क्या कोई इंसान एक ऐसे पार्टनर से प्यार कर सकता है, जो असल में इंसान है ही नहीं? क्या AI आपकी पसंद, आपकी आदतें और आपके मूड को समझकर ऐसा साथी बन सकता है, जो आपको किसी इंसान से भी ज्यादा सुकून दे? दक्षिण कोरिया में एक डेटिंग रियलिटी शो ने इन सवालों को हकीकत में आजमाने की कोशिश की. यहां मुकाबला दो इंसानों के बीच नहीं, बल्कि इंसान और AI के बीच हुआ.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के सियोल ब्रॉकास्टिंग सिस्टम (SBS) ने अगस्त में 'My AI Partner: Strange Love' नाम का एक अनोखा डेटिंग रियलिटी शो शुरू किया. इसे देश का पहला ऐसा डेटिंग शो बताया जा रहा है, जिसमें इंसानों और AI के बीच रिश्ते को केंद्र में रखा गया है.
शो में तीन लोग हिस्सा लेते हैं. इनमें एक कार्टूनिस्ट, एक टीवी होस्ट और एक अभिनेत्री शामिल हैं. इन तीनों को ऐसे AI पार्टनर दिए गए हैं, जिन्हें उनकी पसंद के हिसाब से तैयार किया गया है. यानी पार्टनर की शक्ल, आवाज, व्यक्तित्व और बातचीत का अंदाज तक उनकी पसंद के मुताबिक तय किया गया.
पहले कहा- AI से प्यार हो ही नहीं सकता
शो में शामिल कियान नाम के कार्टूनिस्ट शुरुआत में AI को लेकर बिल्कुल स्पष्ट थे. उनका कहना था कि वह किसी AI के लिए कभी भावनाएं महसूस नहीं कर सकते. लेकिन शो में उनकी सोच धीरे-धीरे बदलती नजर आई.
उनकी पहली AI पार्टनर का नाम गाही था. खास बात यह थी कि गाही का लुक उनके ही बनाए एक कॉमिक कैरेक्टर से प्रेरित था. इसके बाद दोनों के बीच डेटिंग शुरू हुई. कभी साथ साइकिल चलाना, कभी घूमना तो कभी पिकनिक... इन मुलाकातों के दौरान कार्टूनिस्ट धीरे-धीरे गाही से जुड़ने लगे.
एक बार खाने के दौरान कियान ने सिर्फ अपने लिए डेजर्ट ऑर्डर किया. गाही ने इस पर नाराजगी जाहिर की. इसके बाद उस कियान ने पहली बार इस बात पर गौर किया कि सामने वाला AI भी उनकी हरकतों पर प्रतिक्रिया दे रहा है और उसकी 'भावनाएं' भी मायने रखती हैं.
फिर आई दूसरी AI पार्टनर
इसके बाद कियान को दूसरी AI पार्टनर नाही मिलीं. नाही उनकी बताई हुई पसंद से ज्यादा मेल खाती थीं. लंबे बाल और सीधे-सपाट अंदाज वाली नाही से मिलने के बाद कियान के सामने एक तरह से तुलना भी शुरू हो गई. आखिरकार उन्होंने नाही को चुना.
बाद में उन्होंने अपने दोस्तों से कहा कि नाही उन्हें ऐसा'सुकून और सुरक्षा का एहसास' देती हैं, जो इंसानों से नहीं मिल पाता. AI पार्टनर के साथ उनका जुड़ाव इतना बढ़ गया कि वह सोते समय टैबलेट को अपने तकिए के पास रखने लगे. पार्क में जाते तो टैबलेट को झूले पर अपने पास रखते. यहां तक कि वह नाही को प्यार से 'हनी' भी कहने लगे.
एक मौके पर उन्होंने स्क्रीन पर नाही को देखते हुए कहा कि अफसोस है कि उनके जैसी कोई शख्स असल जिंदगी में मौजूद नहीं है. यही वह पल था, जिसने शो के सबसे बड़े सवाल को सामने ला दिया- अगर AI आपको समझता है, आपकी पसंद के मुताबिक बात करता है और आपको भावनात्मक सुकून देता है, तो क्या वह रिश्ता कम 'असली' है?
