28 में सिर्फ 4 बार हुआ ऐसा... फॉलोऑन का फंदा, लेकिन श्रीलंका ने भारत को ही फंसा दिया! आंकड़े गवाह हैं इस 'चमत्कार' के

फॉलोऑन के बाद श्रीलंका का ऐतिहासिक पलटवार... कोलंबो टेस्ट में भारत की जीत की उम्मीदों पर श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने पानी फेर दिया. सोनल दिनुषा के दोनों पारियों में शतक और 1462 गेंदों तक चले संघर्ष ने श्रीलंका को फॉलोऑन के बाद टेस्ट बचाने में मदद की. 28 मौकों में सिर्फ चौथी बार ऐसा हुआ जब श्रीलंका फॉलोऑन के बावजूद टेस्ट बचाने में सफल रहा.

Advertisement
कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका के ऐतिहासिक प्रतिरोध के नायक सोनल दिनुषा दाएं. (Photo, AFP) कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका के ऐतिहासिक प्रतिरोध के नायक सोनल दिनुषा दाएं. (Photo, AFP)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 28 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:49 PM IST

कोलंबो टेस्ट में भारत ने जब श्रीलंका को फॉलोऑन कराया, तब मुकाबला एकतरफा नजर आ रहा था. लेकिन इसके बाद श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने जिस जिद और धैर्य का परिचय दिया, उसने पूरे मैच की तस्वीर बदल दी. सोनल दिनुषा के दोहरे शतकीय प्रतिरोध और 1462 गेंदों तक चले श्रीलंकाई संघर्ष ने भारत की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. आंकड़े बताते हैं कि यह कोई सामान्य ड्रॉ नहीं था, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में बेहद दुर्लभ पलटवार था.

Advertisement

28 में सिर्फ 4 बार बचा फॉलोऑन

श्रीलंका के टेस्ट इतिहास में यह सिर्फ चौथा मौका है जब टीम फॉलोऑन खेलने के बाद टेस्ट बचाने में कामयाब रही है. ऐसी स्थिति उसके सामने 28 बार आई है. इससे पहले 2010 में गॉल में वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रीलंका ने फॉलोऑन के बाद टेस्ट बचाया था. उसके बाद लगातार 10 मौकों पर उसे हार का सामना करना पड़ा.

यानी कोलंबो में श्रीलंका ने सिर्फ एक मैच ड्रॉ नहीं कराया, बल्कि 14 साल पुराने इंतजार के बाद फॉलोऑन से निकलकर टेस्ट बचाने का कमाल किया.

भारत ने 9वीं बार कराया फॉलोऑन, पहली बार नहीं मिली जीत

भारत ने श्रीलंका को टेस्ट क्रिकेट में 9वीं बार फॉलोऑन कराया था... लेकिन पहली 8 बार के मुकाबले इस बार कहानी अलग रही. भारत पहली बार श्रीलंका को फॉलोऑन कराने के बावजूद टेस्ट जीतने में नाकाम रहा.

Advertisement

यहीं से कोलंबो टेस्ट की असली कहानी शुरू होती है.

216 रनों की बढ़त... फॉलोऑन के बाद ऐसा पहली बार

फॉलोऑन खेलने के बावजूद श्रीलंका ने दूसरी पारी में 429/9 का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया. उसकी बढ़त 216 रनों तक पहुंची, जो फॉलोऑन के बाद श्रीलंका की सबसे बड़ी बढ़त है.

सोचिए, जिस टीम को दोबारा बल्लेबाजी के लिए इसलिए भेजा गया था कि मैच जल्दी खत्म हो, वही टीम दूसरी पारी में भारत के सामने 200 से ज्यादा रन की बढ़त लेकर खड़ी हो गई.

छठा विकेट गिरा तो शुरू हुआ असली 'खेला'

श्रीलंका ने दूसरी पारी में अपना छठा विकेट गंवाने के बाद 211 रन और जोड़े. फॉलोऑन खेलने वाली किसी टीम के लिए छठे विकेट के बाद बनाए गए ये तीसरे सबसे ज्यादा रन हैं.

इस सूची में उससे आगे जिम्बाब्वे के 225 रन और इंग्लैंड के 223 रन हैं.

यानी भारत ने जिस पारी को जल्दी समेटने की उम्मीद की थी, उसमें आखिरी चार विकेटों ने ही मैच का रुख बदल दिया.

1462 गेंदों तक चली श्रीलंका की जिद

कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका ने दोनों पारियों को मिलाकर 1462 गेंदें खेलीं. किसी पुरुष टेस्ट में पहली पारी और फॉलोऑन पारी को मिलाकर किसी टीम द्वारा इतनी गेंदें खेलने का यह 2009 के नेपियर टेस्ट के बाद सबसे बड़ा आंकड़ा है.

