ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेन्स जैवलिन थ्रो स्पर्धा में पाकिस्तान के स्टार एथलीट और मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन अरशद नदीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा. बर्मिंघम 2022 में रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीतने वाले अरशद इस बार अपने खिताब का बचाव भी नहीं कर सके. तीन प्रयासों के बाद वह सिर्फ 77.41 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो ही कर पाए और नौवें स्थान पर रहकर टॉप-8 से बाहर हो गए.
अरशद नदीम की शुरुआत ही खराब रही. उनका पहला प्रयास फाउल हो गया. दूसरे प्रयास में उन्होंने 77.41 मीटर का थ्रो किया, लेकिन तब तक नीरज चोपड़ा, रोहित यादव समेत कई खिलाड़ी 80 मीटर से आगे निकल चुके थे. तीसरे और आखिरी प्रयास में उन्हें वापसी की उम्मीद थी, लेकिन उनका भाला सिर्फ 75.39 मीटर दूर ही जा सका. इसके साथ ही वह शीर्ष-8 में जगह नहीं बना पाए और मुकाबले से बाहर हो गए.
यही अरशद नदीम चार साल पहले कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में 90.18 मीटर का रिकॉर्ड थ्रो कर चैम्पियन बने थे. यह ना सिर्फ कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड था, बल्कि किसी पाकिस्तानी जैवलिन थ्रोअर का बेस्ट प्रदर्शन भी था. वह 90 मीटर की दूरी पार करने वाले पहले साउथ एशियाई जैवलिन थ्रोअर भी बने थे. लेकिन ग्लासगो में वही अरशद अपनी पुरानी लय से कोसों दूर नजर आए.
पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद से अरशद नदीम का करियर मुश्किल दौर से गुजर रहा है. फिटनेस समस्याओं के कारण उन्हें सर्जरी करानी पड़ी और वह लंबे समय तक प्रतियोगिताओं से बाहर रहे. 2026 सीजन में उनकी वापसी भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही.
दो सप्ताह पहले स्विट्जरलैंड में हुए स्पिट्जेन लीचथलेटिक लुजर्न में भी वह 78.47 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ नौवें स्थान पर रहे थे. कॉमनवेल्थ गेम्स में भी कहानी नहीं बदली और वह लगातार दूसरे बड़े टूर्नामेंट में टॉप-8 में जगह बनाने में नाकाम रहे.
खिताबी मुकाबले में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 89.75 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता. वहीं भारत के नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया. जबकि भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतने में कामयाब रहे.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क