क्या है 'मीठी जाल'? राजस्थान का देसी AC, जो भीषण गर्मी में बना चर्चा का विषय

राजस्थान में इन दिनों एक खास पेड़ चर्चा में है, जिसे लोग ‘देसी AC’ कह रहे हैं. सोशल मीडिया पर इसके वीडियो वायरल हो रहे हैं और लोग इसकी छांव में गर्मी से राहत लेते नजर आ रहे हैं. आइए जानते हैं यह कौन सा पेड़ है और आखिर क्यों इसे लेकर इतनी चर्चा हो रही है.

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वायरल वीडियो में लोग एक खास पेड़ की छांव में बैठकर गर्मी से राहत लेते नजर आ रहे हैं (Photo:Insta/@theindiancourier) वायरल वीडियो में लोग एक खास पेड़ की छांव में बैठकर गर्मी से राहत लेते नजर आ रहे हैं (Photo:Insta/@theindiancourier)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:08 AM IST

देश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. मौसम विभाग और वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) ने भी आने वाले महीनों में गर्मी बढ़ने की चेतावनी दी है. ऐसे में जहां शहरों में लोग AC का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया पर ‘देसी AC’ की चर्चा तेज हो गई है. आइए जानते हैं यह देसी AC क्या है.

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'मीठी जल' बना देसी AC
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग एक खास पेड़ की छांव में बैठकर गर्मी से राहत लेते नजर आ रहे हैं. इस पेड़ को ‘मिठी जल’ या ‘पीलू’ कहा जाता है, जिसका वैज्ञानिक नाम Salvadora oleoides है. यह पेड़ राजस्थान के जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, चूरू, झुंझुनू और नागौर जैसे इलाकों में बड़े पैमाने पर पाया जाता है.

5–8 डिग्री तक ठंडा माहौल
वायरल वीडियो के अनुसार, इस पेड़ की घनी पत्तियों की वजह से इसके नीचे का तापमान आसपास के मुकाबले 5 से 8 डिग्री तक कम रहता है. तेज धूप में भी इसकी छाया में ठंडी हवा का एहसास होता है. यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों में लोग या लंबी यात्रा के दौरान राहगीर इसके नीचे बैठकर आराम करते हैं.

कैसे करता है ठंडा
इस पेड़ की पत्तियां बहुत घनी होती हैं, जिससे सीधी धूप जमीन तक नहीं पहुंचती और नीचे का इलाका ठंडा बना रहता है. साथ ही, यह पेड़ ट्रांसपिरेशन की प्रक्रिया के जरिए पत्तियों से बहुत महीन जलवाष्प छोड़ता है, जो आसपास की हवा से गर्मी को कम कर देता है. इसके अलावा, पेड़ के नीचे से गुजरने वाली हवा पत्तियों से टकराकर धीमी और ठंडी हो जाती है. राजस्थान जैसे गर्म और शुष्क इलाकों में यह असर और ज्यादा महसूस होता है. यही वजह है कि इसके नीचे तापमान 5–8 डिग्री तक कम महसूस होता है.

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सिर्फ छाया ही नहीं, और भी फायदे
मिठी जल का पेड़ सिर्फ ठंडक ही नहीं देता, बल्कि इसके कई अन्य फायदे भी हैं. इसकी मीठी बेर खाने योग्य होती हैं और इसकी टहनियां पारंपरिक तौर पर दातून के रूप में इस्तेमाल की जाती हैं. यह पेड़ शुष्क इलाकों में आसानी से उग जाता है, इसलिए इसे बहुउपयोगी और उपयोगी पेड़ माना जाता है.

हीटवेव में काम आ रहा देसी जुगाड़
भीषण गर्मी के बीच यह पेड़ ग्रामीण इलाकों में लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. जहां एक तरफ शहरों में बिजली और AC पर निर्भरता बढ़ रही है, वहीं यह प्राकृतिक उपाय बिना किसी खर्च के राहत दे रहा है.तेज गर्मी के इस दौर में ‘मिठी जल’ जैसे पेड़ यह साबित करते हैं कि प्रकृति के पास भी कई समाधान मौजूद हैं. यही कारण है कि इसे राजस्थान का ‘देसी AC’ कहा जा रहा है.

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