कोटा। कई बार जिंदगी की सबसे बड़ी प्रेरणा बन जाती है। दरअसल कोटा के पास कैथून कस्बे के गोदल्याहेड़ी गांव के रहने वाले सागर रेगर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। आर्थिक तंगी, सीमित संसाधन और संघर्षों के बीच पले-बढ़े सागर ने न सिर्फ डॉक्टर बनने का सपना देखा.