CWG हॉकी: सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को टक्कर देंगी भारतीय महिलाएं

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह का कहना है कि खिलाड़ियों को उनकी अब तक उपलब्धियों से संतुष्ट नहीं होना चाहिए.

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कोच हरेंद्र सिंह कोच हरेंद्र सिंह

अमित रायकवार / IANS

  • गोल्ड कोस्ट (ऑस्ट्रेलिया),
  • 11 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 3:15 PM IST

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह का कहना है कि खिलाड़ियों को उनकी अब तक उपलब्धियों से संतुष्ट नहीं होना चाहिए. हरेंद्र ने आईएएनएस के साथ साक्षात्कार में ग्रुप स्तर पर खेले गए अंतिम मैच और सेमीफाइनल की तैयारियों को लेकर बातचीत में यह बात कही. महिला हॉकी टीम ने मंगलवार को अपने अंतिम ग्रुप मैच में दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से हराने के साथ ही 12 साल बाद सेमीफाइनल में प्रवेश किया. भारतीय टीम गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना सेमीफाइनल मैच खेलेगी.

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सेमीफाइनल- भारत VS ऑस्ट्रेलिया

भारतीय महिला हॉकी टीम 12 साल बाद सेमीफाइनल में है. ऐसे में उसके लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी होगा. इस पर कोच हरेंद्र ने कहा, 'यह सही है कि हमारे लिए यह मैच बेहद जरूरी है. हमें सेमीफाइनल में पहुंचने की खुशी है, लेकिन हमें अपनी उपलब्धियों से कभी भी संतुष्ट नहीं रहना चाहिए. एक खिलाड़ी के अंदर हमेशा जीत की भूख होनी चाहिए, न कि बड़ी उपलब्धि हासिल करने की संतुष्टि.' सेमीफाइनल मैच के लिए टीम के सुधारों के बारे में हरेंद्र ने कहा, 'टीम में सुधार की बात की जाए, तो टीम प्रबंधन ने कई स्थान ऐसे देखे हैं, जहां टीम को सुधार की जरूरत है. इन स्थानों के बारे में हम ड्रेसिंग रूम में चर्चा कर रहें, जिन्हें सार्वजनिक तौर पर बताना सही नहीं होगा.'

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पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला होगा

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्रुप स्तर के अंतिम मैच में भारतीय टीम ने दो महत्वपूर्ण पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करने के मौके छोड़े थे. इस पर हरेंद्र ने कहा, 'सफलता के लिए किसी भी टीम के लिए पेनल्टी कॉर्नर बहुत मायने रखते हैं. ऐसे में पेनल्टी कॉर्नर को भुनाने के दौरान हमें बहुत ध्यान देने की जरूरत है.' बकौल हरेंद्र, 'पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल करना हमेशा टीम के प्रयासों का फल होता है, जिसमें इंजेक्टर, बैटरीज और फ्लिकर की भूमिका अहम होती है. मैं मानता हूं कि हमारा पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करने का रेट उतना अच्छा नहीं था, लेकिन हम सही वैरिएशन और डायरेक्ट फ्लिक पर काम कर रहे हैं.'

सविता हैं बेस्ट गोलकीपर

इसी मैच में दक्षिण अफ्रीका के तीन पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील होने से रोकने में अहम भूमिका निभाई थी. उनके इस प्रदर्शन के बारे में हरेंद्र ने कहा, 'सविता के प्रदर्शन में हर दिन सुधार हो रहा है और जैसे कि मैंने पहले कहा था कि वह विश्व की बेहतरीन गोलकीपरों में से एक हैं. हमें उनके प्रदर्शन को मान्यता देनी चाहिए. उनके कुछ सेव शानदार थे. हमारा काम उन्हें सही दिशा दिखाना है.'

फाइनल में पहुंचने का लक्ष्य

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सेमीफाइनल की तैयारियों के बारे में हरेंद्र ने कहा, 'हमारे लिए सेमीफाइनल एक अन्य मैच की तरह ही होगा. हमें इसके बारे में अधिक नहीं सोचना चाहिए. हम अपना खेल जारी रखेंगे. हम सब जानते हैं कि बेहतरीन टीमें ही सेमीफाइनल तक पहुंचती हैं और इसीलिए, हमारा अपने अनुशासन के साथ अपनी रणनीति और खेल पर पर टिके रहना जरूरी है."

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