सूअर की आवाज निकालने का कॉम्पिटिशन... एक से एक महारथी लेते हैं हिस्सा!

इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इसमें लोग हाथ में माइक लिए सूअर जैसी आवाज निकालते दिखाई दे रहा हैं. यह वीडियो एक अजीबोगरीब चैंपियनशिप का है. इसमें लोगों को सूअर के गुर्राने और चीखने की अजीबोगरीब आवाजें निकालनी होती है.

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यहां सूअर की आवाज निकालने पहुंचते लोग (Photo - X/@AFP) यहां सूअर की आवाज निकालने पहुंचते लोग (Photo - X/@AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:33 PM IST

आमतौर पर आपने दौड़, डांस, सिंगिंग या खाने-पीने की प्रतियोगिताओं के बारे में खूब सुना होगा. लेकिन क्या आपने कभी ऐसी प्रतियोगिता के बारे में सुना है, जिसमें जीतने के लिए सूअर की तरह आवाज निकालनी पड़ती है? फ्रांस के एक छोटे से गांव में हर साल कुछ ऐसा ही अनोखा मुकाबला होता है, जहां प्रतियोगी अपनी आवाज से सूअर की हूबहू नकल करने की कोशिश करते हैं. इस फेस्टिवल के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. 

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फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित ट्रिए सुर बाइसे गांव में इस साल भी एक फेस्टिवल का आयोजन किया गया. इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा रही सालाना पिग-स्क्वीलिंग चैंपियनशिप की. यानी ऐसी प्रतियोगिता, जिसमें इंसानों को सूअर के चीखने या गुर्राने जैसी आवाज निकालकर जजों को प्रभावित करना होता है.

यह प्रतियोगिता सिर्फ अपने अजीबोगरीब अंदाज की वजह से ही खास नहीं है, बल्कि इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग भी पहुंचते हैं. इस साल इस फेस्टिवल का यह 43वां संस्करण था. आयोजकों के मुताबिक, करीब 4,000 लोग इस आयोजन में पहुंचे. खास बात यह है कि गांव की आबादी इसके मुकाबले करीब चार गुना कम है. यानी एक दिन के लिए यह छोटा सा गांव हजारों लोगों से गुलजार हो गया.

लोग प्रतियोगियों को बारी-बारी से सूअर की आवाज की नकल करते हुए देखते हैं और उनकी परफॉर्मेंस का आनंद लेते हैं. प्रतियोगिता में फ्रांस के अलावा दूसरे देशों से आए लोग भी हिस्सा लेते हैं. इस बार शामिल प्रतियोगियों में टूलूज में रहने वाला एक मैक्सिकन इंजीनियरिंग स्टूडेंट भी थी.

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उसने बताया कि कंटस्टेंट अपनी आवाज और अंदाज से सूअर के अलग-अलग तरह के स्वर निकालने की कोशिश करते हैं. इसके बाद जज उनकी परफॉर्मेंस को देखते हैं और विजेता का फैसला करते हैं. यानी यहां जीतने के लिए न कोई दौड़ लगानी है, न गेंद खेलनी है और न ही कोई मुश्किल सवाल हल करना है. बस अपनी आवाज से ऐसा कमाल करना है कि जजों को लगे भाई, इससे बेहतर सूअर की आवाज तो शायद असली सूअर भी न निकाल पाए!

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9 बार जीत चुके हैं नोएल जामे
इस अजीब लेकिन लोकप्रिय प्रतियोगिता में एक नाम खास तौर पर चर्चा में रहता है. यह शख्स है नोएल जामे. वह इस चैंपियनशिप को नौ बार जीत चुके हैं और प्रतियोगिता के रिकॉर्ड होल्डर हैं. इस बार भी नोएल जामे अपनी बादशाहत बचाने के लिए मुकाबले में लौटे. ऐसे में दूसरे प्रतियोगियों के सामने चुनौती सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करने की नहीं थी, बल्कि नौ बार के चैंपियन को मात देने की भी थी.

आखिर क्यों होती है ऐसी प्रतियोगिता?
पिग-स्क्वीलिंग चैंपियनशिप इस गांव में होने वाले सालान फेस्टिवल की एक अनोखी पहचान बन चुकी है. यह आयोजन गांव की स्थानीय परंपरा और सूअरों से जुड़े ग्रामीण जीवन को एक मजेदार अंदाज में लोगों के सामने पेश करता है.

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इस फेस्टिवल के दौरान गांव में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं. यह कॉम्पिटिशन मनोरंजन का खास आकर्षण बन जाती है. अब भले ही किसी को यह प्रतियोगिता सुनने में अजीब लगे, लेकिन ट्रिए सुर बाइसे गांव के लिए यह एक ऐसा आयोजन है, जिसका इंतजार हर साल किया जाता है. यहां इंसान कुछ देर के लिए अपनी आवाज भूलकर 'सूअर' बनने की कोशिश करते हैं. हजारों लोग इस अनोखे मुकाबले का मजा लेने पहुंचते हैं.

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