क्या है टेकबॉल? जिस 'अनजान' खेल में भारत को म‍िलेगा एश‍ियन गेम्स 2026 का पहला मेडल

एश‍ियन गेम्स का आज (19 स‍ितंबर) से रंगारंग आगाज हो गया. जहां भारतीय टीम को मेडल जीतने का मौका रव‍िवार को म‍िलेगा. भारत के खाते में 2 ब्रॉन्ज मेडल म‍िल सकते हैं. खास बात यह है कि यह दोनों ही मेडल टेकबॉल नाम के खेल में आ सकते हैं.

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क्विम्सी डिसूजा (मध्य) और अनस बेग (बाएं) एशियन गेम्स 2026 में टेकबॉल में मिक्स्ड डबल्स मेडल की दौड़ में हैं (Image: Instagram/@teqballindia) क्विम्सी डिसूजा (मध्य) और अनस बेग (बाएं) एशियन गेम्स 2026 में टेकबॉल में मिक्स्ड डबल्स मेडल की दौड़ में हैं (Image: Instagram/@teqballindia)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नागोया ,
  • 19 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:55 PM IST

एश‍ियन गेम्स 2026 की शुरुआत हो गई है. 19 स‍ितंबर को आइची-नागोया एश‍ियन गेम्स की ओपन‍िंग सेरेमनी का रंगारंग आगाज भारतीय समयानुसार दोपहर ढाई बजे हुआ. लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि भारतीय टीम जिस खेल में इस बार एश‍ियन गेम्स 2026 में सबसे पहले मेडल जीत सकती है, उस बारे में लोगों को जानकारी बेहद कम है. बात हो रही है टेकबॉल (Teqball) की. भारत रव‍िवार यानी 20 स‍ितंबर को इस खेल में दो मेडल जीत सकता है. 

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पहले जापान की वर्ल्ड नंबर-7 को दी मात
एशियन गेम्स में टेकबॉल के महिला सिंगल्स इवेंट में क्विम्सी डीसूजा ने अपने अभियान की शुरुआत ही बड़े उलटफेर के साथ की. उनके सामने जापान की वर्ल्ड नंबर-7 और घरेलू खिलाड़ी यूइना सकामोटो थीं. क्विम्सी ने पहला सेट 10-12 से गंवाया, लेकिन इसके बाद शानदार वापसी करते हुए दूसरा सेट 12-11 और तीसरा सेट 13-11 से जीत लिया. इस तरह भारतीय खिलाड़ी ने 43 मिनट तक चले मुकाबले में सकामोटो को 2-1 से हराकर बड़ा उलटफेर किया.

दूसरे मैच में कंबोडिया की खिलाड़ी को सीधा हराया
पहले मैच की मुश्किल चुनौती के बाद क्विम्सी को अपने दूसरे मुकाबले में कंबोडिया की कोएमियन डीवाई का सामना करना पड़ा. इस बार भारतीय खिलाड़ी ने ज्यादा आसानी से मुकाबला अपने नाम किया.

क्विम्सी ने दोनों सेट में नियंत्रण बनाए रखा और मुकाबला 12-9, 12-7 से 2-0 से जीत लिया. यह मुकाबला सिर्फ 24 मिनट चला. लगातार दो जीत के बाद क्विम्सी ने ग्रुप में टॉप किया और सेमीफाइनल में जगह बनाई.

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सेमीफाइनल में इंडोनेशिया से हार, अब ब्रॉन्ज का मौका
ग्रुप स्टेज में इन दो जीत के बाद क्विम्सी का सामना सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की सुमाया से हुआ. भारतीय खिलाड़ी ने पहला सेट 12-7 से जीतकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन इसके बाद सुमाया ने वापसी की और अगले दोनों सेट 12-9, 12-7 से जीत लिए. क्विम्सी को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा. अब वह रविवार को महिला सिंगल्स के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में उतरेंगी.

मिक्स्ड डबल्स में भी मेडल की उम्मीद
क्विम्सी की मेडल की एक और उम्मीद मिक्स्ड डबल्स में बनी हुई है. मोहम्मद अनस इमरान बेग के साथ उनकी जोड़ी को क्वार्टर फाइनल में वियतनाम की जियान न्गी त्रिन्ह और होआंग मिन्ह तान गुयेन के खिलाफ 0-2 से हार मिली थी. वियतनामी जोड़ी ने पहला सेट 12-7 और दूसरा 12-10 से जीता.

