रणजी ट्रॉफी 2026-27 में बिहार की टीम का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक रहा है. बिहार ने अब तक जो चार मुकाबले खेले हैं, उसमें तीन में उसे पारी से हार झेलनी पड़ी है. वहीं एक मुकाबला उसने 10 विकेट से गंवाया. एलीट ग्रुप-ए में बिहार की टीम अंकतालिका में सबसे नीचे आठवें पायदान पर है.
बिहार के ना बल्लेबाज चल पा रहे हैं, ना गेंदबाजों का प्रदर्शन अच्छा रहा है. पहले तीन मुकाबले में साकिबुल गनी ने टीम की कप्तानी संभाली. जब उनकी कप्तानी में हार की हैट्रिक लगी तो मंगल महरौर को गोवा के खिलाफ मुकाबले से पहले कप्तानी सौंपी गई. कप्तान बदलने पर भी टीम के प्रदर्शन में सुधार नहीं आया. टीम अब लगातार चार हार झेलकर नॉकआउट स्टेज की रेस से बाहर हो चुकी है.
बिन वैभव सब सून!
बिहार को 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की भी कमी खल रही है, जो इंटरनेशनल असाइनमेंट के कारण टीम का हिस्सा नहीं बन पाए हैं. वैभव हाल में न्यूजीलैंड दौरे पर थे, जहां वो दो टी20 मुकाबलों में टीम इंडिया का हिस्सा बने. इससे पहले वैभव वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय दल में शामिल थे, जहां वो पांचों मुकाबलों में बेंच पर ही बैठे रहे. वैभव यदि बिहार की टीम का हिस्सा होते तो खिलाड़ियों में एक अलग उत्साह होता. साथ ही टीम को अपनी तूफानी बल्लेबाजी से मजबूत शुरुआत दिला सकते थे.
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वैभव सूर्यवंशी के बिना बिहार की टीम पूरी तरह बिखरी नजर आई है. बल्लेबाजी में मंगल महरौर ने जरूर कुछ अच्छा योगदान दिया. मंगल ने 4 मैचों में 35.68 की औसत से 285 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 138 रन रहा है, जो उन्होंने बड़ौदा के खिलाफ बनाया. गेंदबाजी में आमोद यादव ही चल सके हैं, जिन्होंने 4 मैचों में 12 विकेट झटके. जब एक-दो खिलाड़ी अच्छे प्रदर्शन करेंगे, तो टीम कैसे जीतेगी. अब बाकी के तीन मैचों में बिहार के खिलाड़ियों को एकजुट होकर अच्छा प्रदर्शन करना होगा, तभी टीम की लाज बचेगी.
बिहार का ऐसा रहा है प्रदर्शन
रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में बिहार ने अपना पहला मुकाबला राजगीर में उत्तर प्रदेश के खिलाफ खेला था. उस मुकाबले में टीम को पारी और 267 रनों से हार झेलनी पड़ी थी. मुकाबले में यूपी ने 540 रन बनाए थे. जवाब में बिहार ने अपनी पहली पारी में 141 रन बनाए और उसे फॉलोऑन खेलना पड़ा. फिर दूसरी पारी में बिहार की टीम 132 रनों पर ढेर हो गई.
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इसके बाद बिहार का दूसरा मुकाबला बड़ौदा के उसके होमग्राउंड रिलायंस स्टेडियम में हुआ. पहली पारी में बिहार ने 166 रन बनाए, जिसके जवाब में बड़ौदा ने 416 रनों का स्कोर खड़ा किया. बिहार के बल्लेबाजों से दूसरी पारी में अच्छे प्रदर्शन की आस थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. बिहार अपनी दूसरी पारी में 251 रन ही बना सका. यानी बड़ौदा को जीत के लिए सिर्फ 2 रनों का टारगेट मिला, जिसे उसने बिना विकेट खोए हासिल कर लिया. कुल मिलाकर अच्छी बात इस मैच में ये रही कि बिहार को इनिंग्स से हार का सामना नहीं करना पड़ा.
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मध्य प्रदेश के खिलाफ मुकाबले में तो बिहार की हालत और खस्ता दिखी. इंदौर में आयोजित इस मुकाबले में बिहार ने पहली पारी में 99 रन बनाए, जिसके जवाब में मध्य प्रदेश ने अपनी पहली पारी 407/8 के स्कोर पर घोषित की. इसके बाद बिहार की दूसरी पारी 134 रनों पर सिमट गई. यानी को इस मैच में पारी और 174 रनों से हार झेलनी पड़ी.
गोवा के विरुद्ध पणजी में खेले गए मुकाबले में भी बिहार का प्रदर्शन शर्मनाक रहा. गोवा ने अपनी पहली पारी में 397 रन बनाए. जवाब में बिहार की टीम पहली पारी में 107 रनों पर सिमट गई. इसके चलते बिहार को फॉलोऑन खेलने पर विवश होना पड़ा. बिहार के बल्लेबाज दूसरी पारी में भी फ्लॉप रहे और पूरी टीम 113 रनों पर ढेर हो गई. गोवा ने पारी और 177 रनों से यह मुकाबला जीत लिया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क