Best Places to Visit in Chitrakoot: इन दिनों सिनेमाघरों में फिल्म हनुमान अंश की धूम देखने को मिल रही है, जिसे लोगों का जमकर प्यार मिल रहा है. फिल्म की कहानी ने लोगों का दिल जीत लिया है और यही वजह से फिल्म लगातार कमाई के नए रिकॉर्ड बना रही है. फिल्म हनुमान अंश की ज्यादातर शूटिंग उत्तर प्रदेश में हुई है और लगभग 80 प्रतिशत शूट चित्रकूट में किया गया है. ये बुन्देलखण्ड क्षेत्र में स्थित है और बहुत सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक महत्व रखता है. फिल्म में तपोभूमि की आध्यात्मिकता, प्राकृतिक और लोकल वातावरण को दिखाया गया है.
मंदाकिनी तट स्थित पंजाबी बाबा आश्रम में के जिस कमरे को शूट किया गया था, उसे लेकर बाद में डायरेक्टर डॉ.विशाल चतुर्वेदी को पता चला कि वहां भी खुद नीम करौली बाबा ठहरे थे. चित्रकूट का इतिहास काफी पुराना है, चित्रकूट में ही भगवान राम ने अपने वनवास का सबसे अधिक समय बिताया था और भरत भी उनसे मिलने यहां पर आए थे.
अगर फिल्म हनुमान अंश देखने के बाद आपके मन में चित्रकूट को करीब से देखने की इच्छा जागी है, तो यहां की यात्रा आपके लिए यादगार हो सकती है. धार्मिक महत्व, पुराने मंदिर, गुफाएं, नदी के घाट और हरियाली से घिरा प्राकृतिक वातावरण चित्रकूट को एक खास ट्रैवल डेस्टिनेशन बनाते हैं.
रामघाट
चित्रकूट का सफर रामघाट के बिना अधूरी माना जाता है. मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित रामघाट धार्मिक और प्राकृतिक दोनों ही लिहाज से बेहद खास है. मान्यता है कि भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण ने यहां समय बिताया था. सुबह और शाम के समय घाट का नजारा बेहद खूबसूरत लगता है. यहां होने वाली आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है. अगर आप सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं तो रामघाट जरूर जाएं.
कामदगिरि पर्वत
चित्रकूट आने वाले श्रद्धालु कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा जरूर करते हैं. करीब 5 किलोमीटर की इस परिक्रमा के रास्ते में कई छोटे-बड़े मंदिर देखने को मिलते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार कामदगिरि पर्वत भगवान राम का स्वरूप माना जाता है. चारों तरफ हरियाली और शांत वातावरण इस जगह को खास बनाता है. धार्मिक आस्था के साथ-साथ यहां का प्राकृतिक माहौल भी लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचता है.
हनुमान धारा
चित्रकूट में जा रहे हैं तो हनुमान धारा देखना ना भूलें, यह वहां की एक बहुत फेमस जगह है जो एक पहाड़ी पर स्थित है. जहां पहुंचने के लिए सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, यहां भगवान हनुमान की प्रतिमा के ऊपर पहाड़ से लगातार पानी की धारा गिरती रहती है. मान्यता है कि लंका दहन के बाद भगवान हनुमान ने इसी स्थान पर विश्राम किया था. ऊपर से चित्रकूट का खूबसूरत नजारा भी दिखाई देता है.
गुप्त गोदावरी
अगर आपको प्राकृतिक और रहस्यमयी जगहें देखना पसंद है तो गुप्त गोदावरी जरूर जाएं. यहां पहाड़ के अंदर दो गुफाएं हैं, जिनमें पानी की धारा बहती है. मान्यता है कि भगवान राम और लक्ष्मण ने इन गुफाओं में दरबार लगाया था. गुफाओं के अंदर का वातावरण और चट्टानों की प्राकृतिक शेप इसे बाकी जगहों से अलग बनाती है.
सती अनुसुइया मंदिर
मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित सती अनुसुइया आश्रम भी चित्रकूट की खास जगहों में से एक है. यह स्थान घने जंगल और शांत वातावरण के बीच मौजूद है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता अनुसुइया ने यहां तपस्या की थी. मंदिर परिसर के आसपास का प्राकृतिक वातावरण बेहद शांत और मन को सुकून देने वाला है. परिवार के साथ घूमने के लिए यह जगह अच्छी मानी जाती है, अगर आप अकेले शांति में समय बिताना चाहते हैं तो भी यह जगह आपके लिए बेस्ट है.
भरत मिलाप मंदिर
कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा के दौरान भरत मिलाप मंदिर भी देखा जा सकता है. मान्यता है कि वनवास के दौरान भरत भगवान राम से मिलने चित्रकूट आए थे. यहां पहुंचकर आपको चित्रकूट के पौराणिक इतिहास और धार्मिक परंपराओं को करीब से समझने का मौका मिलता है.
मंदाकिनी नदी
अगर आपको शाम को नदी किनारे बैठना अच्छा लगता है तो आप चित्रकूट की मंदाकिनी नदी जा सकते हैं. चित्रकूट की खूबसूरती में मंदाकिनी नदी का सबसे बड़ा हाथ है. नदी के किनारे बैठकर कुछ समय बिताना और आसपास के शांत वातावरण को महसूस करना अपने आप में एक अलग एक्सपीरियंस है.
सुबह और शाम के समय यहां का नजारा बेहद मंत्रमुग्ध कर देने वाला नजर आता है. अगर आप भागदौड़ से दूर कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं तो मंदाकिनी तट पर जरूर जाएं.
चित्रकूट जाने का सही समय
चित्रकूट घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च के बीच का समय सबसे आरामदायक माना जाता है. इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और धार्मिक स्थलों के साथ आसपास की प्राकृतिक जगहों को भी आसानी से एक्सप्लोर किया जा सकता है. हालांकि मानसून के दौरान भी चित्रकूट की हरियाली और झरनों का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क