राजस्थान के इस स्पीड ब्रेकर पर क्यों मचा बवाल? NHAI ने अफसर को किया सस्पेंड

हादसे रोकने के लिए बनाए गए ये रंबल स्ट्रिप्स आखिर विवाद की वजह कैसे बन गए? पहले NHAI ने इन्हें लेकर उठे सवालों को खारिज कर दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों के बाद पूरा मामला पलट गया.

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स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रिप्स का मकसद सड़क पर हादसे रोकना होता है (Photo:X/@hmanshu_gupta) स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रिप्स का मकसद सड़क पर हादसे रोकना होता है (Photo:X/@hmanshu_gupta)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:50 AM IST

स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रिप्स का मकसद सड़क पर हादसे रोकना होता है. इन्हें इस तरह बनाया जाता है कि वाहन चालक समय रहते सतर्क हो जाए, रफ्तार कम कर दे और दुर्घटना की आशंका घट जाए. लेकिन राजस्थान के NH-25 पर बने रंबल स्ट्रिप्स अब सोशल मीडिया पर बहस का बड़ा विषय बन गए हैं. दावा किया गया कि ये रंबल स्ट्रिप्स तय मानकों के अनुरूप नहीं हैं और खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बन सकते हैं. मामला इतना बढ़ा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को अपना रुख बदलना पड़ा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी.

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क्या है पूरा मामला?

राजस्थान के पृथ्वीपुरा गांव के पास NH-25 पर बनाए गए रंबल स्ट्रिप्स को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं. इन पोस्ट में दावा किया गया कि सड़क पर बने रंबल स्ट्रिप्स जरूरत से ज्यादा ऊंचे और गलत तरीके से बनाए गए हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है.

यह मामला देखते ही देखते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चर्चा का विषय बन गया. कई लोगों ने सवाल उठाया कि जिन रंबल स्ट्रिप्स का उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना है, वही अगर खतरा बन जाएं तो उनकी उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

पहले NHAI ने क्या कहा?

विवाद बढ़ने पर NHAI ने शुरुआत में मीडिया रिपोर्टों को भ्रामक बताया. प्राधिकरण ने अपने बयान में कहा कि पृथ्वीपुरा गांव के पास बनाए गए रंबल स्ट्रिप्स स्थानीय जनप्रतिनिधि के अनुरोध पर सड़क सुरक्षा बढ़ाने और गांव के लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं. NHAI का दावा था कि मीडिया रिपोर्टों में मौके की वास्तविक स्थिति नहीं दिखाई गई है.

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देखें पोस्ट

सोशल मीडिया पर सामने आए सबूत

हालांकि NHAI के इस स्पष्टीकरण के बाद भी सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें लगातार सामने आती रहीं. कई यूजर्स ने दावा किया कि रंबल स्ट्रिप्स निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं और खासकर बाइक सवारों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं.सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव और सामने आए सबूतों के बाद NHAI ने पूरे मामले की दोबारा समीक्षा करने का फैसला किया.

फिर बदलना पड़ा रुख

मामले की दोबारा समीक्षा के बाद NHAI ने शुरुआती रिपोर्ट भेजने वाले संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर को निलंबित कर दिया. जांच में यह भी सामने आया कि विवादित रंबल स्ट्रिप्स स्थानीय ग्रामीणों की ओर से बनाए गए थे. हालांकि अब इन्हें निर्धारित सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाने की जिम्मेदारी NHAI ने अपने हाथ में ले ली है. प्राधिकरण के मुताबिक, रंबल स्ट्रिप्स की ऊंचाई कम की जा रही है, ताकि वाहन सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के वहां से गुजर सकें. सुधार कार्य पूरा होने के बाद यह हिस्सा तय मानकों के अनुरूप होगा.

NHAI ने क्या कहा?

अपने ताजा बयान में NHAI ने कहा कि वह राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा और गुणवत्ता के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. प्राधिकरण ने यह भी कहा कि हाईवे उपयोगकर्ताओं से मिलने वाले रचनात्मक सुझावों और फीडबैक का हमेशा स्वागत किया जाएगा.

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क्यों चर्चा में है मामला?

यह मामला इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि पहले NHAI ने मीडिया रिपोर्टों को गलत बताया था. लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद प्राधिकरण को अपना रुख बदलना पड़ा. इतना ही नहीं, NHAI ने अपने ही अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया और संबंधित स्थान पर सुधार कार्य शुरू कराने की घोषणा की. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों में तय मानकों का पालन कितना जरूरी है और सोशल मीडिया किस तरह सरकारी एजेंसियों की जवाबदेही तय करने में भूमिका निभा रहा है.

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