'मैदान पर हार मिली, लेकिन आपके दिलों में कभी नहीं हारा...', संन्यास लेते वक्त छलका अजिंक्य रहाणे का दर्द

अपने विदाई संदेश में अजिंक्य रहाणे ने अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को भी याद किया. उन्होंने बताया कि एक समय वह डोंबिवली से लंबा सफर तय करके सिर्फ अभ्यास करने जाया करते थे. उसी दौरान उन्होंने एक सपना देखा था कि एक दिन भारत की जर्सी पहनेंगे.

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अजिंक्य रहाणे का छलका दर्द. (Photo: Getty Images) अजिंक्य रहाणे का छलका दर्द. (Photo: Getty Images)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • मुंबई,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:38 AM IST

अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार (30 जुलाई) को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया. रहाणे रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए इमोशनल हो गए. 38 वर्षीय रहाणे ने कहा कि जिंदगी की हर शुरुआत का एक अंत होता है और अब उन्हें लगता है कि आगे बढ़ने का यही सही समय है. उन्होंने अपने करियर के उतार-चढ़ाव को याद करते हुए कहा कि मैदान पर कई हार मिलीं, कई गलतियां भी हुईं, लेकिन क्रिकेट फैन्स के दिलों में उन्हें कभी हार का सामना नहीं करना पड़ा.

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अजिंक्य रहाणे के मुताबिक जीवन का सबसे बड़ा सच यही है कि हर शुरुआत का एक अंत होता है और जब वह समय आता है तो उसे स्वीकार कर आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा, 'जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर शुरुआत का एक अंत होता है. जब वह समय आता है तो उसका सम्मान करते हुए आगे बढ़ना चाहिए. बल्लेबाजी में मैंने हमेशा सही टाइमिंग पर भरोसा किया और उसकी अहमियत समझी. आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का यही सही समय है.'

'इस खेल को अपना सब कुछ दिया'
अजिंक्य रहाणे ने कहा, 'डोंबिवली से एक छोटे लड़के के रूप में अभ्यास के लिए सफर करने वाले उन शुरुआती दिनों से लेकर आज तक मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया. हर दिन, हर पारी और बल्लेबाजी का हर मौका मेरे लिए भारत की टोपी पहनने के सपने को जीने का जरिया था. मैंने हमेशा एक नियम का पालन किया- खुद से पहले अपने देश और अपनी टीम को रखा.'

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अजिंक्य रहाणे ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने क्रिकेट पूरी ईमानदारी के साथ खेला और हमेशा इस बात पर भरोसा किया कि अगर आपकी नीयत सही हो तो यह खेल आपका साथ जरूर देता है. उन्होंने बताया, 'मैंने यह खेल पूरी ईमानदारी के साथ खेला. मेरा हमेशा से मानना रहा कि अगर आपकी नीयत सही है तो क्रिकेट आपका ध्यान जरूर रखता है. जब मैंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पदार्पण किया था, तब से लेकर आज तक भारतीय क्रिकेट ने जबरदस्त तरक्की की है. पिछले 20 वर्षों में इस सफर का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है.'

अजिंक्य रहाणे ने साफ किया कि भले ही भारतीय क्रिकेटर के रूप में उनका अध्याय समाप्त हो गया हो, लेकिन क्रिकेट से उनका रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा. रहाणे कहते हैं, 'भारतीय क्रिकेटर के रूप में मेरी यात्रा भले ही समाप्त हो रही है, लेकिन क्रिकेट के साथ मेरा सफर जारी रहेगा. मैं अगली पीढ़ी की मदद करना चाहता हूं, इस खेल से सीखे गए मूल्यों को उनके साथ साझा करना चाहता हूं और क्रिकेट ने मुझे जो कुछ दिया है, उसे किसी ना किसी रूप में लौटाना चाहता हूं.'

अपने विदाई संदेश में अजिंक्य रहाणे ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रंण बोर्ड (BCCI), मुंबई क्रिकेट संघ (MCA), अपने सभी साथियों, कोचों, इंडियन प्रीमियर लीग की सभी फ्रेंचाइजियों, पत्नी राधिका, परिवार, दोस्तों और हर उस व्यक्ति का धन्यवाद किया, जिसने उनके क्रिकेट सफर में उनका साथ दिया.

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उन्होंने कहा, 'बीसीसीआई, मुंबई क्रिकेट संघ, मेरे सभी साथियों, कोचों, आईपीएल की सभी टीम्स, पत्नी राधिका, पूरे परिवार, दोस्तों और हर उस व्यक्ति का धन्यवाद, जो हर अच्छे और बुरे समय में मेरे साथ खड़े रहे. सबसे बड़ा धन्यवाद उन क्रिकेट प्रशंसकों को, जिन्होंने हमेशा मुझ पर भरोसा किया और मेरा साथ दिया.'

रहाणे ने अजिंक्य का मतलब बताया
अपने संदेश के अंत में अजिंक्य रहाणे ने सबसे भावुक बात कही. उन्होंने कहा कि उनके नाम का अर्थ 'अजेय' है, लेकिन क्रिकेट ने उन्हें कई बार हार का सामना करना सिखाया.

उन्होंने कहा- मेरे नाम का अर्थ 'अजेय' है, लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार भी दिखाया. एक क्रिकेटर के रूप में हम सफलता से ज्यादा असफलताओं का सामना करते हैं. मेरी टीम मैच हारी, मुझसे भी गलतियां हुईं. लेकिन एक जगह ऐसी रही, जहां मैं कभी नहीं हारा और वह जगह आपके दिल थे. आपके प्यार, विश्वास और समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद. कैप नंबर 278, अब यहीं विराम.'

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