दुनिया उन्हें अमेरिका का राष्ट्रपति, अरबपति कारोबारी और ग्लोबल राजनीति का सबसे चर्चित चेहरा मानती है. लेकिन व्हाइट हाउस के बंद दरवाजों के पीछे डोनाल्ड ट्रंप की जिंदगी कैसी है? वह अपने बेडरूम में कैसे रहते हैं? उनकी रोजमर्रा की आदतें कैसी हैं? इन सवालों के जवाब एक नई किताब में किए गए दावों में हैं. इसे पढ़कर लोग हैरान भी हो रहे हैं और मुस्कुरा भी रहे हैं.
एक नई किताब में दावा किया गया है कि ट्रंप रात में चिप्स खाते हैं, रैपर और खाली डिब्बे फर्श पर छोड़ देते हैं, बाथरूम में कारपेट बिछवाते हैं और व्हाइट हाउस के कमरों की सजावट भी अपनी मर्जी से बदलते रहते हैं. इन दावों ने सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोरी है.
रात में स्नैकिंग, सुबह स्टाफ की सफाई
द डेली बीस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस संवाददाता मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की आने वाली किताब 'रीजिम चेंज: इनसाइड द इंपीरियल प्रेसिडेंसी ऑफ डोनाल्ड ट्रंप'में ट्रंप की निजी आदतों का जिक्र किया गया है.
किताब के मुताबिक, ट्रंप देर रात स्नैक्स खाने के शौकीन हैं. वह अक्सर आलू के चिप्स, आइसक्रीम और दूसरी चीजें खाते हैं. दावा है कि सुबह स्टाफ को उनके कमरे में खाली चिप्स के पैकेट, स्टारबक्स के रैपर और आइसक्रीम के डिब्बे मिलते थे. कई बार ये चीजें डस्टबिन में होती थीं और कई बार सीधे फर्श पर.इतना ही नहीं, किताब में दावा किया गया है कि स्टाफ को कूड़े पर नजर रखनी पड़ती थी, क्योंकि ट्रंप कभी-कभी व्हाइट हाउस के चांदी के बर्तन भी गलती से कूड़े में फेंक देते थे.
बाथरूम में कारपेट! स्टाफ को लगी फफूंदी की चिंता
किताब का सबसे दिलचस्प खुलासा ट्रंप के बाथरूम को लेकर है. लेखकों के अनुसार, ट्रंप को बाथरूम में कारपेट पसंद है. आमतौर पर लोग बाथमैट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ट्रंप के बाथरूम में कारपेट बिछा रहता था. दावा किया गया है कि शॉवर के पास वाला हिस्सा अक्सर पूरी तरह भीग जाता था.
स्टाफ को समझ नहीं आता था कि ऐसा क्यों हो रहा है, लेकिन उन्हें डर था कि नीचे फफूंदी न लग जाए. इस समस्या का समाधान भी अनोखा निकाला गया. बड़े कारपेट के ऊपर उसी कारपेट का एक छोटा टुकड़ा रख दिया जाता था, जिसे समय-समय पर बदलकर सुखाया जाता था.
ट्रंप और मेलानिया के अलग-अलग बेडरूम
किताब में यह भी दावा किया गया है कि ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप एक ही बेडरूम में नहीं रहते. रिपोर्ट के मुताबिक, मेलानिया मुख्य बेडरूम में रहती हैं, जबकि ट्रंप ने बगल वाले कमरे को अपना निजी बेडरूम बना लिया है. यह कमरा व्हाइट हाउस के नक्शे में आमतौर पर "लिविंग रूम" के तौर पर दिखाया जाता है.
किताब में एक और मजेदार दावा किया गया है. लेखकों के अनुसार, व्हाइट हाउस में लौटने के शुरुआती दिनों में ट्रंप को सजावट का ऐसा शौक चढ़ा कि वह गलियारे में रखी चीजें उठाकर अपने कमरे में ले जाने लगे. कई बार तो वह खुद सामान उठाकर ले जाते थे और अपनी पसंद के हिसाब से कमरे की सजावट बदल देते थे.
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जब स्टाफ ने उन्हें याद दिलाया कि कुछ सामान मेलानिया ने खुद चुना था, तो कथित तौर पर ट्रंप ने इसकी परवाह नहीं की. स्थिति ऐसी हो गई कि स्टाफ को मेलानिया की पसंद की नई चीजें ढूंढकर उनकी तस्वीरें भेजनी पड़ती थीं, ताकि उनकी मंजूरी ली जा सके.
व्हाइट हाउस में 'इंटीरियर डिजाइनर' बने ट्रंप
किताब के मुताबिक, ट्रंप को इंटीरियर डेकोरेशन का भी खास शौक है. दावा किया गया है कि वह कभी-कभी खुद गोंद लेकर दीवारों पर सुनहरे सजावटी टुकड़े चिपकाने लगते थे. उनके करीबी लोगों के लिए यह कोई हैरानी की बात नहीं थी, क्योंकि ट्रंप अक्सर अपनी पसंद को दूसरों की राय से ज्यादा महत्व देते हैं.
रोज गार्डन से लेकर बॉलरूम तक चला 'घरेलू संघर्ष'
किताब में कहा गया है कि ट्रंप और मेलानिया के बीच सजावट को लेकर कई बार मतभेद भी हुए.जब ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में बदलाव की योजना बनाई तो मेलानिया की टीम ने नाराजगी जताई. बाद में समझौता हुआ कि गुलाब के पौधे बने रहेंगे, लेकिन बाकी हिस्से में बदलाव किया जाएगा.इसी तरह ट्रंप के विशाल बॉलरूम बनाने के सपने को लेकर भी मेलानिया पूरी तरह सहमत नहीं थीं. हालांकि किताब के अनुसार, आखिरकार इस मामले में ट्रंप की ही चली.
किताब के दावों पर चर्चा तेज
फिलहाल ये सभी बातें किताब में किए गए दावों पर आधारित हैं. व्हाइट हाउस की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.लेकिन इतना जरूर है कि दुनिया भर की राजनीति में अपने बयानों और फैसलों से सुर्खियां बटोरने वाले डोनाल्ड ट्रंप इस बार किसी चुनाव, युद्ध या भाषण की वजह से नहीं, बल्कि अपने बेडरूम, बाथरूम और चिप्स के पैकेटों की वजह से चर्चा में हैं.
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