Pakistan Army ने छोड़ा WhatsApp! अब चीनी ऐप WeChat पर होगी पूरी बातचीत, भारत ने किया था बैन

पाकिस्तान आर्मी के अधिकारियों और जवानों को अब WhatsApp की जगह WeChat यूज करने को कहा गया है. WeChat चीन के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म में से एक है. बता दें कि WeChat को काफी पहले ही भारत में बैन कर दिया गया था.

Advertisement
Tencent fires WeChat manager after his Rs 4.4 crore pay package leaks online. (Representational image created using AI) Tencent fires WeChat manager after his Rs 4.4 crore pay package leaks online. (Representational image created using AI)

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 04 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:23 PM IST

पाकिस्तान की सेना ने अपने सभी सैन्य अधिकारियों और जवानों को WhatsApp यूज करने से मना किया है. आपको बता दें कि वॉट्सऐप अमेरिकी कंपनी मेटा का प्लेटफॉर्म है. पाकिस्तानी सेना अधिकारियों और जवानों को वॉट्सऐप की जगह चीन के WeChat ऐप पर जाने का निर्देश दिया है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब चीन और पाकिस्तान के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है. 

Advertisement

इंडिया टुडे को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान सेना की ओर से जारी एक इंटर्नल ऑर्डर में सभी सैन्य अधिकारियों, जवानों और प्रशासनिक कर्मचारियों से कहा गया है कि वे धीरे-धीरे वॉट्सऐप का इस्तेमाल बंद करें और आधिकारिक व सैन्य बातचीत के लिए WeChat अपनाएं. बता दें कि भारत ने काफी पहले ही WeChat को बैन कर दिया था, इसलिए अब भारत में ये ऐप उपलब्ध नहीं है. 

यह भी पढ़ें: वॉट्सऐप की बड़ी तैयारी, अब ऑफर्स और बिजनेस मैसेज के लिए आ रहा है नया टैब, खुद होगा काम

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान सेना का मानना है कि पश्चिमी देशों के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर निगरानी, डेटा लीक और बातचीत इंटरसेप्ट होने का खतरा ज्यादा है. इसी वजह से सेना अब चीनी प्लेटफॉर्म WeChat का इस्तेमाल करना चाहती है. गौरतलब है कि WeChat चीन का सबसे बड़ा मैसेजिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है. यह सिर्फ चैटिंग ऐप नहीं है, बल्कि इसके जरिए वीडियो कॉल, फाइल शेयरिंग, पेमेंट और कई दूसरी डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं. इस तरह के ऐप्स को सुपर ऐप भी कहा जाता है. चीन में करोड़ों लोग इसका इस्तेमाल करते हैं और यह वहां का सबसे पॉपुलर ऐप भी है.

Advertisement

रिपोर्ट में कहा गया है कि WeChat अपनाने से पाकिस्तान और चीन की सेनाओं के बीच डिजिटल सिस्टम को एक जैसा बनाने में मदद मिलेगी. इससे दोनों देशों के बीच सैन्य जानकारी साझा करना, संयुक्त ऑपरेशन के दौरान बातचीत करना और इंटेलिजेंस कोऑर्डिनेशन पहले से आसान हो सकता है.

यह भी पढ़ें: WhatsApp क्यों लोगों के अकाउंट बैन कर रहा है? एक गलती और अकाउंट हमेशा के लिए खो देंगे

दरअसल, पिछले कुछ सालों में चीन और पाकिस्तान के रक्षा संबंध काफी तेजी से बढ़े हैं. पहले दोनों देशों के बीच सहयोग मुख्य रूप से हथियारों की खरीद तक सीमित था. पाकिस्तान ने चीन से लड़ाकू विमान, युद्धपोत और एयर डिफेंस सिस्टम खरीदे हैं. लेकिन अब यह साझेदारी सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं रह गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश अब साइबर क्षमता बढ़ाने, सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम विकसित करने, साझा कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल तैयार करने और इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करने पर भी साथ काम कर रहे हैं. ऐसे में WeChat पर जाने का फैसला इसी बड़े बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है.

भारत में क्यों बैन WeChat?

भारत ने जून 2020 में 59 पॉपुलर चीनी ऐप्स बैन किए थे. इन ऐप में टिक टॉक, यूसी ब्राउजर और WeChat जैसे बड़े नाम शामिल थे. सरकार ने नेशनल सिक्योरिटी कंसर्न की वजह से इन ऐप को बैन किया था. मिनिस्ट्री ने तब कहा था कि उनके पास क्रेडिबल इनपुट हैं जिससे ये साबित होता है कि ये ऐप्स भारत का डेटा चीन भेज रहे थे. इस बैन को इनफॉर्मेशन टेक ऐक्ट 2000 के Section 69A तहत लागू किया गयाा था. बता दें कि बैन से ठीक दो हफ्ते पहले गलवन वैली क्लैश हुआ था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »