संभल में 74 वर्षीय रामबेटी देवी की अंतिम यात्रा ने हर किसी का ध्यान खींचा. अलीगढ़ में निधन के बाद गांव से राजघाट गंगा घाट तक करीब 15 किलोमीटर लंबी शव यात्रा निकाली गई. सबसे आगे उनके पालतू हाथी मोहन और परमा चल रहे थे. पीछे अर्थी, भगवान शिव कृष्ण की झांकी और सैकड़ों ट्रैक्टरों का काफिला था. करीब एक हजार लोग इस यात्रा में शामिल हुए और भावुक विदाई दी.