FIFA वर्ल्ड कप जीतते ही स्पेन के ख‍िलाड़‍ियों ने काटा गोलपोस्ट का नेट, फुटबॉल में पहली बार दिखा ऐसा सेलिब्रेशन

फीफा वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद स्पेन के खिलाड़ियों ने गोल पोस्ट की नेट काटकर अपने साथ रखी, जिसने दुनियाभर के फुटबॉल फैन्स का ध्यान खींचा. यह परंपरा फुटबॉल की नहीं, बल्कि अमेरिकी बास्केटबॉल की है, जहां चैम्प‍ियन टीम नेट को यादगार के रूप में अपने साथ ले जाती है. इसकी शुरुआत 20वीं सदी की शुरुआत में इंडियाना से हुई थी.

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अर्जेंटीना को हराकर बना चैंपियन, फिर स्पेन ने क्यों काटी गोल पोस्ट की जाली? (Photo: Getty) अर्जेंटीना को हराकर बना चैंपियन, फिर स्पेन ने क्यों काटी गोल पोस्ट की जाली? (Photo: Getty)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 21 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:34 PM IST

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतने के बाद स्पेन के खिलाड़ियों का जश्न पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया. ट्रॉफी उठाने, साथी खिलाड़ियों के साथ खुशी मनाने और स्टेडियम में उत्साह के बीच एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने फुटबॉल फैन्स को हैरान कर दिया. 

कई स्पेनिश खिलाड़ी गोल पोस्ट की नेट (जाली) के टुकड़े काटते नजर आए और उन्हें अपने साथ यादगार के तौर पर ले गए.मेटलाइफ स्टेडियम में रव‍िवार दे रात खेले गए फाइनल में स्पेन ने एक्स्ट्रा टाइम में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर इतिहास रच दिया. निर्धारित 90 मिनट तक मुकाबला गोलरहित रहा, लेकिन 106वें मिनट में सब्स्टीट्यूट फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल दागकर स्पेन को उसका दूसरा फीफा वर्ल्ड कप खिताब दिला दिया.

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बास्केटबॉल की मशहूर परंपरा को अपनाया
खिताबी जीत के बाद स्पेन के खिलाड़ियों ने फुटबॉल नहीं, बल्कि बास्केटबॉल की सबसे प्रसिद्ध परंपराओं में से एक को अपनाया. उन्होंने गोल पोस्ट की नेट काटकर अपने पास रख ली. खिलाड़ियों के लिए यह नेट उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक की यादगार बन गई, जिसे वे जीवनभर संजोकर रख सकेंगे.

आमतौर पर फुटबॉल में ऐसा नजारा देखने को नहीं मिलता, इसलिए यह सेलिब्रेशन सोशल मीडिया और खेल जगत में चर्चा का विषय बन गया.

कहां से शुरू हुई नेट काटने की परंपरा?
नेट काटने की परंपरा की शुरुआत अमेरिका के इंडियाना राज्य से मानी जाती है. 20वीं सदी की शुरुआत में वहां की विजेता बास्केटबॉल टीमें चैम्प‍ियनशिप जीतने के बाद बास्केट की नेट काटकर उसे अपनी जीत की निशानी के रूप में संभालकर रखती थीं.

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यह परंपरा 1947 में दुनिया भर में चर्चा में आई, जब नॉर्थ कैरोलिना स्टेट के कोच एवरेट केस ने अपनी टीम की 'सदर्न कॉन्फ्रेंस टूर्नामेंट' जीत का जश्न मनाने के लिए खिलाड़ियों के कंधों पर चढ़कर बास्केट की नेट का हिस्सा काटा था.

एवरेट केस 1946 में नॉर्थ कैरोलिना स्टेट से जुड़ने से पहले इंडियाना में 23 वर्षों तक हाई स्कूल बास्केटबॉल कोच रहे थे. इस दौरान उन्होंने चार स्टेट चैम्प‍ियनशिप भी अपने नाम की थीं. उनके बाद यह परंपरा अमेरिकी कॉलेज बास्केटबॉल और फिर पेशेवर बास्केटबॉल में जीत के सबसे प्रतिष्ठित प्रतीकों में शामिल हो गई.

फुटबॉल में कम ही देखने को मिलता है ऐसा जश्न
फुटबॉल में ट्रॉफी जीतने के बाद खिलाड़ी आमतौर पर मेडल, मैच बॉल या जर्सी को यादगार के रूप में अपने साथ रखते हैं. लेकिन स्पेनिश खिलाड़ियों ने इस बार बास्केटबॉल की इस ऐतिहासिक परंपरा को अपनाकर जश्न को अलग ही रंग दे दिया. गोल पोस्ट की नेट के टुकड़े अब उनके लिए फीफा वर्ल्ड कप 2026 की ऐतिहासिक जीत की सबसे खास निशानी बन गए.


 

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