भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से टल रही सफेद गेंद की सीरीज को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष तमीम इकबाल ने उम्मीद नहीं छोड़ी है. सितंबर में प्रस्तावित तीन वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज फिलहाल नहीं हो पाएगी, लेकिन तमीम का कहना है कि दोनों क्रिकेट बोर्ड अब भी इसके आयोजन के लिए सही समय तलाश रहे हैं.
यूट्यूब चैनल ‘नॉट आउट नॉर्मन’ से बातचीत में तमीम ने कहा कि सीरीज को लेकर अभी दरवाजे बंद नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा, 'यह तय नहीं हुआ है कि भारत के खिलाफ सीरीज नहीं होगी. दोनों बोर्ड इस सीरीज को कराने को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं.'
भारत को इसी अवधि में 13 सितंबर से अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है. ऐसे में सितंबर में भारत-बांग्लादेश सीरीज का आयोजन संभव नहीं दिख रहा. हालांकि, तमीम के मुताबिक दोनों बोर्ड दूसरे विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं और संभावित तारीखों पर विचार जारी है.
उन्होंने कहा, 'बीसीसीआई और बीसीबी दोनों विंडो तलाश रहे हैं कि इसे कब कराया जा सकता है. तारीखों को लेकर लगातार बातचीत हो रही है. अगर इरादा नकारात्मक होता तो मैं आज आपसे यह नहीं कहता कि देखते हैं क्या होता है और हमें उम्मीद है.'
रिश्तों में तल्खी के बावजूद बातचीत जारी
भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट संबंधों में इस साल उस समय तनाव बढ़ गया था, जब बांग्लादेश ने भारत में हुए टी20 विश्व कप से सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए नाम वापस ले लिया था. इससे पहले बांग्लादेशी ऑलराउंडर मुस्ताफिजुर रहमान को बीसीसीआई के निर्देश के बाद आईपीएल से बाहर कर दिया गया था, जबकि वह कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ अनुबंध में थे.
क्रिकेट से जुड़ा यह विवाद दोनों देशों के बीच बिगड़े राजनयिक रिश्तों के बीच और गहरा गया था. बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने के बाद दोनों देशों के संबंधों में खटास आई थी.
‘विश्व कप खेलना चाहिए था’
तमीम ने माना कि बांग्लादेश को उस समय बातचीत बेहतर तरीके से करनी चाहिए थी और विश्व कप में हिस्सा लेना चाहिए था.उन्होंने मुस्ताफिजुर के मामले को गलत बताते हुए कहा कि उस फैसले से पूरा देश निराश था, लेकिन खेल को राजनीति और दूसरे विवादों से अलग रखना चाहिए था.
तमीम ने कहा, 'हमें विश्व कप जरूर खेलना चाहिए था. हमें बातचीत भी बेहतर तरीके से करनी चाहिए थी. अगर पहले ही दिन आप वापसी की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ते हैं तो समाधान नहीं निकल सकता.'
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मौजूदा ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच भी ईरान ने अमेरिका में खेलने का फैसला किया. उनके मुताबिक, जब युद्ध जैसी बेहद गंभीर स्थिति में भी खेल जारी रह सकता है तो क्रिकेट को भी मुश्किल परिस्थितियों में खेल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.
तमीम का संदेश साफ है- सितंबर की सीरीज भले टल गई हो, लेकिन भारत-बांग्लादेश क्रिकेट रिश्तों में वापसी की उम्मीद अभी खत्म नहीं हुई है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क