Advertisement

श्रीलंका के इतिहास में केवल 7 मौकों पर उसने एक टेस्ट में इससे ज्यादा या इतनी गेंदों का सामना किया है. आखिरी बार 2014 के शारजाह टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ उसने 1642 गेंदें खेली थीं.

दिनुषा ने अकेले नहीं, रिकॉर्ड के साथ लड़ाई लड़ी

इस ऐतिहासिक प्रतिरोध के सबसे बड़े नायक रहे सोनल दिनुषा. उन्होंने कोलंबो टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाए. फॉलोऑन खेलने वाली टीम की ओर से एक टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले वह सिर्फ तीसरे बल्लेबाज हैं.

उनसे पहले 1948 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विजय हजारे और 2001 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एंडी फ्लावर ने यह कारनामा किया था.

...लेकिन दिनुषा की कहानी सिर्फ इस टेस्ट तक सीमित नहीं है.

दो टेस्ट में तीन शतक- इस क्लब में अब दिनुषा भी

गॉल टेस्ट में दिनुषा ने पहली पारी में 100 और दूसरी पारी में 84 रन बनाए थे. इसके बाद कोलंबो में उन्होंने दोनों पारियों में शतक जड़ दिए.

इस तरह दो टेस्ट की सीरीज में उनके नाम तीन शतक हो गए. उनसे पहले ऐसा सिर्फ 8 बल्लेबाज कर चुके थे. खास बात यह है कि उन सभी आठ मौकों पर टीम ने या तो सीरीज जीती या उसे ड्रॉ कराया. दिनुषा इस मामले में अलग हैं- उनकी टीम ने सीरीज 0-1 से गंवाई.

Advertisement

नंबर-6 पर उतरकर भी ऐतिहासिक कारनामा

दिनुषा नंबर-6 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए किसी टेस्ट सीरीज में तीन शतक लगाने वाले सिर्फ छठे बल्लेबाज हैं. वह ऐसा करने वाले पहले श्रीलंकाई बल्लेबाज हैं और दो मैचों की सीरीज में यह उपलब्धि हासिल करने वाले भी पहले बल्लेबाज हैं.

कोलंबो में दोनों पारियों में शतक लगाकर वह नंबर-6 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए एक टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले सिर्फ पांचवें बल्लेबाज बन गए. पिछले चार में तीन श्रीलंकाई बल्लेबाज थे.

स्वीप से भी बना दिया रिकॉर्ड

भारत के खिलाफ इस सीरीज में दिनुषा ने स्वीप शॉट के जरिए 176 रन बनाए... किसी टेस्ट सीरीज में स्वीप से बनाए गए ये सबसे ज्यादा रन हैं.

उन्होंने कुल 121 स्वीप शॉट खेले, जो एक टेस्ट सीरीज का रिकॉर्ड है. इससे पहले यह रिकॉर्ड जो रूट के नाम था, जिन्होंने 2021 में श्रीलंका के खिलाफ 113 स्वीप खेलकर 168 रन बनाए थे.

पहले 5 टेस्ट में 606 रन, सिर्फ कामिंदु आगे

दिनुषा ने अपने शुरुआती पांच टेस्ट में 606 रन बना लिए हैं. श्रीलंका के बल्लेबाजों में सिर्फ कामिंदु मेंडिस ने अपने पहले पांच टेस्ट में उनसे ज्यादा रन बनाए हैं- 631.

और यहां भी एक दिलचस्प समानता है. कामिंदु और दिनुषा ने अपने शुरुआती 5 टेस्ट के ये सभी रन नंबर-6 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए बनाए हैं. इस पोजीशन पर पहले पांच टेस्ट में 550 से ज्यादा रन बनाने वाला कोई और बल्लेबाज नहीं है.

Advertisement

आखिरी दिन भी भारत को नहीं मिली सेंध

कोलंबो में श्रीलंका ने आखिरी दिन 81.2 ओवर बल्लेबाजी की और सिर्फ 3 विकेट गंवाए. एशिया में इससे पहले 2017 में दिल्ली टेस्ट में भी श्रीलंका ने भारत के खिलाफ आखिरी दिन 87 ओवर खेलकर सिर्फ दो विकेट गंवाए थे.

यानी भारत के लिए कोलंबो में चुनौती सिर्फ विकेट लेने की नहीं थी, बल्कि समय को हराने की भी थी.

आखिर में बचा क्या?

भारत ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली, लेकिन कोलंबो टेस्ट ने एक बड़ा सवाल छोड़ दिया- फॉलोऑन कराने के बाद भी मैच हाथ से कैसे निकल गया?

श्रीलंका के जवाब में आंकड़े खड़े हैं- 429/9, 216 रनों की बढ़त, 1462 गेंदें, छठे विकेट के बाद 211 रन और दिनुषा के दो शतक. फॉलोऑन का फंदा भारत ने डाला था, लेकिन उसमें फंसने से श्रीलंका बच निकला और भारत की जीत भी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »