यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) को लेकर चर्चा है कि अब 2 हजार रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर चार्ज देना होगा. अब सवाल आता है कि ये नया नियम क्या है, किन लोगों पर लगेगा, कब से लागू होगा. आइए इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं.
सबसे पहले बता देते हैं कि वित्त मंत्रालय ने संसद में भुगतान और निपटान प्रणाली (संसोधन) विधेयक, 2027 पेश किया है.
इस बिल के तहत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की बात कही है, जिसका मतलब है कि इस चार्ज को 2 हजार रुपये से ज्यादा की लिमिट पार करने वालों पर लागू किया जाएगा.
किन लोगों पर लगेगा ये चार्ज?
TOI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह प्रस्ताव मुख्य रूप से 2 हजार रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर लागू होगा. ये चार्ज व्यापारी लेनदेन और बड़े संस्थानों पर लागू होगा.
किन लोगों को मिलेगा राहत
2 हजार रुपये से अधिक की पेमेंट पर आम कस्टमर को पेमेंट से छूट मिलेगी. यानी आप आम कस्टमर या दुकानदार हैं तो आपके ऊपर कोई चार्ज नहीं लगेगा.
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आम यूजर्स पर कोई असर नहीं
आम यूजर्स पहले की तरह ही 2 हजार रुपये से अधिक की ट्रांजैक्शन बिना चार्ज के पेमेंट कर सकेंगे. सामान्य UPI सीमा 1 लाख रुपये डेली पेमेंट की है. हालांकि अस्पताल, टैक्स और एजुकेशन में इससे भी छूट मिलती है.
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यह फैसला पहले साल 2020 में शुरू होने वाला था, लेकिन सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को UPI और RuPay डेबिट कार्ड के लेनदेन पर MDR चार्ज लगाने से रोक दिया था. आने वाले दिनों में इसपर और भी डिटेल्स सामने आएगी. साथ
रोहित कुमार