आयरलैंड से पिटने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर का छलका दर्द, हार का ठीकरा किस पर फोड़ा?

श्रेयस अय्यर के बयान से साफ है कि टीम इंडिया पहले टी20 की हार को एक चेतावनी की तरह देख रही है. अब भारतीय टीम की नजरें अगले मुकाबले पर हैं, जहां वह सीरीज में बराबरी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. सीरीज का दूसरा एवं आखिरी मुकाबला 28 जून को खेला जाना है.

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भारत को आयरलैंड के हाथों मिली शर्मनाक हार. (Photo: BCCI) भारत को आयरलैंड के हाथों मिली शर्मनाक हार. (Photo: BCCI)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • बेलफास्ट,
  • 26 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:26 PM IST

India vs Ireland 1st T20I:  शुक्रवार (26 जून) को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम को 34 रनों से शर्मनाक हार झेलनी पड़ी. नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में भारत का ये पहला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला था, जिसे 'मेन इन ब्लू' यादगार नहीं बना सकी. दूसरी ओर आयरलैंड ने इस मैच को जीतकर इतिहास रच दिया. आयरलैंड की भारतीय टीम के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली जीत रही. इससे पहले आयरलैंड ने भारत के खिलाफ जो 11 मुकाबले (8 टी20I और 3 ओडीआई) खेले थे, उसमें उसे हार मिली थी.

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हार के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन पर खुलकर बात की. श्रेयस ने माना कि भारत ने मैच में शानदार शुरुआत की थी, लेकिन बीच के ओवरों में हुई गलतियों ने मुकाबले का रुख बदल दिया. कप्तान ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ मैदान पर उतर जाना काफी नहीं होता, बल्कि हर मौके का फायदा उठाना और पूरे 40 ओवर तक दबाव बनाए रखना जरूरी होता है.

श्रेयस अय्यर ने कहा कि भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद से बेहतरीन प्रदर्शन किया और आयरलैंड को शुरुआती झटके दिए. हालांकि इसके बाद टीम अपनी योजनाओं पर अमल करने में नाकाम रही. श्रेयस ने एक तरह से हार का ठीकरा गेंदबाजों के साथ-साथ बल्लेबाजों पर भी फोड़ा.

'कम स्कोर पर रोक सकते थे'
श्रेयस अय्यर का मानना है कि जिस तरह की शुरुआत भारत को मिली थी, उसके बाद आयरलैंड को कम स्कोर पर रोका जा सकता था. उन्होंने कहा, 'शुरुआत में गेंदबाजों ने शानदार काम किया. उन्हें स्विंग और सीम मूवमेंट मिली, जिसकी वजह से विकेट भी मिले. लेकिन बीच के ओवरों में हम अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर सके. हमने बल्लेबाजों को सामने की तरफ शॉट लगाने का मौका दिया, जबकि हमें पता था कि वहां बाउंड्री काफी छोटी है. मुझे लगा था कि हम उन्हें 140 रन के आसपास रोक सकते हैं. उस स्थिति में लक्ष्य का पीछा करना काफी आसान होता.'

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श्रेयस अय्यर ने इसे अपने लिए भी सीखने वाला अनुभव बताया. उन्होंने कहा कि आयरलैंड की परिस्थितियों और विकेट को समझने में इस मैच ने काफी मदद की है. श्रेयस कहते हैं, 'यहां की परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिला. विकेट को समझने का मौका मिला और यह कप्तान के तौर पर मेरे लिए भी सीखने वाला मैच रहा.'

हार के बाद श्रेयस अय्यर ने टीम को कड़ा संदेश भी दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी टीम को हल्के में लेने की गलती नहीं की जा सकती. श्रेयस ने बताया, 'आप सिर्फ मैदान पर उतरकर मैच नहीं जीत सकते. आपको हर पल मेहनत करनी होती है. अगर आपके पास विपक्षी टीम को दबाव में डालने का मौका है, तो उसे दोनों हाथों से पकड़ना होगा. हमने कुछ मौकों को गंवाया और उसकी कीमत चुकानी पड़ी.'

हर्षित और शिवम दुबे की तारीफ की
हार के बावजूद कप्तान ने हर्षित राणा और शिवम दुबे के प्रदर्शन की जमकर सराहना की. श्रेयस ने कहा, 'चोट से वापसी करने के बाद जिस तरह हर्षित राणा ने गेंदबाजी की, वह शानदार था. इस स्तर पर आकर ऐसा प्रदर्शन करना आसान नहीं होता. मैं घरेलू क्रिकेट में शिवम दुबे के साथ खेल चुका है और उनकी क्षमताओं को जानता हूं. उन्होंने पहले भी कई अहम मौकों पर गेंदबाजी की है. इसलिए मुझे उन पर पूरा भरोसा है.'

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भारतीय कप्तान ने माना कि लंबे अंतराल के बाद मैदान पर उतरने का असर टीम के प्रदर्शन में दिखा, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि अगले मुकाबले में भारत पूरी ताकत के साथ वापसी करेगा. श्रेयस ने आगे कहा, 'जो हो गया, उसे अब पीछे छोड़ना होगा. इस मैच से हमने काफी कुछ सीखा है. हमारा लक्ष्य अगले मुकाबले में पूरी आक्रामकता के साथ उतरना और बेहतर प्रदर्शन करना है.'

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