क्रिकेट की पिच पर तूफानी रफ्तार... और मैदान के बाहर बेबाक जिंदगी! वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज टीनो बेस्ट का नाम सिर्फ उनकी गेंदबाजी के लिए याद नहीं किया जाता. उनकी आत्मकथा ‘Mind the Windows: My Story’ ने उनके निजी जीवन के ऐसे पन्ने खोल दिए, जिन पर क्रिकेट की खबरों से कहीं ज्यादा सनसनी मची.
आज यानी 25 अगस्त को 45 साल के हुए टीनो बेस्ट ने अपनी किताब में विदेशी दौरों की जिंदगी को लेकर ऐसे दावे किए हैं, जिन्हें पढ़कर किसी को भी यकीन करना मुश्किल हो सकता है.
क्रिकेट टूर था या ‘रंगीन रातों’ का मिशन?
बेस्ट ने दावा किया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्रिकेट खेलने के दौरान उनकी जिंदगी सिर्फ मैदान और होटल तक सीमित नहीं थी. वह महिलाओं से मिलते, डेट पर जाते और टूर की रातों को पूरी तरह एंजॉय करते थे.
उनके मुताबिक, उन्होंने अपनी जिंदगी में 500 से 650 महिलाओं के साथ डेटिंग/रिश्तों का अनुभव होने का दावा किया.
... और सबसे बड़ा खुलासा?
एक हफ्ते में पांच-छह अलग-अलग डेट्स!
यानी दिन में क्रिकेट, शाम को बाहर निकलना और रात में जिंदगी का दूसरा अध्याय- बेस्ट की आत्मकथा का यह हिस्सा किसी क्रिकेट टूर की बजाय किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा लगता है.
ऑस्ट्रेलिया दौरा बना सबसे ‘यादगार’
2005 का ऑस्ट्रेलिया दौरा बेस्ट के लिए खास रहा. 11 हफ्ते के इस दौरे को याद करते हुए उन्होंने दावा किया कि उनकी ‘गिनती’ 40 से ज्यादा पहुंच गई थी.
वह बताते हैं कि खिलाड़ियों के बीच इस मामले को लेकर एक तरह की होड़ तक लग जाती थी.
यानी मैदान पर कौन ज्यादा विकेट लेगा, यह तो क्रिकेट का मुकाबला था ही...
लेकिन टूर खत्म होने से पहले किसके ज्यादा ‘किस्से’ होंगे- इसकी भी अपनी प्रतियोगिता थी!
बेस्ट ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बारे में बेहद बेबाक अंदाज में लिखा कि मैदान पर उन्हें मनमाफिक कामयाबी नहीं मिल रही थी, लेकिन रात की जिंदगी में वह खुद को कामयाब मानते थे.
‘ऑस्ट्रेलियाई लड़कियां सबसे खूबसूरत!’
बेस्ट ने ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं की खूबसूरती और फिटनेस की जमकर तारीफ की. उनकी नजर में ऑस्ट्रेलिया की महिलाएं खास थीं और उनकी फिटनेस उन्हें सबसे ज्यादा आकर्षित करती थी.
दक्षिण अफ्रीका हो या ऑस्ट्रेलिया… बेस्ट के लिए विदेशी दौरे सिर्फ क्रिकेट खेलने का मौका नहीं थे. उनकी किताब बताती है कि वह हर देश की अपनी ‘नाइटलाइफ’ और वहां के अनुभवों को भी यादगार बनाना चाहते थे.
ड्वेन ब्रावो थे ‘क्राइम पार्टनर’!
इन रंगीन किस्सों में बेस्ट ने ड्वेन ब्रावो का भी जिक्र किया है. उन्होंने ब्रावो को अपने दौरों की मौज-मस्ती का खास साथी बताया.
वेस्टइंडीज क्रिकेट की उस पीढ़ी में पार्टी, मस्ती और बेफिक्र अंदाज की अपनी पहचान थ. क्रिस गेल भी इसी बेबाक कैरेबियाई संस्कृति के सबसे चर्चित चेहरों में रहे हैं.2015 में गेल की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी क्रिकेट जगत में खूब हलचल मचाई थी.
लेकिन बेस्ट ने गेल के बारे में एक दिलचस्प बात कही- उनके मुताबिक गेल की छवि जितनी ‘बदनाम’ दिखाई देती है, असल में वह उतने बुरे इंसान नहीं हैं.
बेस्ट के लिए असली नशा फिर भी क्रिकेट था
तमाम रंगीन किस्सों के बावजूद बेस्ट ने एक बात बिल्कुल साफ कही- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का रोमांच किसी और चीज से बड़ा था.
देश के लिए खेलना उनके लिए गर्व की बात थी. वह मैदान पर अपना सबकुछ झोंकना चाहते थे, लेकिन मैदान से बाहर जिंदगी को अपने अंदाज में जीने से भी पीछे नहीं हटे. और शायद यही टीनो बेस्ट की पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा है.
एक ऐसा तेज गेंदबाज जिसकी गेंदों में आग थी, जुबान में बेबाकी थी और आत्मकथा में क्रिकेट टूर की ऐसी ‘रंगीन रातें’ थीं, जिनके किस्से विकेटों से ज्यादा चर्चा में आ गए.
टीनो बेस्ट ने वेस्टइंडीज के लिए 25 टेस्ट, 26 वनडे और 6 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 57 विकेट हैं, जबकि वनडे में 34 और टी20 इंटरनेशनल में 6 विकेट दर्ज हैं. यानी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने कुल 97 विकेट अपने नाम किए.
मैदान पर उनका टेस्ट रिकॉर्ड भले ही बहुत बड़ा नहीं रहा, लेकिन ‘Mind the Windows’ ने टीनो बेस्ट को क्रिकेट के उन खिलाड़ियों की कतार में जरूर खड़ा कर दिया, जिनकी आत्मकथा पढ़कर लोग स्कोरकार्ड से ज्यादा उनकी जिंदगी के किस्से याद रखते हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क