अमेरिका में घरों और सड़कों के आसपास सूखे पत्ते जमा होना आम बात है. इन्हें साफ करने के लिए लोग कई बार लैंडस्केप प्रोफेशनल की मदद लेते हैं. ये लोग लीफ ब्लोअर नाम की मशीन से हवा के दबाव से पत्तियों को एक जगह इकट्ठा करके साफ करते हैं. अब सवाल है कि इस काम के लिए उन्हें कितने पैसे मिलते हैं? अमेरिका में ऐसे काम करने वाले लोगों को अक्सर घंटे के हिसाब से भुगतान किया जाता है. एक लीफ ब्लोअर या लैंडस्केप प्रोफेशनल की कमाई करीब 15 से 22 डॉलर प्रति घंटा बताई जाती है.
भारतीय रुपये में यह रकम लगभग 1,300 से 1,900 रुपये प्रति घंटा बैठती है, हालांकि डॉलर-रुपये की दर बदलती रहती है. यानी जिस काम को देखकर हमें लगता है कि इसमें बस मशीन से हवा मारकर पत्तियां हटानी हैं, अमेरिका में वही काम पेड़ लैंडस्केप प्रोफेशनल जॉब है. अमेरिका के कई हिस्सों में पतझड़ के मौसम में पेड़ों से बड़ी संख्या में पत्तियां गिरती हैं. घरों के बाहर, बगीचों और रास्तों पर इनका ढेर लग जाता है. इन्हें समय पर साफ करना जरूरी होता है. अगर घर के बाहर के पत्तों को साफ नहीं करवाया तो फाइन भी लग सकता है. ऐसे में लोग गार्डेनिंग और घर के बाहर की देखभाल करने वाले कर्मचारियों को बुलाते हैं.
तेज हवा से पत्तियां होती हैं साफ
पत्तियों को साफ करने के लिए जिस मशीन का इस्तेमाल किया जाता है, उसे लीफ ब्लोअर कहा जाता है. यह मशीन काफी तेज हवा छोड़ती है. कर्मचारी इस हवा की मदद से जमीन पर फैली सूखी पत्तियों को एक जगह इकट्ठा करते हैं. इसके बाद पत्तियों को उठाकर कचरे में डाला जाता है या तय जगह पर पहुंचाया जाता है. दूर से देखने पर यह काम काफी आसान लगता है. कर्मचारी मशीन लेकर चलता है और हवा के दबाव से पत्तियां इधर-उधर खिसकती जाती हैं. लेकिन असल में इस काम में काफी समय घरों, बगीचों और खुले हिस्सों की सफाई में जाता है.
घंटे के हिसाब से मिलती है मजदूरी
अब आते हैं सबसे दिलचस्प सवाल पर कि इस काम से कमाई कितनी होती है. अमेरिका में बागवानी और मैदान की देखभाल से जुड़े कर्मचारियों को आमतौर पर घंटे के हिसाब से मजदूरी मिल सकती है. करीब 15 से 22 डॉलर प्रति घंटे की दर का जिक्र मिलता है. भारतीय रुपये में देखें तो यह रकम डॉलर की विनिमय दर के हिसाब से लगभग 1,300 से 1,900 रुपये प्रति घंटे के आसपास बैठती है. हालांकि यह कमाई हर जगह और हर कर्मचारी के लिए एक जैसी नहीं होती. अनुभव, शहर, कंपनी, काम के प्रकार और काम के घंटों के हिसाब से मजदूरी कम या ज्यादा हो सकती है. अगर कोई व्यक्ति पूरे समय काम करता है, तो महीने की कमाई भी अच्छी हो सकती है. लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि पूरी रकम कर्मचारी की जेब में नहीं जाती. अमेरिका में रहने का खर्च, टैक्स और दूसरी जरूरतों पर भी काफी पैसा खर्च होता है.
सिर्फ पत्तियां साफ करना ही काम नहीं
एक और बात ध्यान देने वाली है. अमेरिका में लीफ ब्लोअर चलाने वाला कर्मचारी जरूरी नहीं कि सिर्फ पत्तियां साफ करने का काम ही करता हो. ऐसे कर्मचारी अक्सर बागवानी और घर के बाहर की देखभाल से जुड़े दूसरे काम भी करते हैं. इनमें घास काटना, पौधों की देखभाल करना, बगीचे की सफाई करना और सूखी पत्तियों को हटाना जैसे काम शामिल हो सकते हैं. यानी लीफ ब्लोअर चलाना इस तरह की नौकरी का एक हिस्सा हो सकता है. भारत में जहां घर के बाहर गिरी पत्तियों को लोग अक्सर खुद झाड़ू लगाकर साफ कर लेते हैं, वहीं अमेरिका में इसी तरह के कई छोटे-बड़े कामों के लिए लोग पेशेवर कर्मचारियों की सेवाएं लेते हैं. यही वजह है कि वहां बागवानी और घर के बाहर की देखभाल से जुड़े काम एक रोजगार का रूप ले चुके हैं.
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