भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए HYLO ओपन 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है. रविवार को खेले गए महिला सिंगल्स के फाइनल में सिंधु ने डेनमार्क की लाइन कजर्सफेल्ड को सीधे गेमों में 21-12, 21-14 से हराया. इस जीत के साथ ही उन्होंने इस सीजन अपना दूसरा खिताब हासिल कर लिया.
सिंधु के लिए यह जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि पिछले सप्ताह ही उन्हें फ्रेंच ओपन के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था. वहां दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी एन से यंग ने उन्हें हराकर खिताब जीता था.
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने जुलाई में जापान ओपन का खिताब भी अपने नाम किया था. अब HYLO ओपन जीतकर उन्होंने इस सीजन अपने BWF वर्ल्ड टूर खिताबों की संख्या दो कर ली है.
बिना गेम गंवाए फाइनल तक पहुंचीं सिंधु
सिंधु ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा और फाइनल तक पहुंचने के दौरान एक भी गेम नहीं गंवाया. उन्होंने अभियान की शुरुआत हमवतन प्रकृति भारत से सीधे गेमों में जीत के साथ की. इसके बाद फ्रांस की रोसी ओक्टाविया पंचसारी को हराया.
क्वार्टर फाइनल में जर्मनी की अमाली शुल्ज को मात देने के बाद सिंधु ने सेमीफाइनल में एक अन्य भारतीय अनमोल खरब को 21-13, 21-16 से हराकर फाइनल में जगह बनाई.
सेमीफाइनल में कजर्सफेल्ड ने बचाए थे चार मैच पॉइंट
दूसरी ओर, लाइन कजर्सफेल्ड को फाइनल तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी. सेमीफाइनल में उन्होंने थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग को 8-21, 21-19, 28-26 से हराया. इस 82 मिनट लंबे मुकाबले में कजर्सफेल्ड ने चार मैच पॉइंट भी बचाए थे.
हालांकि, फाइनल में उनका सामना सिंधु से था, जिनके खिलाफ उनका रिकॉर्ड पहले से कमजोर रहा है. मुकाबले से पहले सिंधु का कजर्सफेल्ड के खिलाफ हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 6-1 था. इस साल इंडोनेशिया मास्टर्स में भी भारतीय खिलाड़ी ने डेनमार्क की शटलर को हराया था.
फ्रेंच ओपन के फाइनल में खिताब से चूकने के बाद सिंधु ने अगले ही टूर्नामेंट में वापसी करते हुए ट्रॉफी जीत ली. यह जीत अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर उनकी निरंतरता के लिहाज से भी अहम है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क