एशिया कप से पहले पाकिस्तान महिला टीम ने तैयारियों के लिए पुरुष टीम के खिलाफ पूरे T20 मुकाबले खेले.फातिमा सना की टीम ने लाहौर में अब्दुल कादिर क्रिकेट अकादमी के खिलाड़ियों के साथ मैच खेलकर दबाव में बेहतर फैसले लेने की तैयारी की.पाकिस्तान 1 सितंबर को थाईलैंड के खिलाफ अभियान शुरू करेगा, जबकि 5 सितंबर को भारत से भिड़ेगा.
महिला एशिया कप 28 अगस्त से शुरू होने वाला है, लेकिन पाकिस्तान ने इस बड़े टूर्नामेंट से पहले अपनी तैयारियों को धार देने के लिए एक अनोखा प्रयोग किया.टीम ने ट्रेनिंग कैंप के दौरान पुरुष टीम के खिलाफ बाकायदा पूरे T20 मुकाबले खेले. कप्तान फातिमा सना की टीम ने लाहौर की नेशनल क्रिकेट अकादमी में अब्दुल कादिर क्रिकेट अकादमी की पुरुष टीम के खिलाफ मुकाबले खेले, जिसमें किशोर खिलाड़ियों के साथ सीनियर क्रिकेटर भी शामिल थे.
इन मुकाबलों को महज प्रैक्टिस या सिचुएशन-बेस्ड गेम तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि पूरे T20 नियमों के तहत खेला गया. मकसद था खिलाड़ियों को ज्यादा कड़े दबाव में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग का अनुभव देना, ताकि बड़े टूर्नामेंट के अहम पलों में वे बेहतर फैसले ले सकें.
फातिमा सना ने भी माना कि पुरुष खिलाड़ियों के खिलाफ खेले गए मुकाबलों से टीम को काफी फायदा मिला. उन्होंने कहा, 'हम टूर्नामेंट के लिए अच्छी तरह तैयार हैं. हमने लड़कों के खिलाफ प्रतिस्पर्धी मुकाबले खेले, जिसमें हम पर दबाव बनाया गया. इससे मिली सीख हमें प्रतियोगिता की चुनौतियों के मुताबिक ढलने में मदद करेगी.'
खराब रहा था T20 वर्ल्ड कप अभियान
पाकिस्तान का हालिया T20 वर्ल्ड कप अभियान निराशाजनक रहा था. टीम पांच मुकाबलों में सिर्फ एक जीत दर्ज कर सकी. उसकी एकमात्र जीत नीदरलैंड्स के खिलाफ आई, जबकि दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ उसे करीबी हार मिली. भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी पाकिस्तान को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा.
हालांकि, कप्तान फातिमा सना व्यक्तिगत तौर पर पाकिस्तान के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों में रहीं. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 55 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में 11 विकेट झटके, जो प्रतियोगिता में दूसरा सर्वाधिक विकेटों का आंकड़ा था.
फातिमा के मुताबिक, इस बार टीम की तैयारी में सबसे ज्यादा जोर दबाव से निपटने पर रहा है. उन्होंने कहा, 'हमें यह समझने की जरूरत थी कि दबाव को बेहतर तरीके से कैसे संभालना है. बड़े टूर्नामेंट में यह सबसे ज्यादा सामने आता है.'
उन्होंने आगे कहा, 'दबाव की स्थिति में घबराने की बजाय शांत रहना बहुत जरूरी है. हमने लड़कियों से कहा है कि निर्णायक पलों में शांत रहें, नियंत्रण बनाए रखें, अपनी मेहनत पर भरोसा करें और अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करें.'
10 साल से फाइनल का इंतजार
पाकिस्तान ने अब तक महिला एशिया कप का खिताब नहीं जीता है. टीम 2012 और 2016 में लगातार दो बार फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन दोनों मौकों पर उसे भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा.
इसके बाद पाकिस्तान की टीम पिछले दो संस्करणों में सेमीफाइनल में ही बाहर हो गई. यानी उसे करीब एक दशक से फाइनल में जगह बनाने का इंतजार है. इस बार टीम उस सूखे को खत्म करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती.
फातिमा सना हाल में श्रीलंका के खिलाफ पाकिस्तान की सीरीज से बाहर थीं, क्योंकि वह द हंड्रेड में खेल रही थीं. अब वह एशिया कप में टीम की कमान संभालने के लिए लौट आई हैं.
भारत से 5 सितंबर को भिड़ंत
पाकिस्तान को महिला एशिया कप में ग्रुप-A में भारत, थाईलैंड और हॉन्गकॉन्ग के साथ रखा गया है. टीम अपने अभियान की शुरुआत 1 सितंबर को थाईलैंड के खिलाफ करेगी.
इसके बाद 5 सितंबर को पाकिस्तान का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत से होगा, जबकि ग्रुप चरण का आखिरी मुकाबला 7 सितंबर को हांगकांग के खिलाफ खेला जाएगा.
पुरुष टीम के खिलाफ कड़े मुकाबलों से लेकर दबाव झेलने की तैयारी तक, पाकिस्तान ने इस बार एशिया कप के लिए अपना होमवर्क पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. अब देखना होगा कि मैदान पर यह अनोखा प्रयोग फातिमा सना की टीम को कितना फायदा पहुंचाता है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क