अपने ही बॉयफ्रेंड को चाकू से गोदने का आरोप, दुबई में ब्रिटिश इंफ्लुएंसर गिरफ्तार

दुबई में एक ब्रिटिश टिकटॉकर पर अपने बॉयफ्रेंड की हत्या का आरोप लगा है. परिवार का दावा है कि वह हिंसा और शोषण की शिकार थीं, जबकि यूएई में उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा चल रहा है. सोशल मीडिया पर ये मामला काफी चर्चा में है.

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ब्रुक जॉर्ज की मुलाकात एक 26 साल की ब्रिटिश युवक से फेसबुक पर हुई थी (Photo:Social Media) ब्रुक जॉर्ज की मुलाकात एक 26 साल की ब्रिटिश युवक से फेसबुक पर हुई थी (Photo:Social Media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:32 PM IST

ब्रिटेन की 23 साल की टिकटॉकर ब्रुक जॉर्ज (Brooke George) दुबई में हत्या के एक हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार की गई हैं. उन पर 26 वर्षीय एक ब्रिटिश युवक की पूर्व नियोजित हत्या का आरोप लगाया गया है. अगर अदालत उन्हें दोषी ठहराती है, तो उन्हें मौत की सजा का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, ब्रुक और उनका परिवार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने यह कदम अपनी जान बचाने के लिए आत्मरक्षा में उठाया था.

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यह मामला ब्रिटेन स्थित मानवाधिकार संगठन Detained in Dubai के जरिए सामने आया है, जिसने ब्रुक की ओर से विस्तृत बयान जारी किया है. वहीं, अभी तक दुबई पुलिस ने इस मामले के आरोपों पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है.

फेसबुक पर हुई थी दोस्ती, फिर दुबई पहुंची

संगठन के अनुसार, ब्रुक जॉर्ज की मुलाकात एक 26 साल की ब्रिटिश युवक से फेसबुक पर हुई थी. ऑनलाइन बातचीत के बाद दोनों के बीच रिश्ता बना और ब्रुक पहली बार दुबई गईं. उनके मुताबिक, पहला दौरा बेहद अच्छा रहा और उन्होंने इसे जिंदगी का सबसे खूबसूरत समय बताया. इसी दौरान युवक ने उनका एक प्रोफेशनल फोटोशूट भी कराया.

दूसरी यात्रा में बदल गया सब कुछ

ब्रुक के परिवार का कहना है कि दूसरी बार दुबई पहुंचने के बाद युवक का व्यवहार पूरी तरह बदल गया. आरोप है कि वह बेहद कंट्रोलिंग हो गया और उसने ब्रुक के लिए सिर्फ वन-वे टिकट खरीदा था. इससे उन्हें शक हुआ कि शायद उन्हें वापस नहीं जाने दिया जाएगा.

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परिवार के मुताबिक, घटना वाली रात दोनों जुमेराह विलेज स्थित Caffreys Bar गए थे. वहां शराब पीने के बाद युवक ने पहले कार में और फिर अपार्टमेंट में ब्रुक के साथ मारपीट की.

पासपोर्ट लेने लौटीं, फिर हुआ हमला

परिवार के बयान के अनुसार, मारपीट के बाद ब्रुक ने दोस्तों की मदद से ब्रिटेन लौटने की फ्लाइट बुक कर ली थी. वह सिर्फ अपना पासपोर्ट लेने दोबारा अपार्टमेंट पहुंचीं.

आरोप है कि वहां युवक ने उनका पासपोर्ट देने से इनकार कर दिया और फिर उन पर हमला कर दिया. परिवार का कहना है कि ब्रुक लगातार रो रही थीं और पासपोर्ट वापस मांग रही थीं. इसी दौरान उन्हें चेहरे पर जोरदार मुक्का मारा गया.

ब्रुक का दावा है कि उन्हें लगा कि उनकी जान खतरे में है. ऐसे में उन्होंने पास रखे किचन नाइफ से वार किया. उनका कहना है कि यह हमला जानबूझकर नहीं बल्कि आत्मरक्षा में किया गया.

एयरपोर्ट से हुई गिरफ्तारी

संगठन के मुताबिक, घटना के बाद ब्रुक सीधे दुबई एयरपोर्ट पहुंचीं ताकि ब्रिटेन लौट सकें. लेकिन 22 जून 2026 की सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. परिवार का कहना है कि गिरफ्तारी के समय उनके चेहरे और शरीर पर चोटों के स्पष्ट निशान थे.

हिरासत में दुर्व्यवहार के आरोप

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Detained in Dubai ने आरोप लगाया है कि ब्रुक को दुबई पुलिस स्टेशन में रखा गया है. संगठन का दावा है कि वहां उन्हें पुरुष पुलिसकर्मियों के सामने कपड़े उतरवाने के लिए मजबूर किया गया और उस समय कोई महिला अधिकारी मौजूद नहीं थी.साथ ही आरोप है कि भाषा की समस्या के कारण उन्हें कानूनी प्रक्रिया ठीक से समझाई नहीं गई, ब्रिटिश दूतावास तक तुरंत पहुंच नहीं दी गई और वकील की गैरमौजूदगी में बयान दर्ज किए गए.

मां ने सुनाई बेटी की आपबीती

ब्रुक की मां थेरेज़ा जॉर्ज ने संगठन के जरिए जारी बयान में कहा कि घटना से एक दिन पहले उनकी बेटी सामान्य नहीं लग रही थी. घटना के बाद जब उन्होंने उससे बात की तो वह बेहद डरी हुई थी.उन्होंने कहा कि मैंने अपनी बेटी को कभी इतना डरा हुआ नहीं देखा. उसकी एक आंख सूज चुकी थी और वह लगातार रो रही थी. मुझे पूरा विश्वास है कि वह किसी भी तरह दुबई से निकलकर घर लौटना चाहती थी.

संगठन ने उठाए कई सवाल

Detained in Dubai की सीईओ राधा स्टर्लिंग ने कहा कि यह मामला सिर्फ हत्या का नहीं बल्कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा, आत्मरक्षा के अधिकार और निष्पक्ष न्याय से भी जुड़ा है.उन्होंने मांग की है कि यूएई अधिकारी मृतक के मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल डिवाइस की फोरेंसिक जांच करें ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं ब्रुक को किसी तरह के शोषण के उद्देश्य से तो दुबई नहीं बुलाया गया था.

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संगठन ने यह भी कहा कि ब्रुक को जांच पूरी होने तक जमानत, कानूनी सहायता, उचित इलाज और ब्रिटिश दूतावास की मदद मिलनी चाहिए.
 

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