बुरा फंसा टीम इंड‍िया का मैनेजमेंट, वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू हुआ तो सही, नहीं तो 'गंभीर' बवाल तय!

वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर टीम इंडिया सबसे मुश्किल सेलेक्शन प्रोसेस में फंस गई है. टीम इंड‍िया के बैट‍िंग कोच सितांशु कोटक ने साफ कहा कि सिर्फ डेब्यू कराने के लिए किसी खिलाड़ी को बाहर नहीं किया जाएगा. वहीं आकाश चोपड़ा ने भी अपनी प्लेइंग-11 में वैभव को जगह नहीं दी. अब अंतिम फैसला गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर पर टिका है. जो टीम चुनने के सर्वेसर्वा हैं.

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गंभीर की सबसे मुश्किल परीक्षा, वैभव का डेब्यू रुका तो होगी ट्रोलिंग? (Photo: ITG) गंभीर की सबसे मुश्किल परीक्षा, वैभव का डेब्यू रुका तो होगी ट्रोलिंग? (Photo: ITG)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • बेलफास्ट ,
  • 26 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:36 PM IST

टीम इंड‍िया और आयरलैंड के बीच बेलफास्ट में होने वाले पहले टी20 मुकाबले से पहले सबसे बड़ी चर्चा किसी रणनीति या विरोधी टीम की नहीं, बल्कि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के संभावित इंटरनेशनल डेब्यू की है. क्रिकेट को देखने वाला हर शख्स इस बात पर नजरें ट‍िकाकर बैठा है कि क्या टीम इंडिया 'बेबी बॉस' को मौका देगी या फिर मौजूदा खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखेगी.

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असल चुनौती सिर्फ वैभव को खिलाने की नहीं, बल्कि उन खिलाड़ियों के साथ न्याय करने की भी है, जिन्होंने लगातार प्रदर्शन करके अपनी जगह बनाई है. यही वजह है कि यह फैसला टीम मैनेजमेंट के लिए हाल के वर्षों का सबसे कठिन चयन माना जा रहा है.

भारत के पास विकल्प ज्यादा, जगह कम
भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत इस समय उसका गहरा बल्लेबाजी क्रम है. ओपनिंग के लिए अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी मौजूद हैं, जबकि ईशान किशन को नंबर-3 के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है.

यही वजह है कि किसी एक खिलाड़ी को मौका देने का मतलब दूसरे प्रदर्शनकारी खिलाड़ी को बाहर बैठाना होगा. यही दुविधा टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ा सवाल बन चुकी है.

आखिर किसे बाहर करें?
अभिषेक शर्मा ने पिछले डेढ़ साल में भारत के टी20 अप्रोच को पूरी तरह बदल दिया है. वह अब भी टी20 इंटरनेशनल में नंबर 1 बल्लेबाज हैं. दूसरी ओर संजू सैमसन ने हालिया टी20 वर्ल्ड  कप में शानदार प्रदर्शन कर भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी.

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अब वैभव सूर्यवंशी आईपीएल और श्रीलंका में खेले गए फाइनल मुकाबलों में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर डेब्यू के सबसे मजबूत दावेदार बन चुके हैं. लेकिन सवाल यही है कि आखिर उनकी जगह किसे बाहर किया जाए?

अगर वैभव को मौका नहीं मिलता और शुरुआती मैचों में कोई बल्लेबाज रन नहीं बनाता तो टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठेंगे. वहीं अगर वैभव को मौका मिलता है और वह सफल नहीं होते तो यह बहस शुरू हो जाएगी कि अनुभवी खिलाड़ियों को बाहर करना सही फैसला था या नहीं.

सितांशु कोटक ने पहली बार तोड़ी चुप्पी
मैच से पहले बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर खुलकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि वैभव असाधारण प्रतिभा वाले खिलाड़ी हैं और उन्होंने आईपीएल समेत दूसरे टूर्नामेंटों में अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया है.

कोटक ने कहा कि जोफ्रा आर्चर जैसे तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी वैभव बिल्कुल दबाव में नहीं दिखे. उनकी नैचुरल एब‍िल‍िटी किसी से छिपी नहीं है. हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि सिर्फ डेब्यू कराने के लिए किसी ऐसे खिलाड़ी को बाहर नहीं किया जाएगा जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा हो.

कोटक ने कहा कि अंतिम फैसला कप्तान श्रेयस अय्यर और हेड कोच गौतम गंभीर लेंगे. अगर वैभव खेलते हैं तो बहुत अच्छी बात होगी, लेकिन अगर उन्हें इंतजार करना पड़ता है तब भी यह भारतीय टीम की नॉर्मल सेलेक्शन प्रोसेस होगा. उनके मुताबिक टीम मैनेजमेंट का पहला टारगेट सबसे मजबूत प्लेइंग-11 उतारना है, न कि सिर्फ किसी युवा खिलाड़ी का डेब्यू कराना.

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आकाश चोपड़ा ने भी नहीं दी वैभव को प्लेइंग 11 में जगह 
पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने भी अपनी संभावित प्लेइंग-11 में वैभव सूर्यवंशी को जगह नहीं दी है. आकाश ने ओपनिंग के लिए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को चुना, जबकि ईशान किशन को नंबर-3 पर रखा. उनका मानना है कि जो खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके साथ न्याय होना चाहिए.

गंभीर के फैसले पर होगी सबसे ज्यादा नजर
अब इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा दबाव हेड कोच गौतम गंभीर पर रहेगा. उन्हें ऐसा फैसला लेना होगा जिसमें टीम का संतुलन भी बना रहे और किसी प्रदर्शनकारी खिलाड़ी के साथ अन्याय भी न हो.

अगर वैभव को मौका नहीं मिलता तो सोशल मीडिया पर सवाल उठना तय माना जा रहा है. वहीं अगर उन्हें डेब्यू मिलता है तो उनसे उम्मीदें भी उतनी ही बड़ी होंगी. क्योंकि एक बात तो तय है कि अगर वैभव सूर्यवंशी को 26 जून को डेब्यू का मौका नहीं मिला तो सबसे ज्यादा ट्रोल गौतम गंभीर ही होंगे, क्योंकि फाइनल प्लेइंग 11 पर मुहर वही लगाते हैं. 

इतिहास रच सकते हैं वैभव सूर्यवंशी 
अगर बेलफास्ट टी20 में वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका मिलता है तो वह भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों को मिलाकर सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे.

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यही वजह है कि यह मुकाबला सिर्फ भारत-आयरलैंड सीरीज का पहला मैच नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य से जुड़ा एक बड़ा मोमेंट भी बन चुका है. अब सबकी नजर गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर के अंतिम फैसले पर टिकी है.
 

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