धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया है. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण जनआंदोलन और युवाओं के धैर्य ने यह बदलाव संभव किया. साथ ही उन्होंने अब शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.