शतक जड़ते ही मैदान पर फूट-फूटकर कर रोए अभिषेक पोरेल, जेल के दर्द पर तोड़ी चुप्पी, खोले कई बड़े राज

जेल की सलाखों से बाहर आने के बाद बंगाल के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल ने बल्ले से कमाल का प्रदर्शन किया है. अभिषेक पोरेल ने दमदार शतक जड़ अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का काम किया.

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पोरेल ने जड़ा शतक. (PHOTO: JioHostar/PTI)) पोरेल ने जड़ा शतक. (PHOTO: JioHostar/PTI))

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:22 PM IST

रेप केस और आपराधिक धमकी के आरोपों में जमानत मिलने के महज कुछ दिनों बाद बंगाल के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल ने मैदान पर जोरदार वापसी की है. कल्याणी में दिल्ली के खिलाफ खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी के पहले मुकाबले में 23 साल के इस बल्लेबाज ने नाबाद शतक जड़ दिया.

सोमवार को मैच के दूसरे दिन जैसे ही पोरेल ने अपना शतक पूरा किया, वह अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाए. वह मैदान पर घुटनों के बल बैठ गए और फूट-फूटकर रोने लगे. कुछ पलों बाद उन्होंने खुद को संभाला, फिर उठकर बल्ला उठाकर ड्रेसिंग रूम और टीम के खिलाड़ियों की तालियों का जवाब दिया. आईपीएल 2026 के बाद यह उनका पहला मुकाबला था.

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बता दें कि अगस्त में कर्नाटक की एक मेडिकल छात्रा की शिकायत पर पोरेल को गिरफ्तार किया गया था. छात्रा ने शादी का झांसा देकर रेप और धमकी देने का आरोप लगाया था. इस मामले में उन्हें सितंबर में हुगली की एक अदालत से जमानत मिली थी, जिसके बाद बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें टीम में शामिल किया.

खेल की बात करें तो पोरेल ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और अपने प्रथम श्रेणी करियर का दूसरा शतक जमाया. वह 114 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं. उनके साथ सुदीप घरमी भी 122 रन बनाकर नाबाद हैं. दोनों के शतकों की बदौलत बंगाल ने दूसरी पारी के अंत तक 3 विकेट पर 304 रन बना लिए हैं और दिल्ली पर 64 रनों की बढ़त हासिल कर ली है. इससे पहले मोहम्मद शमी की शानदार गेंदबाजी (4 विकेट) की बदौलत बंगाल ने दिल्ली को पहली पारी में 240 रन पर ढेर कर दिया था.

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अभिषेक पोरेल का छलका दर्द

शतक के बाद अभिषेक पोरेल ने खुलकर बात की और बताया कि पिछले कुछ साल उनके लिए काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में रणजी ट्रॉफी में वैसी पारियां नहीं आ रही थीं जैसी वह चाहते थे और इस दौरान कई निजी घटनाएं और चोटें भी उनके रास्ते में आईं. 

शतक पूरा होने पर उनके आंसू खुद-ब-खुद निकल आए, जिसे उन्होंने बयान करते हुए कहा कि वह मुंह से कुछ नहीं कहना चाहते बल्कि अपने बल्ले से सबका जवाब देना चाहते हैं. पोरेल ने इस मुश्किल दौर से निकालने के लिए बंगाल के कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला और अन्य सहयोगियों का दिल से शुक्रिया अदा किया. 

'जेल में एक अलग ही दुनिया देखी'

उन्होंने बताया कि किस तरह बिना प्रैक्टिस के दिनों में भी उन्हें घंटों पसीना बहाना पड़ा और कोच व सपोर्ट स्टाफ ने उनका पूरा साथ दिया. जेल के अनुभवों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने एक अलग ही दुनिया को देखा है, जिसने उन्हें मानसिक रूप से और ज्यादा मजबूत बना दिया है.

बता दें कि 23 साल के इस विकेटकीपर-बल्लेबाज को 11 अगस्त को कर्नाटक की एक मेडिकल छात्रा की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था. छात्रा ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाने के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके चलते पोरेल को एक महीने से ज्यादा का वक्त जेल में बिताना पड़ा था. रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा किया गया.

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पोरेल पर लगभग 19 गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिनमें रेप और निजी तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने के आरोप भी शामिल थे. आईटी एक्ट की सख्त धाराओं के तहत भी उन पर शिकंजा कसा गया था, जिस वजह से उन्हें लंबे समय तक कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. 

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