टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को लेकर किए गए एक दावे पर विवाद खड़ा हो गया है. अब विराट कोहली के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा की ओर से विराट कोहली को लेकर किए गए दावे पूरी तरह झूठे, निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं.
फलाहारी महाराज ने हाल ही में आरोप लगाया कि कोहली को 2023 में पहली बार आश्रम आने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे. हालांकि, आश्रम से जुड़े एक शिष्य ने इस दावे को बेबुनियाद बताया है. और अब विराट कोहली के प्रवक्ता ने फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के इस दावे को पूरी तरह झूठा, निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत करार दिया.
विराट कोहली की ओर से जारी इस बयान के बाद साफ है कि उनकी टीम इस मामले को लेकर किसी तरह की गलतफहमी या अटकल को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहती. प्रवक्ता ने मीडिया से भी अपील की है कि किसी भी ऐसे बयान को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी तथ्यात्मक जांच जरूर की जाए.
विराट कोहली के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान में कहा, 'हम स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा द्वारा श्री विराट कोहली के संबंध में किए गए दावे पूरी तरह झूठे, निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं.'
इस बयान के जरिए कोहली की टीम ने संबंधित दावों को लेकर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है. यानी इन दावों को विराट कोहली की ओर से स्वीकार किए गए तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.
विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा कई मौकों पर प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंच चुके हैं. इन मुलाकातों की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आते रहे हैं. विराट की टीम ने अब इन मुलाकातों की वजह भी स्पष्ट की है.
प्रवक्ता के मुताबिक, विराट कोहली प्रेमानंद महाराज जी के पास पूरी तरह अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा के कारण जाते हैं. यानी उनकी टीम ने इन मुलाकातों को किसी अन्य दावे या कहानी से जोड़ने से साफ तौर पर इनकार किया है.
विराट कोहली के प्रवक्ता ने सिर्फ दावों का खंडन ही नहीं किया, बल्कि मीडिया को भी जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करने की सलाह दी है. बयान में कहा गया कि मीडिया को ऐसे बयानों को रिपोर्ट करने या उन्हें आगे बढ़ाने से पहले उचित सावधानी बरतनी चाहिए.
प्रवक्ता ने मीडिया से तथ्यों की पुष्टि करने और जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग करने की अपील की है. खास तौर पर ऐसे मामलों में जहां किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में व्यक्तिगत या संवेदनशील दावे किए जा रहे हों, वहां बिना सत्यापन के किसी बयान को आगे बढ़ाने से गलत धारणा बन सकती है.
कोहली का प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाना उनके करियर के अहम मौकों पर भी जारी रहा. 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह आश्रम पहुंचे थे. दोनों की सबसे हालिया मुलाकात इस साल जुलाई में हुई थी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क