इसके बाद भारतीय जोड़ी ने रेपेचेज में वापसी की. क्विम्सी और अनस ने फिलीपींस की अबुलेंसिया जोआना और अगस्टिन प्रिंस को 2-0 से हराया. भारतीय जोड़ी ने पहला सेट 12-3 और दूसरा 12-6 से जीतकर ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में जगह बना ली.

यानी क्विम्सी के पास अब एशियन गेम्स में भारत के लिए टेकबॉल का ऐतिहासिक मेडल जीतने के दो मौके हैं, महिला सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स.

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पहली बार Asian Games में आया है टेकबॉल
क्विमसी की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि आइची-नागोया एश‍ियन गेम्स 2026 में टेकबॉल पहली बार एशियन गेम्स का हिस्सा बना है.इस खेल की शुरुआत हंगरी (Hungary) में हुई थी. नाम और अंदाज भले नया लगे, लेकिन इसे समझने का सबसे आसान तरीका है- फुटबॉल और टेबल को मिलाकर बना खेल. टेकबॉल में एक खास तरह की मुड़ी हुई टेबल (curved table) होती है. यह देखने में टेबल टेनिस की टेबल जैसी लग सकती है, लेकिन इसमें रैकेट या पैडल का इस्तेमाल नहीं होता.

न हाथ से पकड़ना है, न रैकेट से मारना
टेकबॉल की सबसे बड़ी खासियत यही है. खिलाड़ी गेंद को हाथ से नहीं छू सकता.गेंद को वापस करने के लिए पैर, घुटने, जांघ, छाती और सिर का इस्तेमाल किया जाता है. यानी यहां फुटबॉल की स्किल्स सबसे अहम हैं.

मुड़ी हुई टेबल गेंद की दिशा और उसकी ट्रैजेक्टरी को बदल देती है. ऐसे में खिलाड़ी को गेंद पर बेहतरीन कंट्रोल, टाइमिंग, रिफ्लेक्स और सटीकता दिखानी पड़ती है. यही वजह है कि यह खेल देखने में भले आसान लगे, लेकिन खिलाड़ियों के लिए इसमें गेंद को सही एंगल और सही टाइमिंग के साथ वापस करना बड़ी चुनौती होती है.

कैसे खेला जाता है टेकबॉल?
टेकबॉल सिंगल्स और डबल्स दोनों फॉर्मेट में खेला जाता है. खिलाड़ी को गेंद विपक्षी के हिस्से में टेबल पर इस तरह पहुंचानी होती है कि वह नियमों के मुताबिक वापस न आ सके. एक खिलाड़ी गेंद को वापस करने से पहले अधिकतम तीन टच कर सकता है. साथ ही लगातार एक ही बॉडी पार्ट के इस्तेमाल को लेकर भी नियम हैं.

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आम तौर पर एक गेम 12 पॉइंट का होता है और मैच बेस्ट ऑफ थ्री फॉर्मेट में खेला जाता है. डबल्स में खेल और भी दिलचस्प हो जाता है, क्योंकि दोनों खिलाड़ियों को अपने टच को बारी-बारी से इस्तेमाल करना होता है. ऐसे में व्यक्तिगत स्किल के साथ टीम की टाइमिंग और रणनीति भी बेहद अहम हो जाती है.

टेकबॉल में कौन-कौन से इवेंट होते हैं?
टेकबॉल में कुल पांच मुख्य डिसिप्लिन हैं, मेन्स सिंगल्स, विमेन्स सिंगल्स, मेन्स डबल्स, विमेन्स डबल्स और मिक्स्ड डबल्स.

क्विमसी का मिक्स्ड डबल्स में भी अभियान जारी
क्विमसी के लिए एशियन गेम्स का दिन सिर्फ महिला सिंगल्स तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने मोहम्मद अनस इमरान बेग (Mohamed Anas Imran Beg) के साथ मिक्स्ड डबल्स में भी हिस्सा लिया.

भारतीय जोड़ी ने अपने अभियान की शुरुआत फिलीपींस की जोआना अबुलेंसिया (Jhoana Abulencia) और प्रिंस अगस्टिन (Prince Agustin) की जोड़ी को हराकर की. यानी एक जीत और... टेकबॉल भारत को Aichi-Nagoya Asian Games 2026 का पहला मेडल दिलाने वाला खेल बन सकता है.

 

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