30 साल पहले PAK टूर पर नहीं गए थे सचिन तेंदुलकर, जानें- असली वजह

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर बुधवार को 46 साल के हो गए. 24 साल के क्रिकेट के सफर में सचिन की अपनी एक अलग पहचान है. हम आपको उनके उस वक्त के बारे में बता रहे हैं जब सचिन अपने पहले पाकिस्तान (अंडर-19) टूर पर खेलने नहीं गए थे.

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46 साल के हो गए सचिन तेंदुलकर 46 साल के हो गए सचिन तेंदुलकर

टीके श्रीवास्तव

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  • 24 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 9:06 PM IST

क्रिकेट का जिक्र होते ही सचिन तेंदुलकर अपनी जगह बना लेते हैं. 24 साल क्रिकेट के मैदान में छाए रहने वाले सचिन 24 अप्रैल 2019 को 46 साल के हो गए हैं. इस सफर के दौरान उनके नाम ऐसे-ऐसे रिकॉर्ड हैं, जो अब जनरल नॉलेज में पूछे जाते हैं. सचिन के 46वें जन्मदिन पर हम आपको को उनके उस वक्त के बारे में बता रहे हैं जब सचिन अपने पहले (अंडर-19) पाकिस्तान टूर पर खेलने नहीं गए थे.

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अंडर-19 पाकिस्तान टूर के लिए मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय टीम के संभावित 25 खिलाड़ियों का कैंप लगा था. इस कैंप में नयन मोंगिया, सौरव गांगुली, आशीष विस्टन जैदी, ज्ञानेंद्र पांडे, विजय बहादुर मिश्रा, भूपेंद्र सिंह जूनियर, अजय जडेजा, विनोद कांबली, जतिन परांजपे जैसे खिलाड़ी शामिल थे. कैंप में कोच की भूमिका वासु परांजपे निभा रहे थे.

उस कैंप में शामिल विजय बहादुर मिश्रा ने बताया कि सचिन का सिलेक्शन पाकिस्तान (अंडर-19) टूर के लिए तय माना जा रहा था. कैंप के दौरान एक मैच में सचिन ने 70 गेंदों पर शानदार शतक लगाया था. उसी वक्त सीनियर इंडियन टीम वेस्टइंडीज टूर पर जाने वाली था. सचिन को विश्वास था कि उनका सिलेक्शन इस प्रदर्शन के बाद सीनियर टीम में हो जाएगा. हालांकि उनका सीनियर टीम में चयन नहीं हो पाया, जिसके बाद वह थोड़ा मायूस भी दिखे थे.

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विजय ने बताया कि दिलीप वेंगसकर की अगुवाई में टीम इंडिया वेस्टइंडीज टूर पर जा रही थी. उस दौर में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों का जलवा हुआ करता था. सचिन की उम्र कम थी, शायद यही वजह थी कि उनको सीनियर टीम में उस वक्त मौके नहीं मिल पाया था. बताया जाता है कि सीनियर टीम में सिलेक्शन न होने के बाद सचिन ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर अपने पहले पाकिस्तान (अंडर-19) टूर पर ना जाने की इच्छा जताई थी. इस टूर पर सचिन नहीं गए थे.   

विजय बताते हैं कि इसके बाद सचिन ने ईरानी ट्रॉफी में अपना लोहा मनवाया और दिल्ली के खिलाफ रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से खेलते हुए सेंचुरी लगाई. उस वक्त दिल्ली की टीम तेज गेंदबाजों मनोज प्रभाकर, मदन लाल, संजीव शर्मा हुआ करते थे. इस बॉलिंग लाइनअप की सचिन ने जबरदस्त धुनाई की थी. लगातार दमदार पारियों के बूते आखिरकार उन्होंने टीम इंडिया में जगह बना ली.

श्रीकांत की अगुवाई में सचिन पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट टीम में डेब्यू किया. इस सीरीज में सचिन को वकार यूनुस की बॉल पर चोट भी लगी थी. टीम इंडिया में जगह मिलने के बाद सचिन ने हर हालात को सूझबूझ के साथ फेस किया और धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन के दम पर किक्रेट के भगवान बन गए.

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विजय बताते हैं कि कैंप के दौरान उन्हें पीलिया (Jaundice) हो गया था. उस वक्त कोच वासु परांजपे ने सचिन के साथ उन्हें अस्पताल भेजा था. उन्होंने बताया कि सचिन ही मुझे अस्पताल लेकर आए थे. कैंप के दौरान सचिन ने मेरी बहुत केयर की थी. रणजी ट्रॉफी प्लेयर एनसीए लेवल-2 कोच विजय बहादुर ने बताया कि उन्हें 1987 सिर में गेंद से चोट लग गई थी. 1993 में उस चोट का असर हुआ और यहीं से उनके करियर पर विराम लग गया. स्टेट बैंक मैंनेजर विजय बहादुर बताते हैं कि दिल्ली आने पर सचिन से मुलाकात होती है.

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