पाकिस्तान क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा अब तक किसी बुरे सपने की तरह रहा है. 9 सितंबर से होने वाली अंतिम टेस्ट से ठीक पहले सात खिलाड़ी और दो कोचों की छुट्टी कर दी गई है. पीसीबी यही नहीं रुकी, बोर्ड ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं.
बोर्ड प्रवक्ता आमिर मीर ने पुष्टि की है कि मीडिया रिपोर्टों और टीम के खराब बर्ताव की जांच शुरू कर दी गई है. खराब प्रदर्शन और ड्रेसिंग रूम के इस अंदरूनी तनाव ने पाकिस्तान क्रिकेट के इस निराशाजनक दौरे पर विवादों की नई परतें चढ़ा दी हैं.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में आए दिन होने वाली उथल-पुथल से अब उनके अपने ही दिग्गज खिलाड़ी परेशान हो चुके हैं. पूर्व दिग्गज स्पिनर मुश्ताक अहमद ने बोर्ड के रवैये और फायरिंग कल्चर को लेकर अपनी भड़ास निकाली है. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक बोर्ड में इज्जत और सुरक्षा का माहौल नहीं होगा तब तक कोई भी अपनी जगह छोड़कर पाकिस्तान टीम का कोच बनने का जोखिम नहीं उठाएगा.
'दहशत के साये में रहते हैं खिलाड़ी'
मुश्ताक अहमद ने एक पॉडकास्ट के दौरान कहा कि हर पाकिस्तानी क्रिकेटर का सपना होता है कि वह अपने देश की सेवा करे. वह खुद भी कोचिंग की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं और यह उनके लिए एक सही समय है. लेकिन PCB में जिस तरह जल्दबाजी और जज्बात में आकर फैसले लिए जाते हैं, उससे कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ी हमेशा दहशत के साये में रहते हैं.
PCB के रवैये से खुश नहीं हैं मुश्ताक अहमद
मुश्ताक अहमद की यह नाराजगी यूं ही नहीं है. हाल ही में इंग्लैंड दौरे के बीच में ही PCB ने अचानक फैसला लेते हुए 7 खिलाड़ियों को वापस घर भेज दिया था. इतना ही नहीं पूर्व खिलाड़ी और कोच सरफराज अहमद और उमर गुल को भी रातों-रात हटाकर विदेशी कोचों माइक हेसन और एशले नोफके को कमान सौंप दी गई.
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'इज्जत और भरोसा दोगे तभी बदलेगी तस्वीर'
मुश्ताक का कहना है कि जब लोग देखते हैं कि एक ही दौरे के दौरान बिना किसी ठोस वजह के लोगों को नौकरी से निकाल दिया जाता है तो उनका भरोसा टूट जाता है. अगर PCB अपनी इस आदत को सुधार ले और कोचों को लंबे समय का भरोसा दे तो मुश्ताक समेत दुनिया भर में कोचिंग दे रहे कई पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी खुशी-खुशी देश की टीम का हाथ थामने को तैयार हो जाएंगे.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क