फटे-पुराने कपड़ों का फैशन कहीं राहु की चाल तो नहीं? ऐसे समझें अशुभ संकेत

फटे-पुराने कपड़े पहनना या उन्हें अस्त-व्यस्त रखना राहु के नकारात्मक पक्ष को बढ़ावा देता है. खासकर फैशन के नाम पर पहने जाने वाले फटे कपड़े व्यक्ति की ऊर्जा और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं. कपड़े केवल शरीर को ढकने का माध्यम नहीं हैं. बल्कि व्यक्ति के रहन-सहन का परिचय भी देते हैं.

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फटे-पुराने कपड़े पहनना या उन्हें अस्त-व्यस्त रखना राहु के नकारात्मक पक्ष को बढ़ावा देता है. (Photo: ITG) फटे-पुराने कपड़े पहनना या उन्हें अस्त-व्यस्त रखना राहु के नकारात्मक पक्ष को बढ़ावा देता है. (Photo: ITG)

अंशु पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 23 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:48 PM IST

आज की युवा पीढ़ी में फैशन तेजी से बदल रहा है. फटी जींस, सिलवटों से भरे कपड़े, बिखरे बाल और अस्त-व्यस्त लुक को आधुनिक फैशन का हिस्सा माना जाने लगा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि व्यक्ति के रहन-सहन और वेशभूषा का संबंध ग्रहों की ऊर्जा से भी जोड़ा जाता है. फटे-पुराने कपड़े और अस्त-व्यस्त चीजों का संबंध राहु से माना जाता है. इसका प्रतिकूल प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव, सोच और व्यवहार में बड़ी दिक्कत पैदा कर सकता है.

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फटे-पुराने कपड़े पहनना या उन्हें अस्त-व्यस्त रखना राहु के नकारात्मक पक्ष को बढ़ावा देता है. खासकर फैशन के नाम पर पहने जाने वाले फटे कपड़े व्यक्ति की ऊर्जा और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं. कपड़े केवल शरीर को ढकने का माध्यम नहीं हैं. बल्कि व्यक्ति के रहन-सहन का परिचय भी देते हैं. इसलिए साफ, व्यवस्थित और अवसर के अनुसार पहनी गई वेशभूषा को राहु की ऊर्जा को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है.

अलमारी में रखे कपड़ों पर भी ध्यान जरूरी
राहु के प्रभाव को केवल पहनावे तक सीमित नहीं माना जाता है. घर में रखी वस्तुओं का रखरखाव भी महत्वपूर्ण है. सिलवटों से भरे कपड़े, बिना तह किए अलमारी में ठूंसकर रखे गए वस्त्र और लंबे समय से इस्तेमाल न किए जा रहे पुराने कपड़ों का ढेर घर में दरिद्रता ला सकता है. बिस्तर की चादर पर अनावश्यक सिलवटें और कमरे में फैले कपड़े भी इसी श्रेणी में रखे जाते हैं. इसलिए अलमारी को समय-समय पर व्यवस्थित करना, कपड़ों को तह करके रखना और खराब या अनुपयोगी वस्तुओं को अलग करना अच्छा माना जाता है.

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राहु बिगड़ने के क्या हैं संकेत?
राहु का प्रतिकूल प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव में अधिक दिखाई दे सकता है. मन में असुरक्षा, बेचैनी, बिना वजह क्रोध, भ्रम, जल्दबाजी में निर्णय लेना इसका नकारात्मक संकेत हो सकते हैं. अच्छी सिचुएशन में होते हुए भी व्यक्ति गंदे और फटे हुए कपड़ों का त्याग नहीं करता है. ऐसी चीजों के पीछे भागने लगता है जिनकी वास्तव में उसे आवश्यकता नहीं होती है. इसके विपरीत राहु की सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति को आधुनिक सोच, नई तकनीक सीखने, अलग दृष्टिकोण अपनाने और कठिन परिस्थितियों में रास्ता खोजने की क्षमता दे सकती है.

राहु के वास्तु दोष को ऐसे सुधारें
राहु को सकारात्मक रखने के लिए सबसे पहले अपने आस-पास की अव्यवस्था कम करनी चाहिए. कपड़े साफ और व्यवस्थित रखें. फटे या ज्यादा पुराने कपड़ों को अलग कर दें. अलमारी में कपड़ों को तह करके रखें. बाल और व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देना भी जरूरी है. अनावश्यक झूठ, छल-कपट, दिखावा और दूसरों की नकल करने से बचना चाहिए.

राहु को सकारात्मक दिशा देने के लिए नई तकनीक और ज्ञान का सदुपयोग करें. जरूरतमंद लोगों की सहायता करना औप अपने व्यवहार में संयम रखें. राहु केवल डराने वाला ग्रह नहीं है. सही दिशा में इसकी ऊर्जा व्यक्ति को असाधारण सोच, तकनीकी समझ, शोध क्षमता और कठिन परिस्थितियों से निकलने का साहस दे सकती है. इसलिए फैशन अपनाएं, लेकिन फैशन के साथ स्वच्छता, अनुशासन और सलीका भी बनाए रखें.

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