घर खरीदा, भाई-बहनों की शादी की... साइकिल पर लस्सी बेच हर महीने इतना कमा रहा ये शख्स!

कभी इस शख्स के परिवार के पास रहने के लिए अपना घर तक नहीं था और वह सिर्फ 250 रुपये रोज कमाते थे. महज 11 साल की उम्र से काम शुरू करने वाले इस लस्सी बेचने वाले ने सालों तक मेहनत की. आज उनकी कमाई करीब 80 से 90 हजार रुपये महीने तक बताई जा रही है और उन्होंने अपनी मेहनत से दो मंजिला मकान भी बनवाया है.

Advertisement
यह कहानी आज बहुत से लोगों के लिए मेहनत और हिम्मत की मिसाल बन गई है. ( Photo: Instagram/@upenverma) यह कहानी आज बहुत से लोगों के लिए मेहनत और हिम्मत की मिसाल बन गई है. ( Photo: Instagram/@upenverma)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:20 PM IST

कहते हैं कि मेहनत करने वाले इंसान के लिए कोई भी सपना बड़ा नहीं होता. रास्ते में कितनी भी मुश्किलें आएं, अगर हिम्मत बनी रहे तो एक दिन हालात जरूर बदलते हैं. ऐसी ही एक कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है. दिल्ली में लस्सी बेचने वाले एक शख्स ने अपनी जिंदगी के संघर्ष के बारे में बताया है. कभी उनके परिवार के पास रहने के लिए अपना घर तक नहीं था, लेकिन आज उन्होंने अपनी मेहनत से दो मंजिला मकान खड़ा कर लिया है. उनकी कहानी बताती है कि छोटे से काम से शुरुआत करके भी इंसान अपनी जिंदगी बदल सकता है.

Advertisement

बचपन में ही उठानी पड़ी परिवार की जिम्मेदारी
इस शख्स की जिंदगी की शुरुआत काफी मुश्किल रही. उन्होंने बताया कि जब वह छोटे थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था. पिता के जाने के बाद परिवार की जिम्मेदारी अचानक उनके ऊपर आ गई. घर में कमाने वाला कोई नहीं था और आर्थिक हालात भी अच्छे नहीं थे. ऐसे में उन्हें बचपन में ही यह समझना पड़ा कि परिवार को संभालने के लिए उन्हें खुद कुछ करना होगा.उन्होंने बताया कि सिर्फ 11 साल की उम्र में ही उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था. जिस उम्र में बच्चे स्कूल जाते हैं और खेलते हैं, उस उम्र में वह अपने परिवार के लिए पैसे कमाने लगे थे. शुरुआत में उनका काम छोटा था और आमदनी भी बहुत कम थी, लेकिन उन्होंने मेहनत करना नहीं छोड़ा. 

Advertisement

उन्होंने अपनी पुरानी जिंदगी के बारे में बताते हुए कहा कि एक समय उनकी कमाई सिर्फ 250 रुपये रोज थी. इतनी कम आमदनी में परिवार की जरूरतें पूरी करना आसान नहीं था. इसके बावजूद उन्होंने कभी काम को छोटा नहीं समझा. उनका ध्यान सिर्फ इस बात पर था कि मेहनत करते रहना है और परिवार को आगे बढ़ाना है.

धीरे-धीरे बढ़ती गई कमाई
समय बीतता गया और उनकी मेहनत का असर भी दिखाई देने लगा. उन्होंने अपना काम जारी रखा और धीरे-धीरे कमाई बढ़ने लगी. आज वह दिल्ली में लस्सी बेचते हैं और इंटरव्यू में उन्होंने अपनी मासिक कमाई करीब 80 से 90 हजार रुपये तक बताई. हालांकि यह कमाई हर महीने एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है, लेकिन उनके लिए आज की स्थिति पहले के मुकाबले काफी बेहतर है. कमाई बढ़ने के बाद भी उन्होंने सिर्फ अपने बारे में नहीं सोचा. उन्होंने परिवार की ज़िम्मेदारियां निभाईं और अपने भाई-बहनों की शादी भी कराई. इसके बाद अपनी शादी की और घर की दूसरी जरूरतों को भी पूरा किया. उनकी जिंदगी में परिवार हमेशा सबसे ऊपर रहा.

उनका सबसे बड़ा सपना अपना घर बनाना था. उन्होंने बताया कि एक समय उनके परिवार के पास अपना मकान तक नहीं था. लेकिन सालों की मेहनत और बचत के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपना घर बनवाया. आज उनके पास दो मंजिला मकान है. उनके लिए यह घर सिर्फ ईंट और सीमेंट की इमारत नहीं, बल्कि सालों के संघर्ष और मेहनत का नतीजा है.

Advertisement

भगवान से मांगी पिता की जिंदगी
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि अगर उन्हें भगवान से सिर्फ एक चीज मांगने का मौका मिले तो वह क्या मांगेंगे, तो उनका जवाब दिल छू लेने वाला था. उन्होंने कहा कि वह अपने पिता की जिंदगी वापस मांगना चाहेंगे. पिता की कमी आज भी उन्हें महसूस होती है. उनके लिए जिंदगी में सबसे बड़ी कमी पैसा या सुविधाएं नहीं, बल्कि पिता का साथ रहा. उन्होंने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि जिंदगी में चाहे कितनी भी परेशानी क्यों न हो, इंसान को मेहनत करते रहना चाहिए. आज उनकी जिंदगी जिस मुकाम पर है, वहां पहुंचने के लिए उन्होंने कई साल संघर्ष किया है. उनका कहना है कि किसी भी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए. मेहनत करने वाला इंसान धीरे-धीरे आगे बढ़ सकता है.

उनकी यह कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है. कई लोग उनकी मेहनत और परिवार के लिए किए गए संघर्ष की तारीफ कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि ऐसी कहानियां उन लोगों को हिम्मत देती हैं, जो मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं. इस पूरी कहानी की सबसे खास बात यही है कि आज जो शख्स अपनी मेहनत से अच्छी कमाई कर रहा है और अपने परिवार के लिए घर बना चुका है, उसकी शुरुआत बेहद मुश्किल हालात से हुई थी. बचपन में पिता को खोने से लेकर कम उम्र में काम शुरू करने तक उनका सफर आसान नहीं था. लेकिन उन्होंने हालात के सामने हार नहीं मानी. यही वजह है कि उनकी कहानी आज बहुत से लोगों के लिए मेहनत और हिम्मत की मिसाल बन गई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »