Rule Change 1 Nov : कल से सभी मोबाइल पर मिलेगी CNAP सर्विस, करोड़ों लोगों को दिखेगा SIM वाला नाम

What is CNAP: 1 नवंबर से Jio, Airtel, Vi और BSNL यूजर्स के लिए नया नियम लागू होने जा रहा है. अनजान नंबर्स से आने वाले कॉलर का असली नाम पता चलेगा. साइबर ठग अक्सर भोले-भाले लोगों को शिकार बनाते हैं. सरकार की नई पहले से साइबर ठगों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.

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CNAP के तहत अनजान कॉलर का नाम दिखाया जाएगा. (Photo: Unsplash) CNAP के तहत अनजान कॉलर का नाम दिखाया जाएगा. (Photo: Unsplash)

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 31 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:32 AM IST

भारत में कल से एक नया नियम लागू होने जा रहा है, जिसका नाम कॉलर नेम प्रजेंटेशन (CNAP)  है. भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने हाल ही में दिशा-निर्देश जारी किए थे और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स से कहा है कि 1 नवंबर से सभी स्मार्टफोन यूजर्स को अनजान कॉलर का नाम दिखाएं.

CNAP सर्विस के तहत 4G और 5G सर्विस पर काम करने वाले यूजर्स के मोबाइल पर अनजान नंबर का भी नाम दिखाई देगा. यह सर्विस काफी कुछ ट्रूकॉलर ऐप की याद दिलाती है. 

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उदाहरण के तौर पर समझें तो A शख्स जब B को कॉल करता है. अगर B शख्स के कॉन्टैक्ट्स बुक में A का नाम शामिल है, तो फोन में वही नाम दिखाएगा.  

अगर B के कॉन्टैक्ट्स में A का नाम सेव नहीं है तो मोबाइल नंबर के नीचे की तरफ कॉलर का असली नाम दिखेगा. अनजान कॉलर का वही नाम होगा, जिसके नाम पर सिम कार्ड जारी है. 

इंटरनेशनल कॉल का चलेगा पता 

CNAP को एक लाइन में समझें तो यह अनजान कॉलर का फोन पर नाम दिखाएगा. अगर कोई इंटरनेशनल कॉल होगी, तो उसपर इंटरनेशनल कॉल लिखा नजर आएगा. 

यह भी पढ़ें: ना इंटरनेट ना ऐप, फिर भी दिख रहा कॉल करने वाले का नाम, कैसे काम कर रहा CNAP?

4G और 5G के लिए सर्विस लाइव 

CNAP की सर्विस अभी 4G और 5G मोबाइल यूजर्स के लिए जारी की है. आने वाले दिनों में इसको 2G और 3G सब्सक्राइबर्स के लिए अलग रोलआउट जारी किया जाएगा. 

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यह भी पढ़ें: क्या है SMS ऑफ डेथ? कबाड़ बना देगा आपका स्मार्टफोन, करोड़ों पर संकट

साइबर ठगों का विदेशों में जाल 

CNAP के चलते भारतीय यूजर्स आसानी से पता कर सकेंगे कि उनका कॉलर भारतीय या फिर किसी बाहर देश से कॉल आया है. साइबर ठग अक्सर विदेशों से कॉल करते हैं और लोगों को शिकार बनाते हैं. बहुत से साइबर ठगों के गैंग के कनेक्शन विदेशों में भी हैं.  

DoT असल में CNAP की मदद से साइबर ठगी के केस पर लगाम लगाना चाहती है. भारत में हर साल साइबर ठगी की वजह से लाखों लोगों के बैंक खाते खाली हो जाते हैं. 

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