FIFA का नया नियम बना मुसीबत, बहस के दौरान मुंह ढकने पर इस खिलाड़ी को मिला रेड कार्ड

मिगुएल अल्मिरोन को रेड कार्ड फीफा के नए नियम के तहत मिला. इस घटना के बाद बाकी टीमों और खिलाड़ियों को भी साफ संदेश मिल गया है कि फीफा अब अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है.

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फीफा के एक नए नियम की खूब हो रही चर्चा. (Photo: Reuters) फीफा के एक नए नियम की खूब हो रही चर्चा. (Photo: Reuters)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • सांता क्लारा,
  • 20 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:38 AM IST

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों का ध्यान खींच लिया है. पराग्वे के स्टार मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन फीफा के नए 'माउथ-कवरिंग' रूल के तहत रेड कार्ड पाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए. 20 जून (शनिवार) को तुर्की के खिलाफ मुकाबले में हुई इस घटना ने साफ कर दिया कि फीफा खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो चुका है.

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सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में हुए इस मुकाबले के पहले हाफ के अंतिम मिनटों में विवाद शुरू हुआ. पराग्वे के फॉरवर्ड इसिद्रो पिटा पर हुए एक फाउल के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई. इसी दौरान मिगुएल अल्मिरोन तुर्की के डिफेंडर मेर्ट मुल्डुर से बातचीत करते नजर आए. फुटेज में देखा गया कि अल्मिरोन अपने हाथ से मुंह ढककर कुछ कह रहे थे. मुल्डुर ने तुरंत इसकी शिकायत मैच अधिकारियों से की, जिसके बाद VAR ने हस्तक्षेप किया.

रेफरी इवान बार्टन ने पिचसाइड मॉनिटर पर वीडियो देखने के बाद बिना किसी हिचकिचाहट के मिगुएल अल्मिरोन को डायरेक्ट रेड कार्ड दिखा दिया. यह निर्णय आते ही खिलाड़ी और दर्शक हैरान रह गए. यह घटना ऐसे समय हुई जब पैराग्वे 1-0 की बढ़त बनाए हुए था. अल्मिरोन के मैदान से बाहर जाने के बाद टीम को शेष मुकाबला 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा. हालांकि अच्छी बात पराग्वे के लिए यह रही कि वो इस मुकाबले को 1-0 से जीत गया.
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क्या कहता है ये नियम
फीफा ने 2026 वर्ल्ड कप से पहले खिलाड़ियों द्वारा अपमानजनक, भेदभावपूर्ण या अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए यह नियम लागू किया था. नियम के अनुसार यदि कोई खिलाड़ी किसी विवाद या टकराव की स्थिति में अपने हाथ, बाजू या जर्सी से मुंह ढककर विरोधी खिलाड़ी से बात करता है, तो रेफरी उसे रेड कार्ड दिखा सकता है.

इस नियम का मकसद उन परिस्थितियों को रोकना है जहां खिलाड़ी कैमरों और अधिकारियों से अपनी बात छिपाने की कोशिश करते हैं. फीफा का मानना है कि ऐसे मामलों में संभावित गाली-गलौज या नस्लीय टिप्पणियों की जांच करना मुश्किल हो जाता है.
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इस नियम की शुरुआत एक चर्चित घटना के बाद हुई थी. इस साल UEFA चैम्पियंस लीग में बेनफिका के युवा खिलाड़ी जियानलुका प्रेस्टियानी पर आरोप लगा था कि उन्होंने रियल मैड्रिड स्टार विनीसियस जूनियर से बहस के दौरान मुंह ढककर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. चूंकि अधिकारी यह साबित नहीं कर पाए कि वास्तव में क्या कहा गया था, इसलिए फुटबॉल के नियम बनाने वाली संस्था IFAB ने इस खामी को दूर करने के लिए नया कानून लागू किया.

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फुटबॉल में वर्षों से खिलाड़ी और कोच रणनीतिक बातचीत के दौरान कैमरों से बचने के लिए मुंह ढकते रहे हैं. हालांकि फीफा ने स्पष्ट किया है कि सामान्य बातचीत या टीम के साथियों के बीच होने वाली चर्चाओं पर यह नियम लागू नहीं होगा. लेकिन यदि कोई खिलाड़ी विवादित स्थिति में मुंह छिपाकर बात करता है, तो उसे सीधे मैदान से बाहर भेजा जा सकता है.

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