सोनम वांगचुक ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सरकार के लिए फीडबैक का काम करते हैं और उसे बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। मुंबई में आईपीएफ फेस्टिवल के दौरान उन्होंने नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश के विरोध प्रदर्शनों का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलने पर हालात बिगड़ सकते हैं।