ईरान ने किया अमेरिकी कंपनी Amazon पर अटैक, बहरीन के डेटा सेंटर को बनाया निशाना

ईरान ने चेतावनी दी थी कि वो अमेरिकी टेक कंपनियों पर हमला करेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक बहरीन में ऐमेजॉन के डेटा सेंटर पर ईरान ने अटैक किया है. ऑफिशियल कनफर्मेशन का इंतजार है.

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ईरान ने ऐमेजॉन के बहरीन डेटा सेंटर को निशाना बनाया है! ईरान ने ऐमेजॉन के बहरीन डेटा सेंटर को निशाना बनाया है!

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:28 PM IST

मिडिल ईस्ट महाजंग के बीच एक बड़ी खबर आ रही है. ईरान ने हाल ही में चेतावनी जारी की थी कि अब अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने बहरीन में Amazon के डेटा सेंटर पर हमला कर दिया है.

बताया जा रहा है कि यह डेटा सेंटर सीधे हमले का निशाना नहीं बना, लेकिन आसपास हुए ड्रोन स्ट्राइक के असर से इसके ऑपरेशन्स प्रभावित हुए. बहरीन की तरफ से ये X पोस्ट शेयर किया गया है. हालांकि यहां ऐमेजॉन का जिक्र नहीं है. 

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ईरान ने कहा है कि Meta, Google, Apple और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों के डेटाबेस पर अटैक करेगा. यहां टोटल 18 अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाने पर रखने की बात सामने आई है. 

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माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर लोग Amazon को लेकर लगातार पोस्ट कर रहे हैं. अगर ऐमेजॉन का डेटा सेंटर पर हमला होता है तो ना सिर्फ ऐमेजॉन बल्कि दुनिया की कई सारी वेब सर्विसेज भी ठप पड़ सकती हैं. 

डेटा सेेंटर पर हमला क्यों है खतरनाक?

दरअसल कोई भी डेटा सेंटर सिर्फ उस कंपनी के लिए नहीं होता है. डेटा सेंटर में दुनिया भर के लाखों-करोड़ों यूजर्स का डेटा होता है. ये डेटा अलग अलग कंपनियों का भी होता है. बताया जा रहा है कि Amazon Web Services यानी AWS को हिट किया गया है. बता दें कि AWS दुनिया की सबसे बड़़ी क्लाउड कंपनियों में से एक है. 

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AWS की सर्विसेज भारत सहित ज्यादातर देश यूज करते हैं. यानी अगर ऐमेजॉन के डेटा सेंटर पर अटैक होता है तो मुमकिन है दूसरे देशों की भी सर्विस डिसरप्ट हों. हालांकि इसके चासेंस कम होते हैं, क्योंकि हर रीजन का डेटा सेंटर अलग अलग जगह बनाया जाता है. 

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बहरीन के जिस ऐमेजॉन डेटा सेंटर पर अटैक की खबर आ रही है, फिलहाल ये साफ नहीं है कि वहां से कितनी सर्विसेज चल रही थीं. लेकिन इतना साफ है कि इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित AWS होगा, क्योंकि पहले भी ऐसा देखा जा चुका है. 

ईरान ने कहा है कि अब से अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, खासकर वे कंपनियां जो मिडिल ईस्ट में डेटा, क्लाउड या डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेट करती हैं.

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर अमेरिकी कंपनियों या उनके इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तो इसका जवाब सीधे और सख्त तरीके से दिया जाएगा. उन्होंने इसे अमेरिकी हितों पर हमला बताया और चेतावनी दी कि ऐसी किसी भी कार्रवाई का जवाब सैन्य और आर्थिक दोनों स्तर पर दिया जाएगा.

ऐपल और गूगल के डेटा सेंटर पर हुआ अटैक तो क्या होगा?

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अगर Apple या Google के डेटा सेंटर पर हमला होता है, तो इसका असर सिर्फ कंपनी तक सीमित नहीं रहेगा. ये डेटा सेंटर पूरी दुनिया की डिजिटल सर्विसेस चलाते हैं, जैसे iCloud, Gmail, YouTube, Google Maps, Play Services और लाखों ऐप्स.

पहले भी Amazon के डेटा सेंटर पर हमले के बाद बैंकिंग, राइड ऐप्स और ऑनलाइन सर्विसेस ठप हो गई थीं.

बड़ी कंपनियों के डेटा सेंटर पर हमले से होगा ये नुक़सान

  • करोड़ों यूज़र्स की सेवाएं अचानक बंद हो सकती हैं
  • बैंकिंग और पेमेंट सिस्टम रुक सकते हैं
  • स्टार्टअप्स और बिजनेस ऑपरेशन ठप पड़ सकते हैं
  • इंटरनेट का बड़ा हिस्सा स्लो या डाउन हो सकता है

सबसे बड़ा असर डेटा और AI पर पड़ेगा. आज की जंग में AI, सैटेलाइट डेटा और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर ही असली ताकत हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की कई मिलिट्री और इंटेलिजेंस ऑपरेशन्स में प्राइवेट कंपनियों की टेक्नोलॉजी इस्तेमाल होती है, इसी वजह से ईरान इन कंपनियों को सीधे टारगेट मान रहा है.

यानी अगर Apple और Google के डेटा सेंटर पर हमला होता है, तो यह सिर्फ टेक अटैक नहीं होगा, यह पूरी दुनिया की डिजिटल इकोनॉमी, इंटरनेट और यहां तक कि वॉर का डायरेक्शन भी बदल सकता है. क्योंकि इससे सिर्फ अमेरिका का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का बड़ा नुकसान होगा. 

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