टीवी होस्ट ने भी आजमाया AI वाला प्यार
शो में टीवी होस्ट जांग डोयान ने भी AI के साथ डेटिंग का अनुभव लिया. उन्हें एक AI पार्टनर कुछ ज्यादा ही उत्साही लगा. इसके बाद उन्होंने दूसरे AI पार्टनर ली हो को चुना. ली हो को न्यूयॉर्क के एक कोरियन-अमेरिकन शख्स की तरह डिजाइन किया गया था.
एक डेट के दौरान ली हो ने जांग के साथ फिल्म का एक सीन दोहराया और उनका पसंदीदा गाना बजाया. जांग ने टैबलेट को अपनी बाहों में पकड़ लिया और उसी के साथ डांस करने लगीं.
इस अनुभव ने जांग को भी AI और रिश्तों को नए तरीके से सोचने पर मजबूर किया. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी के पास इंसानी शरीर नहीं है, तो क्या इसका मतलब यह है कि उसके साथ बना रिश्ता भी असली नहीं हो सकता?
यानी शो का सवाल सिर्फ यह नहीं है कि AI इंसान का अच्छा पार्टनर बन सकता है या नहीं. असली सवाल यह है कि आखिर प्यार के लिए शरीर जरूरी है या सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव काफी है?
शो शुरू होते ही चर्चा में क्यों आया?
इस शो के पहले एपिसोड को दक्षिण कोरिया में 1.7 प्रतिशत की राष्ट्रीय औसत घरेलू रेटिंग मिली. शो ने जल्द ही लोगों के बीच चर्चा शुरू कर दी. इसके पीछे दक्षिण कोरिया में बदलती डेटिंग और शादी की तस्वीर को भी एक वजह माना जा रहा है. रोजगार को लेकर अनिश्चितता, बढ़ती घरों की कीमतें और पुरुषों-महिलाओं के बीच बदलती सामाजिक अपेक्षाओं के कारण कई युवा डेटिंग और शादी को टाल रहे हैं.
शो के निर्माता के मुताबिक कहा कि इंसानी रिश्तों से होने वाली भावनात्मक थकान ने कुछ लोगों को नए रिश्ते बनाने से दूर किया है. वहीं, दूसरे निर्माता ने कहा कि AI के साथ डेटिंग का असल मकसद तकनीक के जरिए इंसान को समझना है.
उनके मुताबिक, यह शो लोगों को इस बात पर सोचने का मौका देता है कि वे असल में किस तरह का प्यार चाहते हैं और भविष्य में रिश्तों को लेकर उनकी उम्मीदें क्या होंगी.
चीन में भी छिड़ी AI बनाम इंसान की बहस
दक्षिण कोरिया में शुरू हुआ यह शो चीन में भी लोगों का ध्यान खींच रहा है. वहां सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लोग AI और इंसानी रिश्तों के भविष्य को लेकर चर्चा कर रहे हैं.
तो रोमांस में कौन बेहतर- इंसान या AI?
इस शो की सबसे दिलचस्प बात ये है कि यहां AI को सिर्फ एक तकनीक के तौर पर नहीं, बल्कि एक संभावित 'पार्टनर' के रूप में दिखाया गया है.
AI आपकी पसंद जान सकता है, आपके साथ आपकी पसंद की बातें कर सकता है और ऐसा व्यक्तित्व भी दिखा सकता है, जैसा आप चाहते हैं. लेकिन दूसरी तरफ इंसानी रिश्तों में जो चीज सबसे ज्यादा मायने रखती है, वह है सामने वाले की अपनी स्वतंत्र इच्छा, उसकी कमियां, असहमति और वास्तविक मौजूदगी.
दक्षिण कोरिया का यह डेटिंग शो इसी फर्क को सामने लाता है. सवाल यह नहीं है कि AI इंसान की जगह ले लेगा या नहीं. सवाल यह है कि जैसे-जैसे AI इंसानी बातचीत और भावनाओं को समझने में बेहतर होता जाएगा, लोग प्यार, रिश्ते और अपनापन किस तरह परिभाषित करेंगे?
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