भारत में अब हाईवे बनाने का तरीका और ज्यादा एडवांस्ड होने जा रहा है. सरकार हाईवे निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दे रही है. नेशनल हाईवे ऑथोरी ऑफ़ इंडिया यानी NHAI ने हाईवे प्रोजेक्ट्स में स्मार्ट मशीनों की मदद से काम करने को जरूरी कर दिया है.
NHAI के नए नियम के मुताबिक, 20 किलोमीटर से ज्यादा लंबे और 500 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाले हाईवे प्रोजेक्ट्स में ऑटोमेटेड एंड इंटेलिजेंट मशीन-एडेड कंस्ट्रक्शन यानी मशीनों की मदद से होने वाला स्मार्ट निर्माण जरूरी होगा. इसका मतलब है कि ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स में सिर्फ मजदूरों और सामान्य मशीनों पर निर्भर रहने के बजाय अब ज्यादा एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा.
क्या है AI वाली मशीनों का काम?
हाईवे बनाने के दौरान सड़क की क्वालिटी, जमीन की स्थिति, सड़क की मोटाई और निर्माण के अलग-अलग कामों पर लगातार नजर रखनी पड़ती है. इसमें थोड़ी सी भी गलती होने पर सड़क जल्दी खराब हो सकती है.
AI और स्मार्ट मशीनों की मदद से निर्माण के दौरान काम को ज्यादा सही तरीके से किया जा सकेगा. मशीनें सड़क बनाने के काम में जरूरी डेटा को रिकॉर्ड कर सकती हैं और यह पता लगाने में मदद कर सकती हैं कि काम तय स्टैंडर्ड्स के हिसाब से हो रहा है या नहीं.
इससे इंजीनियरों को भी काम की निगरानी करने में आसानी होगी. अगर किसी जगह पर कमी दिखाई देती है, तो उसे समय रहते ठीक किया जा सकता है.
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हाईवे की क्वालिटी पर पड़ेगा असर
NHAI का यह कदम हाईवे निर्माण की क्वालिटी को बेहतर करने के लिए काफी अहम माना जा रहा है. कई बार सड़क बनने के कुछ समय बाद ही उसमें गड्ढे या दूसरी दिक्कतें देखने को मिलती हैं. इसकी एक वजह निर्माण के दौरान क्वालिटी का सही तरीके से ध्यान नहीं रखना भी हो सकती है.
स्मार्ट मशीनों और AI आधारित सिस्टम से निर्माण के हर स्टेप की बेहतर निगरानी की जा सकेगी. इससे काम में होने वाली गलतियों को कम करने में मदद मिल सकती है.
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काम भी होगा ज्यादा तेज
AI और मशीनों के इस्तेमाल से सिर्फ क्वालिटी ही नहीं, बल्कि निर्माण की स्पीड भी बेहतर हो सकती है. बड़ी मशीनें कई ऐसे काम कम समय में कर सकती हैं, जिनमें पहले ज्यादा समय और ज्यादा मैनपावर लगती थी.
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हाईवे निर्माण में इंसानों की जरूरत खत्म हो जाएगी. इंजीनियर, टेक्निकल एक्सपर्ट और दूसरे कर्मचारी अभी भी जरूरी रहेंगे. फर्क सिर्फ इतना होगा कि अब उनके साथ AI और स्मार्ट मशीनें भी काम करेंगी.
कुल मिलाकर, NHAI का यह फैसला भारत में हाईवे निर्माण को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है. आने वाले समय में देश में बनने वाले बड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स में AI और ऑटोमेशन का इस्तेमाल और ज्यादा देखने को मिल सकता है.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क