'इंस्टाग्राम मॉडल्स को ज्यादा तवज्जो, हमें कोई नहीं पहचानता', छलका भारत के स्टार ख‍िलाड़ी का दर्द

Satwiksairaj Rankireddy: भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने भारतीय खेल सिस्टम और सोशल मीडिया संस्कृति पर नाराजगी जताई है. थॉमस कप में भारत को दो बार मेडल दिलाने वाले सात्विक ने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान नहीं मिलता, जबकि इंस्टाग्राम फेम लोगों को ज्यादा तवज्जो दी जाती है. उन्होंने सरकार, खेल संघ और समाज की उदासीनता पर गंभीर सवाल उठाए.

Advertisement
‘हम मेडल जीतते हैं, फिर भी कोई नहीं पहचानता’, भारतीय स्टार खिलाड़ी का छलका दर्द (Photo: ITG) ‘हम मेडल जीतते हैं, फिर भी कोई नहीं पहचानता’, भारतीय स्टार खिलाड़ी का छलका दर्द (Photo: ITG)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 07 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:33 PM IST

Satwiksairaj Rankireddy Interview: भारत के स्टार डबल्स बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने भारतीय खेल व्यवस्था, सरकार और सोशल मीडिया कल्चर को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की है. इंड‍िया टुडे को दिए एक भावुक इंटरव्यू में सात्विक ने कहा कि देश के लिए मेडल जीतने के बाद भी खिलाड़ियों को वह सम्मान नहीं मिलता जिसके वे हकदार हैं.

थॉमस कप 2026 में भारत ने चाइनीज ताइपे को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता, लेकिन सेमीफाइनल में फ्रांस से हारकर बाहर हो गया. यह तीन एडिशन में भारत का दूसरा मेडल था. इससे पहले 2022 में भारत ने ऐतिहासिक गोल्ड जीता था, जिसमें सात्विक और उनके जोड़ीदार च‍िराग शेट्टी की बड़ी भूमिका रही थी.

Advertisement

भारत लौटने के बाद सात्विक ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपना दर्द जाहिर किया. उन्होंने लिखा- हम वापस आ गए हैं. लेकिन हमेशा की तरह किसी को नहीं पता कि पिछले दो हफ्तों में क्या हुआ और शायद किसी को फर्क भी नहीं पड़ता.

'एयरपोर्ट पर किसी ने नहीं पूछा हम कौन हैं
सात्विक ने कहा कि खिलाड़ियों के साथ उपेक्षा की शुरुआत टूर्नामेंट से पहले ही हो जाती है. उन्होंने खुलासा किया कि थॉमस कप के लिए टीम को अपनी जर्सी खुद डिजाइन और प्रिंट करवानी पड़ी.

उनके मुताबिक, एचएस प्रणॉय ने सुझाव दिया था कि टीम एक स्टार वाली थॉमस कप टी-शर्ट पहने. खिलाड़ियों ने खुद डिजाइन तैयार किया, प्रिंट करवाया और कुछ टी-शर्ट बेचकर पैसा चैरिटी में दान भी किया.

सात्विक ने कहा- एयरपोर्ट पर किसी ने नहीं पूछा कि हम भारतीय बैडमिंटन टीम हैं या नहीं. इमिग्रेशन से लेकर फ्लाइट तक किसी को फर्क नहीं पड़ा. यह दिल तोड़ देता है.

Advertisement

'हमें पैसे नहीं, बस सम्मान चाहिए'
भारतीय स्टार ने कहा कि खिलाड़ियों को सिर्फ थोड़ी सराहना चाहिए. उन्होंने कहा- हमें पैसे नहीं चाहिए. बस कोई कह दे कि हमने आपका मैच देखा, बहुत अच्छा खेला. एयरपोर्ट पर एक छोटा स्वागत हो जाए, बच्चे मिल लें, इतना काफी है.  सात्विक का दर्द उस समय और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने टीम की उपलब्धि को कमतर बताया. एक वायरल पोस्ट में कहा गया कि “तीसरे-चौथे स्थान पर आने से स्टारडम नहीं मिलता है. 

1983 वर्ल्ड कप जैसा पल था थॉमस कप 
सात्विक ने कहा कि 2022 का थॉमस कप गोल्ड भारतीय बैडमिंटन के लिए वैसा ही मोमेंट हो सकता था जैसा 1983 वर्ल्ड कप क्रिकेट के लिए था.उन्होंने कहा- 1983 के बाद क्रिकेट बदल गया. पैसा आया, स्टारडम आया, इंफ्रास्ट्रक्चर आया. लेकिन थॉमस कप जीतने के बाद भी बैडमिंटन की स्थिति नहीं बदली.

उनके मुताबिक, आज भी हैदराबाद में लोग उन्हें पहचानते तक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कई बार रेस्तरां में उन्हें टेबल तक नहीं मिलती, जबकि इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर को तुरंत एंट्री दे दी जाती है.

कभी-कभी लगता है बैडमिंटन छोड़ दूं: सात्व‍िक 
25 वर्षीय सात्विक ने कहा कि कभी-कभी उन्हें लगता है कि बैडमिंटन छोड़कर इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर बन जाना चाहिए. उन्होंने कहा- मैं सोचता हूं कि इंस्टाग्राम पर डांस और गाने डालूं. शायद वहीं ज्यादा पहचान और पैसा है. अभी भी सपोर्ट नहीं है और शायद आगे भी नहीं मिलेगा.

Advertisement

उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार पर भी नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें अपने राज्य से कोई मदद या सम्मान नहीं मिलता. वहीं 2024 में उनके साथी च‍िराग शेट्टी ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा क्रिकेटरों को करोड़ों की इनामी राशि देने पर सवाल उठाए थे.

'रिटायरमेंट के बाद कोई याद नहीं रखेगा'
सात्विक ने कहा कि एक खिलाड़ी का करियर बहुत छोटा होता है और उन्हें डर है कि रिटायरमेंट के बाद लोग उन्हें पूरी तरह भूल जाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर अभी कोई पहचान नहीं रहा तो रिटायर होने के बाद कौन याद रखेगा?  सात्विक ने साफ कहा कि खिलाड़ियों को सिर्फ इतना एहसास चाहिए कि देश उनके मेडल की कद्र करता है.

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement