उत्तर प्रदेश में मिट्टी की जांच और सॉयल हेल्थ कार्ड किसानों के लिए खेती का तरीका बदलने में मदद कर रहे हैं. मिट्टी में पोषक तत्वों की स्थिति की जानकारी मिलने से किसान फसल के मुताबिक खाद और उर्वरक का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे अनावश्यक खर्च कम करने और उत्पादन बेहतर करने की संभावना बढ़ती है. कई किसान मिट्टी की रिपोर्ट के आधार पर खेती की योजना बनाकर लागत घटाने और आमदनी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं.