया और मौके पर 30 से 40 लोगों को बुला लिया. इसके बाद अलीगढ़ के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के परिवार के साथ मारपीट की गई. आरोपियों ने कार में आग लगाने और परिवार के लोगों को जान से मारने की कोशिश भी की. घटना 24 अक्टूबर 2026 को थाना खंदौली क्षेत्र में हुई. मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी भूपेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
जानकारी के मुताबिक, अलीगढ़ के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पुत्र अली मुस्तफा 24 अक्टूबर को अपने पिता, मां और पिता के गनर के साथ कार से लखनऊ से अलीगढ़ जा रहे थे. उनकी कार का नंबर UP 21 DQ 2049 बताया गया है. जब कार खंदौली एग्जिट से उतरने के बाद आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर खंदौली चौराहे के पास इंटर कॉलेज के सामने पहुंची, तभी एक मोटरसाइकिल सवार ने कथित तौर पर गलत तरीके से आकर कार के ड्राइवर साइड में टक्कर मार दी. बाइक का नंबर UP 80 EM 9336 बताया गया है. टक्कर से कार क्षतिग्रस्त हो गई.
टक्कर के बाद समझाने पर गाली-गलौज का आरोप
कार में टक्कर लगने के बाद अली मुस्तफा ने गाड़ी रोक दी. आरोप है कि उन्होंने बाइक सवार को गलत तरीके से गाड़ी चलाने के बारे में शालीनता से समझाने की कोशिश की. लेकिन बाइक सवार ने बात मानने के बजाय बदसलूकी और गाली-गलौज शुरू कर दी. शिकायत के मुताबिक, बाइक सवार ने अपना नाम भूपेंद्र बताया, जो गोविंदपुर का निवासी है. आरोप है कि उसने खुद को बीएसएफ का जवान बताते हुए मौके पर 30 से 40 अज्ञात लोगों को बुला लिया. इसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और जज के परिवार के लोगों को घेर लिया गया.
पीड़ित पक्ष के मुताबिक, मौके पर जुटी भीड़ ने अली मुस्तफा, उनके पिता यानी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और उनके गनर के साथ मारपीट की. इस हमले में जज के पिता की नाक और दोनों हाथों की कलाइयों पर चोटें आईं. आरोप है कि हमलावरों ने मारपीट के साथ-साथ परिवार को जान से मारने की कोशिश भी की. इतना ही नहीं, कार में आग लगाने का प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया गया है. इस दौरान परिवार के लोगों ने अपनी और गनर की जान बचाने के लिए वहां से निकलने की कोशिश की.
भागने की कोशिश में कार का पिछला शीशा तोड़ा.
शिकायत के अनुसार, जब परिवार ने कार को वहां से निकालने की कोशिश की, तब आरोपी भूपेंद्र ने हेलमेट या किसी अन्य वस्तु से वार कर कार का पिछला शीशा तोड़ दिया. इस घटना में कार को नुकसान पहुंचा. परिवार के साथ हुई मारपीट और कार में आग लगाने की कोशिश के आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया. पीड़ित पक्ष ने घटना की सूचना पुलिस को देने के लिए 112 नंबर पर फोन किया.
112 पर सूचना देने के बाद भी मदद नहीं मिलने का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस को 112 नंबर पर सूचना देने के बावजूद मौके पर कोई पुलिस सहायता नहीं मिली. इसके बाद उच्च अधिकारियों को फोन के जरिए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई. मामले में थाना खंदौली में प्रथम सूचना रिपोर्ट यानी FIR दर्ज की गई. पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी भूपेंद्र को गिरफ्तार कर लिया. उसे जेल भेज दिया गया है. इस मामले में आरोपी भूपेंद्र पर बाइक से कार में टक्कर मारने के बाद विवाद करने, खुद को बीएसएफ का जवान बताकर लोगों को बुलाने, जज के परिवार के साथ मारपीट करने और कार में आग लगाने तथा जान से मारने की कोशिश के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों के संबंध में उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच की जा रही है.
अरविंद शर्मा