टाटा समूह से सुनील छेत्री की गुहार, भारतीय फुटबॉल के लिए जमशेदपुर FC को बचाइए

भारतीय फुटबॉल के दिग्गज सुनील छेत्री ने टाटा समूह से जमशेदपुर एफसी को बंद करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है. छेत्री ने कहा कि टाटा समूह का भारतीय फुटबॉल से अलग होना खेल के लिए बड़ी क्षति होगी.

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जमशेदपुर FC के भविष्य पर संकट (Instagram@chetri_sunil11) जमशेदपुर FC के भविष्य पर संकट (Instagram@chetri_sunil11)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:54 AM IST

भारतीय फुटबॉल के दिग्गज सुनील छेत्री ने जमशेदपुर एफसी की सीनियर टीम को बंद करने के फैसले पर गहरी चिंता जताते हुए टाटा समूह से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि भारतीय फुटबॉल में निवेश करना कभी आसान नहीं रहा, लेकिन मुश्किल समय में परिवार ही सबसे बड़ा सहारा होता है. उनके मुताबिक टाटा समूह और जमशेदपुर एफसी लंबे समय से भारतीय फुटबॉल के मजबूत स्तंभ रहे हैं.

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छेत्री ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि जमशेदपुर एफसी की पहली टीम के संचालन को बंद करने का फैसला उनके लिए 'गहरा झटका' है. उन्होंने कहा कि इससे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का भविष्य अनिश्चित हो जाएगा और संभव है कि साल के अंत तक कई लोग बिना किसी क्लब के रह जाएं.

छेत्री के मुताबिक इंडियन सुपर लीग अगले सीजन भी किसी तरह चल जाएगी, लेकिन अगर भारतीय फुटबॉल के शीर्ष स्तर से टाटा समूह का साथ खत्म हो गया तो उसकी भरपाई संभव नहीं होगी. उन्होंने कहा कि टाटा समूह का हटना भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ी त्रासदी साबित होगा.

जमशेदपुर एफसी के खिलाड़ियों ने भी क्लब मालिक टाटा समूह से इंडियन सुपर लीग (ISL) से हटने और सीनियर टीम को भंग करने के फैसले पर दोबारा विचार करने की भावुक अपील की है. क्लब ने शुक्रवार को आगामी सीजन की भागीदारी फीस जमा करने की समयसीमा चूकने के कुछ घंटों बाद ISL से हटने और पहली टीम को बंद करने का फैसला किया था.

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भारत के लिए 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके मिडफील्डर प्रणय हलदर ने पीटीआई से कहा, 'यह खबर मेरे लिए बेहद चौंकाने वाली थी. मैंने कभी नहीं सोचा था कि टाटा समूह ऐसा फैसला लेगा. मैं उनसे विनम्र अनुरोध करता हूं कि वे अपना निर्णय बदलें और ISL में हिस्सा लें. यह पूरी पीढ़ी के लिए बहुत बड़ा मंच है.'

हलदर ने कहा कि जमशेदपुर एफसी उनके लिए सिर्फ एक क्लब नहीं, बल्कि एक भावना है. उन्होंने उम्मीद जताई कि टाटा स्टील और टाटा समूह के शीर्ष अधिकारी अपने फैसले पर फिर से विचार करेंगे. 33 साल के हलदर 2021-22 में लीग विनर्स शील्ड जीतने वाली जमशेदपुर एफसी टीम का हिस्सा रहे थे. इससे पहले वह छह साल तक टाटा फुटबॉल अकादमी से जुड़े रहे.

उन्होंने कहा कि निखिल बारला, पुया, अल्बिनो गोम्स और मोहम्मद सनान जैसे कई खिलाड़ी इसी व्यवस्था से आगे बढ़कर भारतीय सीनियर टीम तक पहुंचे हैं. उनके मुताबिक अंडर-19 और अंडर-22 खिलाड़ियों के लिए यह सीनियर स्तर तक पहुंचने का बड़ा मंच रहा है और इसे बचाए रखना भारतीय फुटबॉल के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है.

भारत के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके गोलकीपर अल्बिनो गोम्स ने भी हलदर की बात का समर्थन किया. उन्होंने कहा, 'इस क्लब का बंद होना मैं स्वीकार नहीं कर पा रहा हूं. मैं सिर्फ टाटा समूह से अपील करना चाहता हूं कि वे अपने फैसले पर दोबारा विचार करें. यह एक-दो साल का नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल के भविष्य का सवाल है.'

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