डिप्रेशन-एंजाइटी से हैं परेशान तो घर की इस दिशा को तुरंत करें ठीक, कभी नहीं होगा तनाव

साउथ-साउथ-ईस्ट वो दिशा है जहां वास्तु दोष होने से व्यक्ति तनाव और एंजायटी महसूस करता है. इस दिशा में ज्यादा समय बिताने या यहां बेडरूम होने से भी व्यक्ति एक बात को लगातार सोचते रहने से तनाव महसूस करने लगता है. बार-बार उसके दिमाग में एक ही बात घूमती रहती है.

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पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा का वास्तु दोष एंजायटी और डिप्रेशन का कारण बन सकता है. (Photo: ITG) पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा का वास्तु दोष एंजायटी और डिप्रेशन का कारण बन सकता है. (Photo: ITG)

अंशु पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:02 PM IST

आज कल की व्यस्त और भागम-भाग जीवनशैली के दौर में चिंता, तनाव जैसी बातें आम हो गई हैं. छोटे-छोटे बच्चे तक कहने लगे हैं कि मैं बहुत टेंशन में हूं. डिप्रेशन के भी कम मरीज नहीं, जिनमें छोटे-छोटे बच्चों से लेकर युवा और बुजुर्ग तक शामिल हैं. कई बार किसी कारण से तो कई बार व्यक्ति यूं ही तनाव महसूस करने लगता है. क्या आप जानते हैं कि बेवजह होने वाला तनाव आपके घर की किस दिशा में वास्तु दोष के कारण होता है. या फिर कुछ खास दिशाओं में सोने या ज्यादा समय बिताने के कारण भी व्यक्ति को तनाव हो सकता है.

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उत्तर-दक्षिण-उत्तर
साउथ-साउथ-ईस्ट वो दिशा है जहां वास्तु दोष होने से व्यक्ति तनाव और एंजायटी महसूस करता है. इस दिशा में ज्यादा समय बिताने या यहां बेडरूम होने से भी व्यक्ति एक बात को लगातार सोचते रहने से तनाव महसूस करने लगता है. बार-बार उसके दिमाग में एक ही बात घूमती रहती है. हालांकि कुछ समय के लिए इस दिशा में समय बिताना अच्छा है. लेकिन यहां सोना और लम्बे समय तक बैठना तनाव की समस्या दे सकता है. यह दिशा वास्तु दोष रहित हो तो तनाव और एंजायटी से मुक्ति भी देती है. वहीं, वास्तु दोष होने पर आपके एनालिसिस या मंथन की क्षमता को कमजोर बना देती है. इस दिशा में टॉयलेट का होना बहुत अच्छा है.

वेस्ट-नॉर्थ-वेस्ट
पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा का वास्तु दोष एंजायटी और डिप्रेशन का कारण बन सकता है. यदि आपको अक्सर पुरानी या दुखद बातें याद करके रोना आता है तो संभव है कि आपके घर में वेस्ट-नॉर्थ-वेस्ट दिशा में वास्तु दोष है. या फिर आप यहां ज्यादा लम्बा समय बिताते हैं. ऐसा भी संभव है कि यहां आपका कमरा हो. यहां वास्तु दोष होने पर व्यक्ति अकेला बैठा-बैठा ही पुरानी बातें याद करके या किसी को कुछ बात बताते-बताते रोने लगते हैं. इस दिशा में लगातार सोने से व्यक्ति पिछली बातों को ज्यादा याद करता है. इस दिशा में रसोई, लाल और हरा रंग वास्तु दोष है. जबकि यहां टॉयलेट का होना अच्छा माना जाता है.

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क्या है उपाय?
इन दिशाओं में प्रतिदिन 10-15 मिनट का समय बिताना तो ठीक है, लेकिन अधिक समय बिताने से आपको टेंशन, डिप्रेशन और एंजायटी की समस्या घेर सकती है. छोटे बच्चों के पढ़ने का स्थान इन दिशाओं में कभी न बनाएं. जीवन के महत्वपूर्ण फैसले इन दिशाओं में बैठकर न लें. अपने जीवन की महत्वपूर्ण चीजें इन दिशाओं में न रखें. दिशा के तत्व के अनुसार, रंगों का ख्याल जरूर रखें. इन दिशाओं में घड़ी लगाने से भी टेंशन और डिप्रेशन की समस्या बनी रह सकती है. इसलिए यहां घड़ी न लगाएं.

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